class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जीएसटी इफेक्‍ट: मरीजों की ऑक्सीजन हुई मंहगी, अस्पतालों ने बढ़ाया इलाज का रेट

केन्द्र सरकार द्वारा लागू जीएसटी(गुड्स एंड सर्विस टैक्स) ने मरीजों का सांस लेना मंहगा कर दिया। जी हां यह सच है। जीएसटी के कारण अस्पतालों में सप्लाई होने वाले ऑक्सीजन सिलेंडरों के रेट में 20 फीसदी का इजाफा हो गया। उधर अस्पताल प्रबंधन ने बढ़े हुए रेट मरीजों से वसूलना शुरू कर दिया है। केन्द्र सरकार ने एक जुलाई से जीएसटी को लागू कर दिया। जीएसटी में ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर व ऑक्सीजन सिलेंडरों पर 18 फीसदी कर लगा दिया। जिसके कारण सिलेंडरों के रेट ऑक्सीजन सप्लायरों ने करीब 20 फीसदी बढ़ा दिया। जीएसटी लागू होने के बाद सप्लायरों ने एक जुलाई से ही नया रेट लागू कर दिया। मोदी गैसेज के संचालक प्रवीन मोदी ने बताया कि पहले पांच फीसदी कर लगता था। एक्साइज ड्यूटी नहीं लगती। अब सरकार ने एक झटके में 18 फीसदी जीएसटी लगा दिया। इसके कारण करीब 100 रुपये वाले छोटे ऑक्सीजन सिलेंडर का रेट अब 120 रुपये हो गया। जंबो ऑक्सीजन सिलेंडर का रेट 250 रुपये से बढ़कर अब 300 रुपये कर दिया गया। नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. केए अब्बासी ने बताया कि ऑक्सीजन की जरूरत सबसे ज्यादा आईसीयू में भर्ती मरीजों व सांस की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को होती है। ऑक्सीजन मंहगी हुई तो इलाज का खर्च उसी मुताबिक बढ़ जाएगा। आईसीयू में भर्ती मरीजों से उसी दिन से बढ़े हुए रेट की वसूली शुरू हो गई।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:GST Effect: Patients oxygen becomes costly
जीडीए कालोनियों की सड़कों पर भरा पानी, लोग परेशान गोरखपुर नगर निगम में फिर शुरू हुआ ओबीसी रैपिड सर्वे