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दाखिले के बाद बीबीएयू जारी कर रहा प्रवेश नीति

लखनऊ। निज संवाददाताबाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू)प्रशासन ने शुक्रवार को शैक्षिक सत्र (2017-2018) में दाखिले के लिए प्रवेश नीति जारी की है, जबकि विश्वविद्यालय में स्नातक और स्नातकोत्तर में करीब-करीब दाखिले पूरे हो चुके हैं। केवल पीएचडी के दाखिले ही बचे हैं।बीबीएयू में वर्तमान शैक्षिक (2017-2018) के लिए दाखिले की प्रक्रिया समय से शुरू हुई थी, लेकिन सीबीआई छापे के बाद प्रवेश परीक्षा बीच में ही रोक देनी पड़ी थी। इसके बाद अगस्त में दोबारा प्रवेश परीक्षा कराई गई। इस तरह पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार दाखिले करीब दो माह देर से हो रहे हैं। अब जब कि स्नातक और स्नातकोत्तर के दाखिले की प्रक्रिया अपने अन्तिम चरण में चल रही है,तब विश्वविद्यालय को प्रवेश नीति की याद आई। इसको लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अब इस प्रवेश नीति जारी करने का मतलब क्या है? छात्र दाखिल ले चुका है। विभाग दाखिले पूरे कर चुका है। ऐसे में यह प्रवेश नीति किसके लिए जारी की गई है? -----------------------------------------------------प्रवेश नीतिबीबीएयू की अधिकृत वेबसाइट पर जारी प्रवेश नीति में कहा गया है कि विश्वविद्यालय के एकेडमिक आर्डिनेंस के अनुसार दाखिले में अनुसूचित जाति एवं जनजाति को दिए गए 50 फीसदी आरक्षण का सख्ती से पालन किया जाए। साथ ही उन्हें जीरों फीस पर दाखिले उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा छात्रवृत्ति और फीस प्रति पूर्ति के सम्बन्ध में बनाए गए नियमों के तहत दिए जाएंगे।

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  • Web Title:Admission policy issuing BBA after admission
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