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VIDEO- अमानवीयता: गोरखपुर में पुलिस ने लखनऊ हाईवे पर घसीटी लाश

गोरखपुर में पुलिस का अमानवीय चेहरा शनिवार को खुलकर सामने आ गया। कच्ची शराब पीने से युवक की मौत के बाद लाश रखकर गोरखपुर-लखनऊ हाईवे जाम कर रही भीड़ पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं। युवक की लाश घसीटते हुए गाड़ी में लदवाई। इस दौरान पुलिस ने मृत युवक के भाई और उसके परिवारीजनों को भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। 

 
खजनी क्षेत्र स्थित छपिया गांव निवासी रामू की शनिवार की शाम नौसढ़ पुलिस चौकी से 20 मीटर दूरी पर तालाब के किनारे लाश मिली। थोड़ी दूरी पर स्थित बहरामपुर दक्षिणी में कच्ची का अवैध कारोबार धड़ल्ले से होता है। बड़ी संख्या में ग्रामीण इस काले कारोबार का विरोध करते रहे और अधिकारियों से शिकायतें भी कीं। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। रामू की लाश मिलने के बाद यह सूचना फैल गई कि उसकी मौत कच्ची शराब पीने से हुई है। कच्ची कारोबारियों ने ही उसकी लाश चौकी के पास ले जाकर फेंक दिया है।  

इसके बाद कच्ची के कारोबार के खिलाफ सुलग रहा आक्रोश फूट पड़ा और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने रामू की लाश सड़क पर रखकर हाईवे जाम कर दिया। रामू के भाई श्यामू और परिवारीजन लाश के पास बैठ गए। पुलिस ने जाम हटवाने के लिए बल प्रयोग किया था भीड़ ने उग्र होकर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस और भीड़ में जमकर संघर्ष हुआ। आधा दर्जन थानों से पुलिस बुला ली गई। पुलिसकर्मियों ने रामू की लाश हाईवे पर घसीटते हुए गाड़ी में लाद दी। लाश के पास बैठे रामू के भाई श्याम तथा उसके घर की महिलाओं पर भी पुलिस ने खूब लाठियां बरसाई। हाईवे पर मौजूद सैकड़ों लोगों ने पुलिस की अवमानवीयता देखी तो वे भी दंग रह गए।

 

घटनाक्रम एक नजर में
04:00 बजे : बहरामपुर दक्षिणी में पोखरे के किनारे लाश मिली
04:30 बजे : रामू के घर वालों को उसकी मौत की सूचना मिली
04:50 बजे : रामू के भाई श्यामू तथा परिवार की महिलाएं पहुंचीं
05:15 बजे : ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर दिया
05:30 बजे : ग्रामीणों ने रामू की लाश नौसढ़ तिराहे पर रख दी
06:45 बजे : ग्रामीणों और पुलिस में जमकर संघर्ष
06:55 बजे : पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया
07:15 बजे : पुलिस ने लाश घसीटकर गाड़ी में रखवाई

चौकी पर पथराव के बाद भाग खड़ी हुई पुलिस 
नौसढ़ चौकी के पुलिसवालों ने समझाने की कोशिश की लेकिन उग्र भीड़ ने कच्ची कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सड़क से हटने से इनकार कर दी। पुलिसवालों से कहासुनी हुई इसमें पुलिसवालों ने भीड़ में शामिल कुछ युवकों को पीट दिया इससे गुस्साए लोगों ने चौकी पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव के बाद चौकी से पुलिस भाग खड़ी हुई। करीब 20 मिनट तक यहां जाम करने वालों का कब्जा रहा। 

पुलिस द्वारा रामू भारती के शव के साथ किसी तरह की अमानवीयता की बात उनकी जानकारी में नहीं है। शव को आटो में रखकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया है। जाम करने वालों ने शव के साथ अमानवीयता की है।
सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी 

 इसकी सूचना जब वायरलेस सेट पर प्रसारित हुई तो आस-पास के थानों की पुलिस को मौके पर पहुंचने के लिए कहा गया। एसपी सिटी विनय सिंह, सीओ कैंट चारू निगम, महिला थाना, सहजनवां, खोराबार, बेलीपार, राजघाट थाने की फोर्स पहुंच गई। पुलिस ने जाम करने वालों को दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के कब्जे से रामू के शव को लिया और उसे घसीटते हुए टेम्पों में रखवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस की पिटाई से भगदड़ की स्थिति बन गई। जाम करने वालों ने पथराव शुरू कर दिया इसमें सोनौली डिपो की बस और एक ट्रक का शीशा तोड़ दिया। इसके अलावा जाम में फंसी दर्जनों गाडि़यों के शीशे भी तोड़ दिए। बीस मिनट तक हंगामा चला। 

दर्जनों लोगों को पुलिस ने उठाया 
पथराव और जाम के आरोप में पुलिस ने दर्जनों लोगों को उठाया। वहीं  रात में ही बहरामपुर दक्षिणी में भी पुलिस ने दबिश शुरू कर दी। एक-एक घर में घुसकर पुलिस ने दबिश दी और लोगों को पकड़ कर आटो में रखकर थाने ले गई।  देर रात तक पुलिस ने भष्मा के गोलू, छपिया के विपीन, ताल नवर के रामबचन, छपिया के राजकमल और संदीप को जाम और उपद्रव में हिरासत में लिया। वहीं बहरामपुर दक्षिणी में दबिश के  दौरान भी पुलिस ने दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया। 

पथराव के बाद कार और बाइक छोड़क भागे लोग  
जाम के बाद पथराव और लाठी-चार्ज में 20 मिनट तक सड़क पर आराजकता का माहौल रहा। जाम के दौरान परिवार के साथ फंसे लोग पथराव और लाठी-चार्ज के दौरान परिवार के लोगों के साथ भागते नजर आए। इस दौरान दो महिलाए और बच्चों को चोट भी आई। भदगड़ में डर में मारे बच्चे रोने लगे। आस-पास के दुकानों  घरों के अंदर छिप कर लोगों ने बचने की कोशिश की। जब पूरी तरह से उपद्रव शांत हुआ तब लोग आए और अपनी कार तथा बाइक लेकर गए। 

दो घण्टे तक रहा जाम
जाम के चलते दो घण्टे तक शहर का एक हिस्सा कटा रहा। वाराणसी हाइवे के साथ लखनऊ हाइवे पर गाडि़यों की लम्बी कतार लग गई। जाम से बचने के लिए कुछ लोगों ने तो फोरलेन बाईपास का इस्तेमाल किया। 

तीन बच्चों का पिता था रामू 
कच्ची शाराब से मौत का शिकार बना रामू तीन बच्चों का पिता था। बड़ा बेटा पांच साल तो सबसे छोटा एक साल का है। उससे छोटा उसका भाई है श्यामू है। शहर में मजदूरी कर वह परिवार की रोजी-रोटी चलाता था। मौत की सूचना के बाद उसके चाचा भोलर शव लेने आए थे। उन्होंने बताया कि कच्ची शराब से ही रामू की मौत हुई है। 

भगौलिक स्थित के चलते यहां खूब बनता है दारू 
बहरामपुर दक्षिणी का इलाका नौसढ़ चौकी के ठीक पीछे ही पड़ता है लेकिन उस इलके का ज्यादातर हिस्सा तिवारीपुर में आता है। इस लिए नौसढ़ चौकी की पुलिस वहां नहीं जाती लेकिन कच्ची शराब बनाने के पीछे अच्छी-खासी कमाई भी होती है। उधर, तिवारीपुर थाना राप्ता नदी के उस पार है लिहाजा वहां की पुलिस इस इलाके में आती ही नहीं है।

अवमानवीयता : पैर घसीट कर शव को खींचती ले गई पुलिस 
पुलिस ने रामू के शव के साथ भी अवमानवीयता की। जाम हटाने के लिए भीड़ को खदेड़ने के बाद शव का सम्मान करना भी पुलिस भूल गई। एक सिपाही पैर पकड़कर शव को घसीटते हुए ले गया और आटो में लाद कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया। सड़क पर मौजूद सैकड़ों लोग यह अवमानवीतया देख दंग रह गए। 
बहरामपुर दक्षिणी में कच्ची शराब की शिकायत सालों से चल रही है। सख्ती होती तो पुलिस कार्रवाई कर देती लेकिन फिर भट्ठियां धधकने लगी। इससे लोगों में पुलिस के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा था। रामू की मौत ने इस गुस्से की आग में घी डालने की कोशिश की। कच्ची से परेशान लोगों ने कानून को अपने हाथ में ले लिया लेकिन पुलिस ने जिस तरह से रामू के शव के साथ अवमानवीयता की उससे खाकी शर्मसार हो गई।

सपा नेता रामनगीना सहित 95 पर मुकदमा, 18 गिरफ्तार
युवक की मौत बाद शव के साथ नौसढ़ पुलिस चौकी पर हाइवे जाम करने के मामले में पुलिस ने सपा नेता राम नगिना साहनी सहित 25 नामजद और 70 अज्ञात लोगों के खिलाफ तिवारीपुर पुलिस ने गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने अब तक छपिया के ग्राम प्रधान सहित 18 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है। 

पुलिस का आरोप सपा नेता ने ही भीड़ को भड़काया
रामनगीना साहनी समेत 25 लोग बनाए गए नामजद
शौच के लिए गया था तालाब के पास हो गई मौत

एसएसपी सत्यार्थ अनिरूद्ध पंकज ने बताया कि युवक शारीरिक रूप से कमजोर था। मौत की क्या वजह है यह तो पीएम के बाद भी पता चल पाएगी लेकिन पुलिस की जांच में जो तथ्य समाने आया है उसमें वह शौच के लिए नौसढ़ चौकी के पीछे गया था। वहीं पर उसकी मौत हो गई। वहां के रहने वाले राम नगिना साहनी द्वारा कच्ची से मौत का लोगों में भ्रम फैलाया गया। नगिना साहानी और छपिया के ग्राम प्रधान सहित सहित 25 नामजद तथा 70 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। ग्राम प्रधान सहित 18 लोगों को पुलिस ने अब तक गिरफ्तार कर लिया है। 

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  • Web Title:The villagers are beaten by the police, who are jumping out of the highway due to the death of the laborer
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