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बच्चे संग 6 माह से भटक रही विवाहिता

थाना क्षेत्र के निजामपुर गांव स्थित ससुराल से लांछन लगाकर निकाल दिये जाने के बाद बिते लगभग 6 माह से विवाहिता अपने पांच वर्ष के बेटे संग न्याय के लिये स्थानीय थाना से लगायत क्षेत्र में इधर उधर भटक रही है। स्थानीय थाने में कई बार शिकायत करने के बाद भी पुलिस ससुरालियों द्वारा किये जा रहे महिला के उत्पीड़न को रोकने में नाकाम रही है। ऐसा नहीं की पुलिस ने उक्त मामले में कुछ नहीं किया। पुलिस ने कई बार मामले में सुलह कराकर महिला को उसके ससुराल भेजा, लेकिन ससुराल वाले थोड़े दिन बाद ही महिला को घर से बाहर निकालते रहे।

सम्मनपुर निवासी बैजू यादव ने 11 वर्ष पूर्व अपनी पुत्री सुषुम की शादी क्षेत्र के निजामपुर गांव निवासी बच्चेलाल पुत्र सीताराम से की थी। सुषुम ने बताया कि शादी के कई वर्षो तक हमारा परिवार बेहद सुखी था। अपने दोनों बच्चों ईशा 7 व आर्यन 5 संग हम हमारा वैवाहिक जीवन अच्छे से कट रहा था। परिवार के भरण पोषण के लिये पति कमाने दिल्ली चले गया। करीब एक वर्ष पूर्व पति को किसी ने भड़का दिया, तब से वह मुझपर गलत होने का आरोप लगाकर मारने पीटने लगे। 

बीते 3 अप्रैल को बच्चों को रखकर पति ने मुझे घर से निकाल दिया, मैने सभी से बहुत बिनती किया पर मुझे घर में नही घुसने दिया गया। तब मैने पुलिस का सहारा लिया। पुलिस ने मामले में सुलह कराया तो उन्होने मुझे घर में रख लिया। लेकिन कुछ दिनों बाद मुझे दोबारा घर से निकाल दिया गया। पुलिस से मिन्नत किया तो पुलिस ने बेटे आर्यन को मुझे दिला दिया, पर ससुराली बेटी को देने को राजी नही हुये। तब से बरसात के दौरान मैं बच्चे संग यहां वहां भटकती रही हूँ। मेरी कोई सुनने वाला नही। 

कोतवाल शरदचन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि महिला का पति दिल्ली रहता है, इस कारण उससे संपर्क करने में समस्या हो रही है, ससुराल पक्ष को बुलाया गया है। महिला को ससुराल भेजने की पूरी कोशिश की जायेगी। बताया महिला का मामला आशा ज्योती केन्द्र में भी चल रहा है।

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  • Web Title: Marriage wandering with children for 6 months
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