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अपराधियों को CM योगी की चेतावनी: अपराधी जो भाषा समझें, उसी में समझाएंगे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि उनके लिए यह पद कोई आभूषण नहीं, बल्कि दायित्व है। यह प्रतिष्ठा उनकी परीक्षा भी है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुझ पर जो विश्वास जताया है, उसकी परीक्षा में खरा उतरने के लिए काम करूंगा। प्रदेश में कुछ घटनाएं हुईं, जो दुखद हैं। अपराधियों से सख्ती से निपटेंगे। अपराधी जो भाषा समझेंगे, उनको उसी में समझाएंगे। अपराधों की लौ अब बुझने वाली है। जिसको मरना होता है, वह मरने से पहले तेजी से सांस लेता है। मुख्यमंत्री के जवाब के साथ ही विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित हो गया। 

मुख्यमंत्री ने करीब दो घंटे के अपने भाषण में अपनी सरकार की विकास योजनाएं को सामने रखा, वहीं कानून-व्यवस्था, राम मंदिर, तीन तलाक, बूचड़खाने, आरएसएस से संबंधित ज्वलंत विषयों पर खुलकर विचार रखे। साथ ही, पूर्व की सपा और बसपा सरकार को घेरा। 

उन्होंने कहा, हम तय कर चुके हैं कि कोई अपराध, अपराधी और अपराधी को संरक्षण देने के लिए कोई जगह नहीं होगी। अपराध और अपराधियों से निर्ममता से निपटेंगे। यदि गरीब-कमजोर का उत्पीड़न किया तो उसे खुद के भविष्य के बारे में सोचना होगा। हमारा विश्वास है कि प्रदेश का सर्वांगीण विकास, सुशासन और भयमुक्त समाज होकर रहेगा। सरकार को दो महीने हुए हैं और जिन्होंने पांच-पांच साल सरकार चलाई वे हिसाब मांग रहे हैं। दो महीने का कार्यकाल ज्यादा नहीं होता, लेकिन उनके दो महीने सपा-बसपा की 15 साल के कार्यकाल पर भारी हैं। 

मुख्यमंत्री के जवाब की खास बातें 
- अपराध, अपराधी और अपराधी संरक्षण के लिए कोई जगह नहीं 
- अपराध और अपराधियों से निर्ममता से निपटेगी सरकार 
- अपराधी का राजनीतिकरण और तबादलों का औद्योगीकरण बंद होगा 
- राम मंदिर पर विपक्ष प्रस्ताव रख दे, हम पारित करा देंगे  
- पहली बार सदस्य को सदन में सीटी बजाते देखा, अजीब लगा  
- तीन तलाक को रोकने से ही मातृ शक्ति का सशक्तिकरण होगा 
- जहां दलितों को मंदिर में प्रवेश नहीं होगा वहां मैं खुद प्रवेश कराने जाऊंगा 
- सरकार किसी राजनीतिक पूर्वाग्रह से काम नही करेगी 
- डेढ़ लाख पुलिस कर्मियों की भर्ती लिखित परीक्षा और पारदर्शिता के साथ करेंगे 
- सपा-बसपा के 15 साल पर उनके दो माह का कार्यकाल भारी 
- किसानों के कर्ज माफी के बदले सरकार लोगों पर कोई नया टैक्स नहीं लगाएगी 
- चीनी मिलों को औने-पौने दामों पर बेचा गया 
- कानून का राज और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए सबको साथ लेकर चलेंगे 
- अभी लालबत्ती उतारी, हूटर बजाने की संस्कृति भी समाप्त करेंगे
- पहले सरकार को इतना राजस्व नहीं मिलता था, जितनी संपत्ति खनन मंत्री कमा लेते थे  
- प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक शिक्षा में पूरा बदलाव होगा 
- बुंदेलखंड के लोगों के हित में केन और बेतवा नदी को जोड़ने जा रहे हैं 
- आरएसएस नहीं होता तो कश्मीर, पंजाब और पश्चिम बंगाल नहीं होता 
- प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 40 हजार नई बसें चलाई जाएंगी
- दो साल आगे तक के शराब के ठेके दे गई पुरानी सरकार 
- हाईवे के साथ स्टेट हाईवे पर भी नहीं बिकेगी शराब 
- मेरठ व दिल्ली के बीच रैपिड रेल के लिए 32 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर सहमति दी 

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेस का बहिर्गमन 
प्रदेश में खराब कानून व्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेस ने शुक्रवार को विधानसभा से वाकआउट कर दिया। सदन से बाहर निकलने के बाद कांग्रेसी सदस्यों ने गलियारे में धरना प्रदर्शन भी किया। कांग्रेस प्रश्न प्रहर की कार्यवाही रोककर चर्चा की मांग कर रही थी। 

सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू खड़े होकर नियम-311 के तहत चर्चा कराने की मांग करने लगे। उन्होंने कहा कि हाल ही में वाराणसी, गोरखपुर व मथुरा में सराफा व्यापारियों के साथ हुई लूट की घटनाओं से खासी नाराजगी है। सहारनपुर में जो घटना हुई है और नोएडा में लगातार घटनाएं हो रही हैं। डीजीपी व मंत्री के सामने मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। लखनऊ में टेम्पो स्टैंड संचालक को दिनदहाड़े गोली मारी गई। कानून-व्यवस्था तार-तार हो रही है और सरकार पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित कर पल्ला झाड़ रही है। इसके चलते सरकार के प्रति भारी रोष ए‌वं आक्रोश है। उन्होंने मांग की कि ऐसे में सदन की कार्यवाही रोककर कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर चर्चा कराई जाए।

विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि पहले प्रश्न प्रहर होने दिया जाए। इसे बाद में देखा जाएगा। इस पर असंतुष्ट होकर कांग्रेस सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया। बाद में कांग्रेसी सदस्य गलियारे में धरने पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। 

बिजली के मुद्दे पर सपा का वाकआउट
प्रदेश में बिजली आपूर्ति के मुद्दे पर विधानसभा में शुक्रवार को सपा और सत्तापक्ष में नोकझोंक हुई। प्रदेश में कितनी यूनिट बिजली सप्लाई हो रही है इस सवाल का माकूल जवाब न मिलने और मंत्री श्रीकांत शर्मा के जवाब से असंतुष्ट सपा सदस्य सदन से बाहर चले गए।

प्रश्न प्रहर में सपा के नितिन अग्रवाल ने जानना चाहा कि प्रदेश में जिला मुख्यालयों, तहसीलों और गांवों को कितने घंटे बिजली दी जा रही है। बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि जिला मुख्यालयों को सपा सरकार में 13 घंटे, अभी 17 घंटे, तहसीलों को अभी 19.8 घंटे जबकि सपा सरकार में 15.45 घंटे बिजली दी जा रही थी। सरकार ने बिजली सप्लाई में हालात सुधारे हैं। इस पर नितिन अग्रवाल ने अनुपूरक प्रश्न किया कि कितनी यूनिट बिजली सप्लाई की जा रही है और कितनी यूनिट की डिमांड है।

इस सवाल पर बिजली मंत्री के सीधा जवाब न देकर कहा कि पहले की सरकार में वीवीआईपी इलाकों में ही बिजली दी जा रही थी लेकिन अब सरकार ने किसानों को वीवीआईपी माना है और गांवों में बिजली 23 घंटे दी जा रही है। प्रदेश में 17,819 मेगावाट बिजली की मांग है जबकि 18,500 मेगावाट उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि 317 बिलियन यूनिट सप्लाई की जा रही है। सरकार 1000 से 500 मेगावाट बिजली खरीद रही है।

इस पर सपा के आजम खां ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि इतना बता दें कि क्या जो बिजली दी जा रही है, वह पिछली सरकार के इंतजामों की बदौलत है या सरकार ने कुछ नई व्यवस्था की है। सीधा-सीधा जवाब दे दें। इस पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की तो आजम खां ने हस्तक्षेप किया। तभी भाजपा सदस्यों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया। इस पर आजम खां बोले, 'हम लोग भी उधर थे तो यही किया करते थे। हश्र यह हुआ है कि हम इधर आ गए हैं। थोड़ा सीखो, हम जो करने लगे थे वह आप कर रहे हो। हमने तो तीन-चार साल बाद किया था लेकिन आप तो तीन-चार हफ्ते में करने लगे हो। 

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  • Web Title:CM Yogi warns criminals