शुक्रवार, 03 सितम्बर, 2010 | 14:53 | IST
  RSS | 
Site Image Loading
Image Loading
Image Loading
श्रीकृष्ण युगों-युगों से हमारी आस्था के केंद्र रहे हैं। वे कभी यशोदा के लाल होते हैं तो कभी बृज के नटखट कान्हा और कभी गोपियों का चैन चुराते छलिया। आगे पढे
 
श्रीराम चौदह कला पूर्ण अवतार थे और श्रीकृष्ण सोलह कला से परिपूर्ण थे। राम और कृष्ण दोनों ही विष्णु के अवतार हैं। आगे पढे
 
विराट पुरुष जो भी चिन्ता करेंगे वह कार्य रुप में परिणत हो जाएगा (शास्त्र में उन्हें चिन्तामणि कहते है), अर्थात् वे जो चिन्तामणि हैं, वे जो भी सोचेंगे वही हो जाएगा। आगे पढे
 
28 अगस्त (शनिवार) को पंचक चालू है। संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत। बहुला चतुर्थी व्रत : यह व्रत पुत्रवती स्त्रियां पुत्रों की रक्षा के लिए करती हैं। आगे पढे
 
रक्षा बंधन एक ऐसा त्योहार है जो भाई-बहन के प्रेम-विश्वास से कहीं ज्यादा हमारे धर्म, देश, समाज, संस्कृति और संस्कारों के उन्नयन को समर्पित है। आगे पढे
 
 
प्रार्थना के क्षणों में गुरु का ध्यान आ जाए, गुरु का चेहरा अपने सामने लो, कोई बात नहीं, अच्छी बात है। लेकिन एक बार जब ध्यान-विधि शुरू हो जाए, तो गुरु को भी कहो कि हटो। आगे पढे
 
यूनान में एक सिद्ध पुरुष रहता था अपिकुरु। कुछ लोगों ने उसके बारे में एक भ्रम फैला रखा था कि उसके जीवन का लक्ष्य है मौज-मस्ती करना, खाओ-पीओ और मौज मनाओं। आगे पढे
 
21 अगस्त (शनिवार) को शनि प्रदोष व्रत (ऋण से मुक्ति पाने हेतु यह व्रत करना चाहिए)। झूलन यात्रारम्भ (पूर्वान्ह में) श्री विष्णु पवित्ररोहण। शाक दान। आज से भाद्रपदा शुक्ल 12 तक दीध त्याग व्रतारम्भ। आगे पढे
 
Image Loading
इस सुंदर से सांप को देखिए। यह है अल्बीनो बर्मीस पायथन।
रोजा शरीर के हर भाग का होता है। अर्थात् कान को बुराई सुनने, जबान को बुरा कहने और आंख को बुरा देखने से बचना चाहिए। रोजा सम्पूर्ण व्यक्तित्व पर नियंत्रण की शिक्षा देता है। आगे पढे
 
14 अगस्त (शनिवार) को श्री नाग पंचमी व्रत। नाग पूजा एवं नाग कूप यात्रा। तक्षक पूजा। गोबर आदि से भित्ति पर बने नागों की पूजा। श्री हनुमान जी का ध्वजारोहण। ग्राम-ग्राम में विविध प्रकार के व्यायामों का प्रदर्शन। आगे पढे
 
भगवान श्री राम के चौदह वर्षो के लिए वन जाने पर गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं कि भगवान श्री राम के वन गमन का मुख्य उद्देश्य भरत समुंद्र का मंथन करना था। आगे पढे
 
इस दिन चांदी, सोने, लकड़ी अथवा मिट्टी के बने दीवार पर लिखे हुए नाग की पूजा करते हैं। जिनके यहां जैसी विधि चली आती हो वही विधि करनी चाहिए। आगे पढे
 
हम खाते हैं फास्ट फूड, लेकिन पचाते सुस्ती से हैं। काया बड़ी है, पर चरित्र छोटे हो गए हैं। मुनाफा आसमान छू रहा है, पर रिश्ते-नाते सिकुड़ते जा रहे हैं। परिवार में आय और तलाक दोगुने होने लगे हैं। आगे पढे
 
मैं स्वप्नलोक में विचर रहा हूं-ऐसा मुझे आभास हो रहा था। मैं घाटी का लगभग आधा क्षेत्र पार कर चुका था और अब अमरनाथ में गुफा के प्रवेश द्वार पर खड़ा था। आगे पढे
 
यह कथा उतनी ही पुरानी है जितनी पुरानी सृष्टि। एक बार सृष्टि के रचयिता ब्रह्माजी ने पृथ्वी लोक पर यज्ञ करने का निश्चय किया। आगे पढे
 
12
आज का मौसम राशिफल
अपना शहर चुने  
sky
बादल
सूर्यादय
सूर्यास्त
नमी
  : 5:58 AM
  : 18:43 PM
  : 94%
अधिकतम
तापमान
31.1°
.
|
न्यूनतम
तापमान
25.8°