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बुद्धेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ दर्शन किए

काकोरी। हिंदुस्तान संवाद ऐतिहासिक प्राचीन बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में सोमवार सुबह 4 बजे सुबह की आरती के बाद श्रवण मास के दूसरे सोमवार को बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन करने वालों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई थी हर भक्त बाबा के दर्शन करने के लिए उत्सुक दिख रहा था महिलाएं व पुरुष ॐ नमः शिवाय हर हर महादेव करते हुए लाइन में दर्शन करने के बढ़ रहे थे साथ ही शिव भक्तों के हाथों में गंगाजल ,दूध ,बेलपत्र, धतूरा ,नारियल ,दूध ,शहद, फल फूल, पुष्पों की माला लेकर बाबा बुद्धेश्वर महादेव दर्शन के लिए जयकारे लगाते हुए मंदिर में बाबा के दर्शन करने वाला की काफ़ी भीड़ रही। मंदिर की महंत लीला परी बुद्धेश्वर महादेव समिति के पदाधिकारी राम शंकर राजपूत ने बताया बुद्धेश्वर महादेव का सिंगार 7बजे शाम को किया जाता है। सुबह शाम की आरती में काफी भक्त इकट्ठा होकर आरती का आनंद लिया ।वही महन्त लीलापुरी ने बताया सावन मास के प्रत्येक सोमवार के दिन जो भी श्रद्धा भक्ति से बुद्धेश्वर महादेव की पूजा अर्चना करता है उसकी सभी मनोकामनाएं बुद्धेश्वर महादेव पूरी करते हैं। काफी समय से भक्त अपनी- अपनी मनोकामनाएं लेकर बाबा के दरबार में आते हैं उनकी मनोकामनाएं बुद्धेश्वर महादेव अतिशीघ्र पूरी हो जाती है। वही दूरदराज से आने वाले शिव भक्तों ने बताया बुद्धेश्वर मंदिर के अंदर लगे हुए सेवादार जैसे ही शिव भक्त पूजा अर्चना व जलाभिषेक करने जाते है उन्हें हाथ पकड़कर मन्दिर से तुरंत ही सेवादार लोग निकाल देते हैं ।उनकी पूजा अर्चना अधूरी रह जाती है इसके लिए मंदिर समिति व महंत लीला पूरी से शिकायत करने के बावजूद सेवादारों पर किसी प्रकार मंदिर प्रशासन द्वारा इनपर कोई अंकुश नहीं लगाया गया । वही लोगों ने बताया सावन के मेले के ही समय के नए-नए सेवादार मंदिर में सेवादारी करने के आ लगा दिए जाते हैं ।वही शिव भक्तों ने बताया सेवादार बारी-बारी भक्तो से लड़ाई झगड़ा कल नहीं लगते हैं । मन्दिर के पुजारियों में पैसों के लिये होता है विवाद बुद्धेश्वर महादेव मंदिर पिछले कई वर्षों से जिला प्रशासन की देखरेख में चल रहा है जिला प्रशासन वह क्षेत्र की जनता के द्वारा पूर्व के दिनों में नियुक्त किए गए पुजारी राज कपूर को जिला प्रशासन ने नियुक्त किया था जो मंदिर की देखरेख व पूजा आरती उन्हीं के आदेशानुसार की जाती थी दो माह पहले राज कपूर बाबा की मौत के बाद मंदिर में महंत लीलापुर व पूर्व के पुजारी राजकपूर के भतीजे रामू के बीच मंदिर में चढ़ावे व आरती करने में रोजाना विवाद हो रहा है। जिसके लिए मन्दिर में सिर्फ पैसों का बन्दर बांट होने के चलते मन्दिर का विकास का कार्य बहुत पीछे हो गया है। मन्दिर में आने वाले आने वाले चढ़ावे को जिला प्रशासन अपने कब्जे में कई वर्षों से रख रहा है ।बावजूद इसके बुद्धेश्वर मंदिर में किसी प्रकार का निर्माणाधीन कार्य को कराया नहीं गया है। जिससे क्षेत्र की जनता जिला प्रशासन से कई बार मंदिर के चढ़ावे के धन को मंदिर के विकास कार्य में लगवाने के लिए डीएम से लिखित शिकायत करने के बावजूद अभी तक किसी प्रकार जिला प्रशासन द्वारा कोई मंदिर पर निर्माणाधीन कार्य व अन्य कोई कार्य नहीं कराया जैसे सीता, कुंड का सुंदरीकरण व दूर दराज से आने वाले साधू संतो व शिव भक्तों के लिए कोई भी आवास का निर्माण नही कराया गया है।जिसके लिए आने वाले शिव भक्तों का साधु संतो के मन्दिर परिसर में रहने के लिए किसी प्रकार का विश्रामालय नहीं होने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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स्थानीय निकायों में बैठाए गए प्रशासकआकाशीय बिजली से बाराबंकी व बहराइच में दो की मौत,कई झुलसे