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VIDEO: इत्रनगरी दोहराएगी पृथ्वीराज चौहान- संयोगिता की प्रेम कहानी

कन्नौज के संग्रहालय का दृश्य।

दिल्ली नरेश पृथ्वीराज चौहान और कन्नौज की राजकुमारी संयोगिता की कहानी इत्र नगरी में अब रोज दोहराई जाएगी। इसमें संयोगिता का स्वयंवर होगा तो पृथ्वीराज द्वारा उनके अपहरण का दृश्य भी। इसके अलावा मोहम्मद गोरी के आक्रमण, कन्नौज नरेश जयचंद की भूमिका के साथ ही साथ बनारस की गंगा आरती से भी लोग रू-ब-रू हो सकेंगे। राजा हर्षवर्द्धन के दरबार की झलक मिलेगी तो जिसके लिए कन्नौज मशहूर है, यानी इत्र, इसके बनने की पूरी प्रक्रिया भी दर्शाई जाएगी। यह सब होगा यहां बन रहे अनोखे म्यूजियम में।

दरअसल कन्नौज में ऐसा म्यूजियम बन रहा है, जिसमें इत्रनगरी का इतिहास समेटा गया है। शहर के जीटी रोड किनारे यह संग्रहालय संस्कृति विभाग बनवा रहा है। तीन मंजिली इस इमारत की हर मंजिल पर कन्नौज का आईना खूबसूरत तरीके से पेश किए जाने की कोशिश है। समय-समय पर खुदाई में निकलीं बेशकीमती मूर्तियां और पुराने बर्तन भी करीने से सजाए जा रहे हैं। अलग-अलग गैलेरी में राजा हर्षवर्द्धन का दरबार, बनारस और इलाहाबाद में होने वाली गंगा आरती, कन्नौज के इत्र कारोबार और जयचंद-गोरी युद्ध को जीवंत रूप दिया जा रहा है।

म्यूजियम के अध्यक्ष दीपक कुमार बताते हैं कि प्रदेश में यह संग्रहालय नजीर होगा। म्यूजियम तो कई हैं पर उसमें संबंधित जिले के बारे में जानकारी नहीं होती। इत्रनगर के म्यूजियम में नई पीढ़ी अपने शहर के गौरवमयी इतिहास से रू-ब-रू होगी ही, बाहर से आने वाले लोग भी कन्नौज को करीब से देख कर इसकी अहमियत को समझ सकेंगे। इसका उद्घाटन अगले साल जनवरी में होने की संभावना है।

फन ऐसा, दांतों तले दब जाएं उंगलियां
कन्नौज के स्वर्णिम इतिहास को संवारने के लिए मुम्बई, बनारस, जयपुर और कोलकाता के माहिर पसीना बहा रहे हैं। इस समय कोलकाता के कारीगर गैलरी में लगाई जाने वाली मूर्तियां बनाने में लगे हैं। अलग-अलग गैलरी में 135 मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। सबसे खास होगा हर्षवर्द्धन का दरबार, जिसमें वह अपने मंत्रियों के साथ बैठे दिखेंगे। संयोगिता स्वयंवर, जिसमें पृथ्वीराज चौहान के साथ विवाह की झांकी होगी। इत्र बनाने से लेकर उसे बेचने की कला भी प्रतिमाओं में उकेरी जा रही है।

मूर्तियां ऐसी कि तबीयत कहे वाह
स्कल्पटर सुनील प्रजापति कहते हैं कि कोलकाता के कारीगर जो मूर्तियां बनवा रहे हैं, वे कई मायने में खास हैं। फाइवर और प्लास्टर ऑफ पेरिस की प्रतिमाएं म्यूजि़यम में ही बन रही हैं। कारीगर बताते हैं कि मूर्तियां नवम्बर तक बनकर तैयार हो जाएंगी।

ऑडियो से सुनाया जाएगा इतिहास
म्यूजियम के गाइड प्रदीप कुमार बताते हैं कि मुम्बई, जयपुर और बनारस के कारीगरों ने गैलरी में पेंटिंग से इत्रनगरी के इतिहास का जीवंत चित्रण किया। यहां प्रतिमाएं रखी जाएंगी। खास बात यह है कि ऑडियो क्लिप की मदद से संबंधित गैलेरी से जुड़ा इतिहास भी सुनाया जाएगा। लगेगा जैसे फिल्म चल रही है। इस तरह से यहां के इतिहास को समझना काफी आसान होगा।

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