मंगलवार, 02 सितम्बर, 2014 | 05:04 | IST
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तरक्की
धर्मक्षेत्रे
मुक्ति की राह है आध्यात्मिकता
आजकल लोग आध्यात्मिकता का अर्थ निकालते हैं- स्वयं को यातना देना व अभावग्रस्त जीवन बिताना। और सबसे मुख्य यह है कि आध्यात्मिकता को जीवन-विरोधी या जीवन से पलायन समझा जाता है। 07:37 PM
आदान-प्रदान की बात
भगवान गौतम बुद्ध एक बार राजगृह के बेलवन नामक स्थान में ठहरे हुए थे। एक दिन एक ब्राह्मण उनके पास आया और उनको गालियां देने लगा।  07:35 PM
शील और शालीनता शब्द मात्र नहीं हैं
जिस स्थान पर किसी तपस्वी, सिद्ध, योगी, कौल, कपालेश्वर योग-तपस्या करके सिद्धियां प्राप्त करते हैं, वह स्थान सिद्ध पीठ हो जाता है।  07:34 PM
 
धर्मक्षेत्रे
आजकल लोग आध्यात्मिकता का अर्थ निकालते हैं- स्वयं को यातना देना व अभावग्रस्त जीवन बिताना। और सबसे मुख्य यह है कि आध्यात्मिकता को जीवन-विरोधी या जीवन से पलायन समझा जाता है।
 
भगवान गौतम बुद्ध एक बार राजगृह के बेलवन नामक स्थान में ठहरे हुए थे। एक दिन एक ब्राह्मण उनके पास आया और उनको गालियां देने लगा।
 
मोदी ने जब ली चाय की चुस्‍की जापान के टोक्यो में अपनी 5 दिवसीय यात्रा के मौके पर आयोजित एक चाय समारोह के दौरान जापान के प्रधानमंत्री शिंजो   अबे के साथ ग्रीन टी का आनंद उठाते भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। जापान के टोक्यो में अपनी 5 दिवसीय यात्रा के मौके पर आयोजित एक चाय समारोह के दौरान जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे के साथ ग्रीन टी का आनंद उठाते भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। अन्य फोटो
शब्द
लहनासिंह समझ कर चुप हो गया। पीछे दस आदमी कौन रहें, इस पर बड़ी हुज्जत हुई। कोई रहना न चाहता था। समझा-बुझा कर सूबेदार ने मार्च किया।
 
यू. आर. अनंतमूर्ति आधुनिक कन्नड़ साहित्य में कुवेंपु और शिवराम कारंत सृजित-संवर्धित परंपरा के उत्तराधिकारी माने जाते थे।
 
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