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विष्णुकांत शास्त्री की कमी महसूस होती है: राम नाईक

अवकाश प्राप्त प्रशासनिक अधिकारी आरके ओझा ने रविवार को राज्यपल राम नाईक से मुलाकात कर उन्हें पूर्व राज्यपाल स्व. विष्णुकांत शास्त्री के भाषणों का संग्रह 'विचार प्रवाह' की प्रति भेंट की। राम नाईक ने कहा कि पुस्तक का आवरण देखकर ही विष्णुकांत शास्त्री की समृतियां जीवंत हो उठी हैं। उनकी कमी आज भी महसूस होती है। राज्यपाल ने कहा कि शास्त्री जी के साथ उनका करीबी संबंध रहा है। पार्टी और संगठन में उनके साथ काम करने का अवसर मिला। स्व. शास्त्री विद्वता, सादगी तथा स्नेह की प्रतिमूर्ति थे। उनके भाषण ज्ञानवर्धक होने के साथ ही आकर्षित करते थे। स्मरण शक्ति भी उनकी अद्भूत थी। स्व. शास्त्री को हिन्दी और उर्दू के अनेक साहित्यकारों तथा कवियों की कृतियां एक तरह से कंठस्थ थी। गौरतलब है कि आरके ओझा राजभवन में विष्णुकांत शास्त्री के कार्यकाल के दौरान विशेष सचिव रह चुके हैं। भाषण संग्रह का सम्पादन डॉ. प्रेमशंकर त्रिपाठी ने किया है। स्व. शास्त्री के 38 भाषणों के संग्रह ‘विचार प्रवाह की भूमिका डॉ. शिव ओम अम्बर द्वारा लिखी गयी है।

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  • Web Title:Feeling Vishnukant Shastri lacks : Ram Naik
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