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गोरखपुर हादसा: ...तो बीआरडी में ऑक्सीजन की कमी से हुआ क्या

बीआरडी

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने लेकर प्रदेश के मुखिया तक इस बात पर मुहर लगा चुके हैं कि बच्चों की मौत आक्सीजन की कमी से नहीं हुई। हां आक्सीजन की कमी जरूर स्वीकार रहे हैं। अब यहां बड़ा सवाल है कि आखिर आक्सीजन की कमी से फिर हुआ क्या? अगर उसकी कमी से जान जा सकती है तो इस पर पर्दा क्यों डाला जा रहा है और अगर कुछ नहीं हुआ तो क्या मान लें कि आक्सीजन के सहारे रखे गए मरीजों की आक्सीजन कुछ घंटों के लिए बंद कर दी जाए तो उनके सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 

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मंत्रियों और अफसरों की बात दिल्ली से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भी दोहराई। इन सभी की मानें तो आक्सीजन की सप्लाई कम हो जाने से मरीजों के सेहत पर कोई असर नहीं पड़ता। अब आक्सीजन की कमी से मौते नहीं हुईं तो फिर इस कदर आक्सीजन को लेकर हंगामा बरपा क्यों। इसी तरह मौतें पहले भी होती थीं तो फिर सीएम और पीएम ने मसले का संज्ञान किन खास वजहों से खास तारीख को लिया। दिल्ली से तीन विशेषज्ञ चिकित्सक अचानक से क्यों आ गए? अब तक की रिपोर्ट में यही बताने की कोशिश हुई है कि 36 घंटे में 33 मौत कोई चौकाने वाली घटना नहीं है। इतनी मौतें पिछले वर्षों में भी हुईं हैं। दिल्ली से आई विशेषज्ञ टीम ने अब तक के जो आकड़े तैयार किए है उसमें यही बताने की कोशिश की गई है कि हर साल अगस्त में इसी तरह से मौतें हुईं हैं।

अस्पतालों से पूछा-ऑक्सीजन सप्लायर का कितना है बकाया

आरडी मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन खत्म होने के कारण हुई त्रासदी से स्वास्थ्य विभाग के कान खड़े हो गए हैं। शासन ने सूबे के सभी अस्पतालों से ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाली फर्मों के बकाए की धनराशि का ब्योरा तलब कर लिया है। इतना ही नहीं शासन ने आपूर्ति और खपत का भी ब्योरा अस्पताल प्रबंधन से मांगा है। बीआरडी में बकाए के कारण गुरुवार की रात को लिक्विड ऑक्सीजन आपूर्ति ठप होने के बाद हाहाकार मच गया। इस दौरान हुई मासूमों की मौत के लिए ऑक्सीजन संकट को ही जिम्मेदार माना गया। 

बीआरडी की इस घटना से स्वास्थ्य विभाग ने सबक लिया है। महानिदेशक कार्यालय ने सूबे के सभी सरकारी अस्पतालों से ऑक्सीजन की आपूर्ति का पूरा ब्योरा तलब किया है।शासन ने अस्पतालों को भेजा है प्रोफार्मा : शासन ने इसके लिए अस्पतालों को बकायदा एक प्रोफार्मा भेजा है। इसमे 15 बिन्दुओं पर जानकारी तलब की गई है। शासन ने अस्पतालों के एसआईसी और सीएमएस से पूछा है कि किस फर्म को सप्लाई का टेंडर मिला है, गैस सप्लाई के दौरान मरम्मत की जिम्मेदारी किसकी है।

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  • Web Title:Gorakhpur hospital deaths: So what is the lack of oxygen in the BRD, Yogi Adityanath warns of exemplary action, Congress demands his resignation
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