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पहल: नवजात की सेहत पर 42 दिन रखें खास नजर, जानिए क्या है वजह

शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और उनके स्वास्थ्य की देखभाल के लिए मंगलवार से नवजात शिशु देखभाल सप्ताह आरंभ हुआ। यह 21 नवंबर तक चलेगा। अभियान के दौरान नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए आशा कार्यकत्रियां घर-घर जाएंगी। जन्म से 42 दिनों तक नवजात के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी। साथ ही घरवालों को बच्चों की देखभाल के बारे में जानकारी दी जाएगी।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत इस अभियान की शुरूआत की गई है। इस अभियान की थीम ‘सेहतमंद गर्भवती मां तो स्वस्थ्य होगी संतान रखी गई है। यह अभियान मंगलवार से शुरू हुआ और 21 नवंबर तक चलेगा। इसमें नवजात बच्चों की 42 दिन तक देखभाल की जाएगी। पैदा होने के बाद नवजात के लिए पहले एक घंटे, एक दिन, एक सप्ताह और एक माह का समय काफी महत्वपूर्ण होता है। इसी समय उसे बीमार होने का खतरा अधिक होता है। अक्सर देखा जाता है कि बच्चा पैदा होने के बाद परिवार एक से दो दिन में अस्पताल से चला जाता है। ऐसे में नवजात की सही देखभाल बेहद जरूरी है।

अभियान के तहत आशा कार्यकत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वह घर-घर जाकर नवजात के स्वास्थ्य की जानकारी लेंगी। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने निर्देश दिया है कि एक आशा नवजात बच्चे के घर 42 दिनों में 6-7 बार जाए। उसका स्वास्थ्य देखे और घरवालों को बच्चे की देखभाल के बारे में जरूरी जानकारी दे। नवजात को संक्रमण, मौसम के चलते बीमार होने का खतरा अधिक होता है। मां को बच्चे की देखभाल के लिए कंगारू देखभाल विधि सिखाई जाएंगी। इस विधि में नवजात को मां सीने से लगाकर कुछ देर तक रखती है। इस दौरान इसका खयाल रखना चाहिए कि नवजात सांस आराम से ले सके।

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  • Web Title:Keep 42 days on the health of the newborn, take special care, know why
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