class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कैसे हो पढ़ाई? बाढ़ से पहले ही जलभराव से टापू बन गए विद्यालय

गोरखपुर जिले में नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे ही हैं लेकिन बारिश के बाद नदियों के जल स्तर में वृद्धि होने लगी है। जगह-जगह जलभराव होने से बाढ़ सरीखे हालात होने लगे हैं। ऐसे में कई स्कूलों में पठन पाठन ठप हो गया है।


दृश्य-एक
यह से सिंदुली बिंदुली गांव का विद्यालय। राप्ती नदी का जल स्तर बढ़ने के बाद हुए जलभराव के कारण यह विद्यालय टापू में तब्दील हो गया है। इस प्राथमिक विद्यालय में पहले वाले बच्चे साल दर साल ऐसे दृश्य देखने के लिए अभिशप्त हैं। मलौनी बांध के सटे स्थित इस गांव के बच्चों को गांव के ही सुरेंद्र गुप्ता के मकान में शरण मिली हैं। जहां शिक्षक इनकी पढ़ाई जारी रखे हैं। इन्हें मिड-डे-मील भी उपलब्ध करा रहे हैं। 


दृश्य-दो
यह है ब्रह्मपुर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय मीठाबेल का दृश्य। इसी विद्यालय में पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुंडेरा ठकुराई का पठन पाठन बंद है। चारो ओर पानी से घिरे मुंडेरा ठकुराई पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पठन पाठन एक से बंद है। 


दृश्य-तीन
पीपीगज छेत्र के जंगल कौड़िया ब्लाक के राजस्व ग्राम पंचायत हिरुआ का कुछ आबादी राप्ती नदी के उस पार आना जाना लगा रहता है। ऐसे में हर महीने राशन लेने ,बच्चो को स्कूल जाने, दवा लेने  के लि्ए राप्ती नदी को नाव से पार करना पड़ता है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:How are you studying? Before the floods, the school became a well-established iland.
दो दिन पहले घर से निकला था अमित, गड्ढे में मिली लाश शो रूम से 20 लाख के टायर चोरी