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महिला सीट होते ही बीजेपी में घट गए मेयर के दावेदार

---पहले महापौर के लिए पांच दर्जन से ज्यादा लोग कर रहे थे दावेदारी वहीं महिला सीट होने से दावेदारों की संख्या एक दर्जन के अन्दर सिमटी

लखनऊ। प्रमुख संवाददाता

महापौर सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होते ही बीजेपी में टिकट के दावेदारों की संख्या घट गयी। पहले जहां पांच दर्जन से ज्यादा नेता व कार्यकर्ता दावेदारी कर रहे थे वहीं अब इनकी संख्या दर्जन भर के अन्दर सिमट गयी है। महिला सीट होते ही बीजेपी की कई धुरन्धर नेता शान्त हो गए हैं। चार चार से लगातार चुनाव जीतने वाले उन निर्वतमान पार्षदों की भी दावेदारी खत्म हो गयी है जो महापौर के टिकट की ड़ में थे। दावेदारों की संख्या कम होने से बीजेपी को मेयर प्रत्याशी चुनना अब काफी आसान हो जाएगा।

लखनऊ की महापौर की सीट महिला के लिए आरक्षित होने से बीजेपी के तमाम नेताओं को राहत सांस मिली है। पहले तमाम दावेदार होने से मेयर टिकट को लेकर बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं के ऊपर काफी दबाव था जो अब काफी कम हो गया है। मेयर प्रत्याशी केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व महापौर डॉ. दिनेश शर्मा, लालजी टण्डन, आशुतोष टण्डन गोपाल जी, महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा सहित कुछ और बड़े नेताओं की सहमति से ही चुना जाना है। ज्यादा दावेदार होने से प्रत्याशी चयन में इन नेताओं को ज्यादा माथापच्ची करनी पड़ती लेकिन अब इनके लिए यह काम काफी आसान हो गया है। भाजपा के कई निवर्तमान व पूर्व पार्षद महापौर के टिकट के लिए दावेदारी कर रहे थे। उनकी भी दावेदारी महिला सीट होने के साथ खत्म हो गयी। कार्य वाहक महापौर सुरेश अवस्थी, पांच बार से लगातार पार्षद रमेश कपूर बाबा, मनकामेश्वर वार्ड के पार्षद रंजीत सिंह, पूर्व पार्षद मुन्ना मिश्रा, तीन बार लगातार पार्षद रहे गोविन्द पाण्डेय, पूर्व पार्षद अरविन्द मिश्रा, साकेत शर्मा, सौरभ सिंह, अरुण तिवारी, राजेन्द्र पाण्डेय सहित करीब दो दर्जन पार्षदों के दावेदारी की भी बात चल रही थी। लेकिन अब यह सभी भी टिकट की रेस से बाहर हो गए हैं। इनमें से कुछ अब फिर से पार्षद के टिकट के लिए दावेदारी करेंगे।

इसी तरह शहर के तीन दर्जन से ज्यादा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने महापौर के लिए पार्टी में अलग अलग फोरम पर दावेदारी रक खी थी। रिटायर्ड आईएएस दिवाकर त्रिपाठी, पूर्व विधायक सुरेश तिवारी, महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा, महामंत्री पुष्कर शुक्ला, अनुराग मिश्रा अन्नू, त्रिलोक सिंह अधिकारी सहित कई नेता व वरिष्ठ कार्यकर्ता भी इसकी दौड़ में बताए जा रहे थे। अब यह भी बाहर हो गए हैं। खुद महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा कहते हैं कि महिला सीट होने से अब मेयर की दौड़ के चेहरे कम हो गये हैं। पार्टी को प्रत्याशी के चयन में काफी आसानी होगी।

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