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गाजीपुर में ब्लूव्हेल गेम में फंसा कक्षा 11 का छात्र

गाजीपुर में ब्लूव्हेल गेम खेल कर बच्चे ने काटे हाथ

अपने पूर्वांचल के किशोर भी ब्लूव्हेल गेम के बहकावे में फंसने लगे हैं। गाजीपुर में 11वीं का एक किशोर इस गेम के चक्कर में आ गया और स्कूल में ही हाथ पर ब्लेड से ब्लू व्हेल बनाकर रोने लगा तब छात्रों को जानकारी हुई। प्रबंधक की सूचना पर पहुंची पुलिस तत्काल छात्र को लेकर सीएचसी पहुंची। वहां के डाक्टरों ने किसी मनोचिकित्सक को दिखाने की सलाह दी। शुक्रवार को किशोर को बीएचयू के डाक्टरों को दिखाया जाएगा। एसपी सोमेन बर्मा ने भी छात्र से पूछताछ की और उसकी काउंसिलिंग करने की कोशिश की है। 

 नगर के वार्ड संख्या दो का रहने वाला छात्र जितेन्द्र सोनकर ज्ञानभारती स्कूल में 11वीं में पढ़ता है। जितेन्द्र पिछले कुछ दिनों से ब्लू व्हेल गेम नगर के एक साइबर कैफे में जाकर खेलने लगा था। जितेन्द्र ने बताया कि 50 में से वह 13वें स्टेज तक पहुंच चुका था। गेम में मिले टास्क के अनुसार ही उसने हाथ पर व्हेल बनाई। उसे धमकी दी गई कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसके माता-पिता को जान से मार दिया जाएगा। धमकी के बाद से वह परेशान हो गया। स्कूल पहुंचा तो रोने लगा। स्कूल प्रबंधक सौम्य प्रकाश बरनवाल ने उससे पूछताछ की और पुलिस को जानकारी दी। सीओ सर्वेश मिश्रा और कोतवाल शरदचन्द्र त्रिपाठी स्कूल पहुंचे। छात्र के पिता भिलाई में नौकरी करते हैं। उनको सूचना दे दी गई है। 

किसी को कुछ बताया तो घर वालों को मार देंगे
ब्लूव्हेल गेम के बहकावे में आकर हाथ पर ब्लेड से व्हेल बनाने वाले 11वीं की छात्र जितेन्द्र की बातें सुनकर हर कोई अवाक है। दोस्तों ने जब उसके हाथ में लगा खून और ब्लू व्हेल देखा तो चौंक गए।  दोस्तों के पूछने पर जितेन्द्र ने कुछ नही बताया। विद्यालय के प्रबंधक शौम्य प्रकाश बरनवाल ने जब उससे पूछताछ की तो जितेंद्र रोने लगा। उसने बताया कि इस बारे में किसी को कुछ बतायेगा तो वह लोग उसके पिता को जान से मार देंगे। 

 प्रबंधक ने उसे काफी समझाया तो उसने बताया कि उसे टास्क पूरा करने के लिये मोबाइल पर धमकी भरे मैसेज आते हैं। कहा कि वह अपने पिता की जान बचाने के लिये ऐसा कर रहा था। जितेंद्र ने बताया कि इस गेम में पचास स्टेज है और वह 13वें स्टेज पर है। पिछले 15 दिनों से वह साइबर कैफे में जाकर यह ब्लूव्हेल गेम खेल रहा था। 
 

उसने बताया कि वह घर से प्रतिदिन मिलने वाले जेब खर्च के 20 रुपयों में से साइबर कैफे जाकर 10 रूपये से आधे घंटे गेम खेलता था। युवक की मां सुनिता देवी ने रोते हुये बताया कि इसके पिता मध्य प्रदेश के भिलाई में सब्जी की दुकान चलाते हैं। कहा बीते दो सप्ताह से वह उदास रहने के साथ ही गर्मी होने के बाद भी कमरे में अकेले ही सोता था। इसी गेम के चक्कर में कुछ दिन पूर्व उसने अपने होंठ को भी ब्लेड से काट लिया था। तब पूछने पर बताया कि चोट लग गई है। 

साइबर कैफे की होगी जांच
सैदपुर। पुलिस क्षेत्राधिकारी सर्वेश कुमार मिश्र ने बताया कि जितेन्द्र से मिली जानकारी के आधार पर क्षेत्र के साइबर कैफे आदि की जांच के लिये पुलिस टीम लगा दी गई है। कहा जांच में पता लगाया जायेगा कि इस जानलेवा गेम में कही और किशोर तो नही फंसे हैं। कहा क्षेत्र के सभी विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों को और रफ्तार से चलाया जायेगा। जो साइबर कैफे संचालक युवकों को यह गेम खेलवाते पाये जायेंगे, उनके खिलाफ भी कार्यवाई की जायेगी। 

मां ने कहा, दो सप्ताह से बदल गया था जितेन्द्र
जानलेवा ब्लू व्हेल गेम में फंसकर अपने विद्यालय के बाथरूम में ब्लेड से ब्लूव्हेल का चित्र बनाने वाले छात्र के परिजनों को जब यह सूचना मिली तो उसके परिजनों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में घबराई जितेन्द्र की मां सुनीता देवी ने फोनकर जितेन्द्र के पिता राजेश सोनकर को भिलाई में जानकारी दी। 

मां सुनिता देवी ने बताया कि जितेन्द्र के पिता भी यह खबर सुनकर घबरा गये और वहां से घर के लिये निकल लिए है। सुनिता ने बताया कि दो सप्ताह से जितेन्द्र गुमशुम रहता था। घर में ज्यादातर समय अपने कमरे ही बिताता था और पूछने पर कुछ नहीं बताता था। कहा कुछ दिनों से उसकी यह हरकत बढ़ती जा रही थी। गर्मी होने के बाद भी, जब मैं कहती थी कि बेटा चलों बाहर सो जाओ तो वह बाहर न आकर कमरे मे ही सोने की बात कह देता था। कहा कि शाम को कोचिंग जाते समय भी चार बजे के बजाय वह घर से तीन बजे ही निकल जाता था। 
 

मां ने कहा कि उसका चेहरा देखकर लगता था कि वह कुछ कहना चाहता है, पर बता नहीं रहा है। अब ब्लू व्हेल गेम के बारे में पता चलने पर रोते हुये कहा कि ऐसे जानलेवा खेल को कौन लोग चला रहे है और सरकार इसपर रोक के लिये कुछ क्यों नहीं कर रही है। जितेन्द्र की छोटी बहन सोनाली भी उसी के साथ पढ़ने जाती थी। वह भी बता रही थी कि भाई स्कूल बस से स्कूल के बाहर ही उतरकर कहीं चला जाता था और कुछ देर बाद स्कूल आता था। मां ने कहा कि समय रहते सब जानकारी मिल गई, वरना पता नहीं क्या हो जाता। कहा कि शुक्रवार को हम सब उसे लेकर बीएचयू के मनोचिकित्सक के पास जायेंगे जहां उसका उपचार होगा।

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  • Web Title:Student hunter Blue whale game
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