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आँगनबाड़ियों ने दी विधानभवन घेरने की चेतावनी

विनियमितिकरण किए जाने समेत पांच सूत्री मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का गुरूवार को भी धरना लक्ष्मण मेला मैदान में जारी रहा। उन्होंने शुक्रवार को विधानभवन घेराव की चेतावनी दी। उनका कहना है कि अभी तक उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। लिहाजा आंदोलन तेज करने के अलावा अब उनके पास कोई और रास्ता नहीं है। यह सभी उप्र. आंगनबाड़ी कार्यकत्री/सहायिका संघ के बैनर तले एकजुट हैं। संगठन की प्रदेश अध्यक्ष किरन वर्मा ने कहा कि लक्षमण मेला मैदान में करीब एक माह से धरना दे रही हैं। इस बीच शासन और प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सीएम से वार्ता के लिए भी कई बार कोशिश की गई लेकिन किसी ने आँगनबाड़ियों की सुध नहीं ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के इस रवैये से उनमें आक्रोश व्याप्त है। अपनी मांगों के समर्थन में शुक्रवार को सैकड़ों कार्यकत्री विधानभवन कूच करेंगी। उन्होंने बताया कि वह लोग विनयमितिकरण की मांग कर रही हैं। जब तक विनियमित नहीं किया जाता आँगनबाड़ियों को 20 हजार, मिनी आँगनबाड़ियों को 15 हजार व सहायिकाओं को दस हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। मौजूदा वक्त में उन्हें बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है जो जीवन जीने योग्य भी नहीं है। आंगनबाड़ियों की संख्या में हुआ इजाफा विधानभवन घेराव की रणनीति का पता चलते ही गुरूवार सुबह से ही धरनास्थल पर आंगनबाड़ियों का जुटना शुरू हो गया। शाम तक इनकी संख्या करीब पांच सौ तक पहुंच गई थी। संगठन की प्रदेश अध्यक्ष कीरन वर्मा का कहना है कि प्रदेश भर से सैकड़ों आँगनबाड़ियों के जुटने का अनुमान है।

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  • Web Title:dharna
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