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गोरखपुर नगर निगम में फिर शुरू हुआ ओबीसी रैपिड सर्वे

निकाय चुनाव को लेकर पिछड़ी जाति का रैपिड सर्वे एक बार फिर शुरू हो गया है। सर्वे को एक महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 400 से अधिक कर्मचारी नगर निगम के सभी 70 वार्ड में डोर-टू-डोर सर्वे कर रहे हैं। निकाय चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने बीते अप्रैल माह में ओबीसी रैपिड सर्वे कराया था। लेकिन निकाय चुनाव टलने के बाद नये सिरे से रैपिड सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे में उन्हीं लेखपाल, नगर निगम कर्मी और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को लगाया गया है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रबीश चन्द्र ने बताया कि सर्वे में 361 संगणक, पर्यवेक्षण के लिए 70 लेखपाल और 7 अधिकारियों की ड्यूटी लगी है। 100 से 200 मकानों पर एक संगणक लगाए गए हैं। जो डोर-टू-डोर जाकर सर्वे करेंगे। सर्वे के आधार पर ही वार्डों में आरक्षण की ब्यवस्था तय होगी। कई वार्डों के आरक्षण में फेरबदल हो सकता है। यहीं नहीं मेयर का आरक्षण भी इसी आधार पर होगा। श्री चन्द्र ने बताया कि वार्डों का नंबर अनुसूचित जाति की जनगणना के आधार पर तय होता है। सर्वाधिक अनुसूचित जाति वाले वार्ड का नंबर एक होगा। इसके बाद अन्य वार्डों के नंबर तय होंगे। अब 2011 की जनगणना में अनुसूचित जाति की जनगणना के आधार पर वार्डों का नंबर बदल जाएगा। अप्रैल में हुए रैपिड सर्वे के बाद नगर निगम के वार्डों का नंबर भी बदल गया था। एक बार फिर शुरू हुए रैपिड सर्वे के बाद वार्डों का आरक्षण ही नहीं नंबर भी बदलेगा। दरअसल, पिछला चुनाव 2001 की जनगणना के आधार पर हुआ था। वर्ष 2005 में हुए परिसीमन के आधार पर वार्डों का दायरा तय हुआ था। इसबार का चुनाव वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर होना है। वर्ष 2011 में ओबीसी की गणना नहीं हुई थी। ऐसे में ओबीसी की गणना के लिए रैपिड सर्वे कराया जा रहा है।

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  • Web Title:OBC Rapid Survey again starts in Gorakhpur Nagar Nigam
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