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मंगलवार, 27 सितम्बर, 2016 | 22:45 | IST
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ब्रेकिंग
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तरक्की
धर्मक्षेत्रे
विश्व मां की लीला है और हम लीलासखा
भारत में सब स्त्री-प्रकारों में मां ऊंची है, पत्नी से भी ऊंची। पत्नी और संतान मनुष्य को त्याग सकते हैं, पर उसकी मां कभी नहीं त्यागती। मां सदा वैसी ही रहती है, अथवा अपने बच्चे को कदाचित् तनिक अधिक प्यार करती है। 11:39 PM
पुनर्जीवन की नवरात्रि
नव के दो अर्थ हैं- ‘नया’ एवं ‘नौ’। रात्रि का अर्थ है रात, जो हमें आराम और शांति देती है। यह नौ दिन समय है स्वयं के स्वरूप को पहचानने का और अपने स्रोत की ओर वापस जाने का। इस परिवर्तन के काल में प्रकृति पुराने को त्याग कर फिर से नया रूप सृजन करती है। 11:35 PM
श्री दुर्गा के चौंसठ शक्ति तत्व
तंत्र-शास्त्र कहता है मातृशक्ति ही ब्रह्मांड की जननी है। वही देवी शक्ति या परा शक्ति के नाम से जानी जाती है। श्री दुर्गा विभिन्न स्वरूपों में संकटों की निवारक हैं।  11:26 PM
 
धर्मक्षेत्रे
गणेशजी का संपूर्ण स्वरूप प्रतीकात्मक है। वह परम चेतना हैं, जो सबमें व्याप्त हैं और ब्रह्मांड को एक व्यवस्था प्रदान करते हैं।
 
Image Loadingमन्दिर में पैसे फेंकना अपराध
अक्सरआपने देखा होगा कि लोग मंदिर में सिक्का या नोट भगवान के सामने फेंकते हैं  और फिर हाथ जोड़कर भगवान से मनोकामना मांगते हैं।
 
मदर टेरेसा को 4 सितंबर को 'संत' की उपाधि दी जाएगी। संतत्व की उपाधि ऐसा विधान है, जिसके द्वारा पोप यह घोषणा करते हैं कि वह व्यक्ति ईश्वर की कृपा प्राप्त करने के लिए सत्यनिष्ठा से जिया, वह स्वर्ग में ईश्वर के साथ है और सम्पूर्ण चर्च के लिए पूज्य है।
 
Image Loadingवृंदावन इसलिए है मन का मधुरतम मणिकोष
ब्रजगोपाल की जो अवस्थिति है, वह है आध्यात्मिक अस्तित्व, जो मानव मन की पकड़ के बाहर है । इस क्षेत्र में वृंदावन बाह्य जगत का वृंदावन नहीं है, वह साधक के अंतस की भावना है।
 
आगरा की रामबारात के नजारे राम बारात अपने परंपरागत मार्ग रावतपाड़ा से प्रारंभ होकर, जौहरी बाजार, दरेसी, कचहरी घाट, बेलनगंज, पथवारी, धूलियागंज, घटिया,   फुलट्टी, फव्वारा होते हुए पुन: रावतपाड़ा से 27 सितंबर की सुबह जनकपुरी बने बल्केश्वर पहुंची।  राम बारात अपने परंपरागत मार्ग रावतपाड़ा से प्रारंभ होकर, जौहरी बाजार, दरेसी, कचहरी घाट, बेलनगंज, पथवारी, धूलियागंज, घटिया, फुलट्टी, फव्वारा होते हुए पुन: रावतपाड़ा से 27 सितंबर की सुबह जनकपुरी बने बल्केश्वर पहुंची। अन्य फोटो
शब्द
Image Loadingमैं गुमशुदा: खुद को तलाशने के लिए जब बन गया डिटेक्टिव...
मैं गुमशुदा कहानी है अपने अतीत की तलाश कर रहे डिटेक्टिव गी रोलां की। अपने अतीत को लेकर उनकी जिज्ञासा और उस की खोज को लेकर उनके प्रयासों की कहानी है मै गुमशुदा।
 
Image Loadingनजाकतः एक औरत के जज्बातों को बताता उपन्यास
फ्रांसीसी कथाकार डेविड फोइन्किनोस की कहानी ला डेलीकेट्स यानी 'नज़ाकत' में इस बात को बड़े ही खूबसूरत अंदाज में एक सहज किस्सागोई के अंदाज में इस तरह से जाहिर किया गया है कि मानो वो यहीं कहीं अपने इर्द गिर्द घट रहा है।
 
​सर्वेश्वर दयाल सक्सेना ने अपने समय के साथ-साथ परवर्ती साहित्य और पत्रकारिता को भी प्रभावित किया है। यह संयोग है कि सितंबर माह में ही उनका जन्म हुआ था और निधन भी।
 
हिंदी में गीतों की समृद्ध परम्परा रही है। छायावादी कवियों ने उत्कृष्ट गीतों से हिंदी साहित्य को समृद्ध किया, तो शील और गोरख पांडेय ने एक भिन्न धरातल पर गीतों की रचना की।
 
वरिष्ठ कवि कुंवर नारायण की सिनेमा, चित्रकला, संगीत आदि कलाओं में भी गहरी दिलचस्पी है और कलाओं के साहित्य से अंतर्संबंध पर उन्होंने गंभीर चिंतन और लेखन किया है।
 
आधुनिक उर्दू शायरी की चर्चा होगी तो निदा फाजली का नाम उसमें जरूर शुमार होगा। उर्दू शायरी में 20वीं सदी के छठे दशक में जो प्रतिनिधि शायर उभर कर सामने आए, निदा साहब उनमें शामिल थे।
 
अपनी हक के लिए झुको ना तुम दुश्मन के आगे कर दो सर कलम अपनी दुश्मनों का
 
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