class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कानपुरः ईश्वरीगंज में पुरुषों से मोर्चा लेकर महिलाअों ने थामी अोडीएफ की कमान, VIDEO

ईश्वरीगंज का बदला नजारा।

महिलाए जब तक घर की दहलीज पर रहती हैं, तब तक अबला होती हैं। दहलीज पार करते ही सबला बन जाती हैं। इस बात की नजीर बनी हैं ईश्वरीगंज गांव की महिलाएं। यहां गांव के ओडीएफ होने की डगर में पुरुष रोड़ा बने तो महिलाओं ने मोर्चा संभाला, जिनके सहयोग से ईश्वरीयगंज कानपुर नगर क्षेत्र का पहला ओडीएफ गांव बना। इसी का नतीजा है कि यहां बने 379 शौचाल महिलाओं के नाम पर हैं, जिनके निर्माण का पैसा भी महिलाओं के खाते में आया था। इसी का नतीजा है कि अाज इसी गांव में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद स्वच्छता ही सेवा अभियान अागाज करने जा रहे हैं।
गांव में महिलाअों के नाम पर 350 शौचालय
ओडीएफ गांव बनाने के लिए सभी ग्रामीणों को शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। जब ईश्वरीगंज गांव में ओडीएफ की कवायद शुरू हुई तो यहां के पुरुषों ने खासा विरोध किया। नशे में धुत होकर अफसरों को चेतावनी देते हुए भला-बुरा तक कह दिया। ऐसे में अफसर व कर्मचारियों ने गांव की महिलाओं को जागरूक किया। निगरानी समिति में ज्यादातर महिलाओं को रखकर गांववालों को जागरूक कराया गया तो एक बेहतर माहौल बनाया। पंचायत सेक्रेटरी राकेश झा ने बताया कि महिलाओं को जागरूक करने से गांव में शौचालय बनाना आसान हो गया। इसीलिए ओडीएफ के लिए बने 350 शौचालय सभी महिलाओं के नाम पर हैं। उन्हीं के नाम पर ही पैसा भी आया है। अगर पुरुषों के नाम पर पैसा आता तो इसका दुरुपयोग भी हो सकता था। इससे यह बच गया। गांव के कुछ पुरुषों ने जागरूकता के बदले पैसे तक मांगें। इसलिए लड़कियों और महिलाओं को शामिल करके गांव में जागरुकता फैलाई गई। 


भव्यता की नजीर बना ईश्वरीगंज
राष्ट्रपति के कार्यक्रम को अफसरों ने जनपद के एक दर्जन से ज्यादा गांव देखे। जनपद का पहला ओडीएफ गांव होने के चलते अफसरों ने ईश्वरीगंज को राष्ट्रपति के कार्यक्रम के लिए चयनित किया। इससे पूरा गांव चमक गया है। डीपीआरओ ने बताया कि गांव के सभी परिवारों में वर्तमान समय में शौचालय है। यह खुद ब खुद एक बेहतर प्रयास है।  

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:hear more women are aware than men
टला ट्रेन हादसा: कन्नौज में ट्रैक पर लगी झंडी को कुचलती हुई निकल गई ट्रेनखनन माफियाओं ने एसडीएम के ड्राइवर को पीटा, ट्रैक्टर से नीचे फेंका