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घाघरा ने कटान की तेज, नदी में समाया खेत व मकान

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1 / 2बौंडी के गोलागंज गांव में कटान करती घाघरा।

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2 / 2नदी से निकाला गया सारस।

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सुबह हुई बारिश ने कटान पीड़ितों की दुश्वारियां और बढ़ा दी हैं। 48 घंटों से घाघरा तेजी से घट रही है। सोमवार को तीन बजे जलस्तर खतरे के निशान से 72 सेमी नीचे पहुंच गया। पांच बीघा खेत व एक मकान घाघरा की धारा में समा गए। वहीं प्रशासन की ओर से पीड़ितों को मिलने वाली सहायता नाकाफी है। 
इस बीच बेलहा-बहरौली तटबंध स्थित बिसवां, घूरदेवी व छत्तरपुरवा गांव को बचाने के लिए बनाए गए स्पर नम्बर एक पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। इस स्पर की सुरक्षा के लिए बनाए जा रहे कटर के बीच घाघरा की कटान तेज हो गई है। दोपहर में दो बजे दो निर्माणाधीन कटर के बीच करीब 10 मीटर चौड़ाई में 4 मीटर भूमि धारा में समाहित हो गई। जिससे क्षेत्रवासियों में हड़कंप मच गया। स्पर की सुरक्षा को खतरा बढ़ गया है। लगभग दो माह पूर्व डीएम ने इस स्पर का निरीक्षण कर शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे, किन्तु काम देर से शुरू हुआ। जिसका खामियाजा क्षेत्रवासियों को भुगतना पड़ सकता है। 

घाघरा में डूब रहे सारस को बचाया 
बहराइच के बौंडी के गोलागंज गांव के निकट घाघरा में सारस बहता हुआ जा रहा था। तेज लहरों में फंसा सारस निकलने की कोशिश कर रहा था, किन्तु निकल नहीं पा रहा था। उसे देखकर गांव के अमरीश, दयाराम, गोपाल व सालिकराम जान जोखिम में डाल कर नदी में कूद गए और उसे बचा लिया। इसके बाद घाघरा से निकाले गए सारस को पास में स्थित गन्ने के खेत में छोड़ दिया गया। 

 

 

 

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  • Web Title:Farm and house in the Ghaghra river
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