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सावन के दूसरे सोमवार को शिवालयों में लगी भीड़

लखनऊ। निज संवाददातासावन के दूसरे सोमवार को शहर के शिववालयों में भक्तों का तांता लगा रहा। शिव भक्त शिव का प्रसन्न करने के लिए दूध, गंगा जल, गन्ने के रस शहद, बेल पत्र, धतूरा आदि से पूजन से पूजन किया और रुद्राभिषेक किया। बहुत से मन्दिरों में ओम नम: शिवाय का पाठ और श्रीराम चरित मानस पाठ हुआ।मनकामेश्वर मन्दिरडालीगंज के मनकामेश्वर मन्दिर में भक्त हाथों में लिए बेल पत्र, धतूरा, गंगाजल, कमल के फूल लिए दर्शन के घंटों लाइन में लगे रहे। सुबह के समय गोमती बंधे तक हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे लाइन में लगे ओम नम: तथा बोल बम बम के जयघोष के साथ आगे बढ़ते रहे। मन्दिर के अन्दर पहुंचने पर भक्तों का खुशी का ठिकाना न रहा। अपने आराध्य के दर्शन और पूजन कर अपने को कृतार्थ समझ रहे थे। भक्तों को गंगाजल का वितरण भी निशुल्क किया जा रहा था। शाम को बिजली की रंगबिरंगी सजावट से मन्दिर की खूबसूरती देखने वाली थी। मन्दिर के बाहर मेला लगा। जिसमें लोगों ने खूब खरीदारी की। बाहर फूल और प्रसाद की दुकाने भी सजी थी। अमरनाथ यात्रा में मारे गये भक्तों की आत्मा की शांति के लिए भोलेनाथ से प्रार्थना की गई। बहुत कावड़ियों ने भोलेनाथ का जलाभिषेक करने आये। 108 नामों से हुई शिव आराधनासदर बाजर स्थित द्वादश ज्योर्तिलिंग धाम मन्दिर में सावन के दूसरे सोमवार को 14 परिवारों ने भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिये रुद्राभिषेक सम्पन्न कराया। राजधानी के पं0 मंगलू पाधा व अन्य विद्वान आचाय्र द्वारा पूजन सम्पन्न हुआ। सुबह 6 बजे से 10 बजे तक चे पूजन में 14 परिवारों ने एक ज्योर्तिलिंग पर रुद्राभिषेक किया बाकी ज्योर्तिलिंग पर पूजन सम्पन्न हुआ। पूजन में राजेश, मनोज, विजय, गोविन्द, सुधीर, दिनेश, सौरभ, संतोष, विशाल, प्रशांत, बाबू लाल, लता गुप्ता समेत अन्य लोगों ने पूजन में भाग लिया। पूजन में 108 नामों से भगवान भोलेनाथ की आराधना हुई। समी की पत्ती, शहद, गन्ने के रस,से अभिषेक किया गया। सभी मन्दिरों में 251 कमल के फूलों से श्रंगार हुआ। आज मन्दिर के ऊपर तल पर द्वादश ज्योर्तिलिंग मन्दिर में रुद्राभिषेक हुआ और नीचे शिव मन्दिर में भक्तों ने जलाभिषेक किया। मन्दिर में दर्शन करने वालों की अधिक भीड़ होने पर कमेटी द्वारा लाइन लगवाकर दर्शन कराने दिया गया। इस मौके पर शिवालय सेवा एवं प्रबंधन समिति के अशोक वैश्य और सुनील वैश्य, आलोक सिंघल, अंकूर अग्रवाल आदि लोग थे। महाकाल शिव मन्दिरराजेन्द्रनगर के महाकाल शिव मन्दिर में सावन के दूसरे सोमवार को भोर के चार बजे जैसे भस्म आरती शुरु की वैसे ही मन्दिर जय महाकाल के जयघोष से गूंज उठा। उज्जैन के महाकालेश्वर की तरह भस्म आरती देख भक्त भोलेनाथ के दीवाने हो गये। भस्म आरती के बाद भोलेनाथ का हरिहर जल से पंचामृत स्नान हुआ। अतुल मिश्रा ने बताया कि शाम को भोलेनाथ से ट्रामा सेन्टर में आग से मरने वालों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।चौकचौक स्थित कोनेश्वर महादेव मन्दिर में सुबह से लेकर रात तक भक्तों का तांता लगा रहा। मन्दिर में शिवलिंग का फूलों से श्रंगार दर्शनीय रहा। पुलिस लाईन स्थित हरिओम शिव मन्दिर में आचार्य जितेन्द्र महाराज के सानिध्य में रुद्राभिषेक हुआ। इसके अलावा चौपटिया स्थित प्राचीन बड़ा शिवाला, नादान महल रोड पर स्थित सिद्घनाथ मन्दिर, आगामीढ़ ढ्योढ़ी सुभाष मार्ग स्थित महामंगलेश्वर महादेव मन्दिर, खदरा के आशुतोष शिव मन्दिर समेत अन्य शिववालया में शिर्वाचन रुद्राभिषेक व श्रीराम चरित मानस पाठ के आयोजन हुये।

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