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भ्रष्टाचार पर अंकुश को फर्रुखाबाद डीएम ने अपनाया नायाब तरीका

फर्रुखाबाद के डीएम रविंद्र कुमार

फर्रुखाबाद के डीएम रविंद्र कुमार ने भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी पर नकेल कसने को एक नायाब तरीका अपनाया। उन्होंने 576 कर्मचारियों और अधिकारियों को सेंट्रल जेल ले जाकर विभिन्न मामलों में बंद कर्मचारियों व अधिकारियों से मुलाकात कराई। कर्मचारियों से उनकी आपबीती सुनने को भी कहा गया कि वे क्यों जेल की हवा काट रहे हैं? इस तरह उन्होंने यह संदेश दिया कि यदि भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी में लिप्तता पाई गई तो उन्हें भी इसी तरह की सजा भुगतनी पड़ सकती है।

डीएम ने सुबह 8 बजे सातनपुर मंडी में सभी नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल, कोटेदार, पूर्ति निरीक्षक, एडीओ पंचायत, बीईओ, एबीआरसी, एनपीआरसी, सीडीपीओ आदि कर्मचारियों व अधिकारियों को तलब किया। कर्मचारियों ने समझा कि संभवत: निकाय चुनाव को लेकर कोई दिशा निर्देश दिए जाएंगे। मगर जैसे ही डीएम ने कहा कि सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को सेंट्रल जेल ले चलते हैं। इस पर खुसुर पुसुर शुरू हो गई।

डीएम ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। जेल में सभी कर्मचारियों को विभिन्न मामलों में सजा काट रहे लोगों से मुलाकात कराई जाएगी। सभी को सेंट्रल जेल तक ले जाया गया। जेल के अंदर करीब 88 कर्मचारी व अधिकारी जिनमें दूर संचार विभाग के लोग, शिक्षक, पुलिस, परिवहन कर्मी आदि विभिन्न अपराधों में बंद मिले। उन सभी से कर्मचारियों की मुलाकात कराई गई। उन्होंने कर्मचारियों को आपबीती भी बताई। डीएम ने इन लोगों की दशा देखते हुए कहा कि आप सभी कर्मचारियों और अफसरों को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से दूर रहना चाहिए। वर्ना एक दिन ऐसी ही हालत होगी। 
 

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  • Web Title:Farrukhabad DM adopts unsuccessful way to curb corruption
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