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शनिवार, 21 जनवरी, 2017 | 15:54 | IST
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ब्रेकिंग
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तरक्की
मनोरंजन
नाराजगी से निपटने को संघ का सहारा
यूपी और उत्तराखंड में उम्मीदवारों की घोषणा में बाहरी नेताओं को तरजीह दिए जाने से कार्यकर्ताओं में मचे बबाल को थामने के लिए भाजपा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सहारा लिया है। 10:57 PM
पंजाबः गुरजीत सिंह सबसे अमीर उम्मीदवार
चीनी उद्योग के दिग्गज राणा गुरजीत सिंह पंजाब विधानसभा चुनाव में सबसे अमीर उम्मीदवार हैं। वह कांग्रेस के टिकट पर कपूरथला से चुनाव लड़ रहे हैं। गुरजीत की पंजाब और यूपी में चीनी व शराब की फैक्टरियां हैं। 10:55 PM
कहीं पाले में संजोए रखने की जद्दोजहद तो कहीं सेंधमारी का जतन...। मामला 23 फीसदी दलित वोट बैंक का है। यूपी में 85 विधानसभा सीटें दलितों के लिए सुरक्षित हैं।  09:12 AM
 
धर्मक्षेत्रे
Image Loadingचाणक्य नीति: इन पांच लोगों के बीच से भूलकर भी न निकलें
आचार्य चाणक्य ने जीवन से जुड़ी कुछ बातों को बताया है। जीवन से जुड़ी इन बातों को जानने से जीवन में आने वाली कई परेसानियों को टाला जा सकता है।
 
Image Loadingमनुस्मृति: इन 5 तरह के लोगों को अतिथि बनाने से बचें 
आपने पढ़ा होगा कि मेहमान भगवान के बराबर होता है। हमारी संस्कृति में मेहमान को भगवान का दर्जा देकर उनका आदर सत्कार किया जाता है।
 
Image Loadingचाणक्य नीति: किसी शख्स को परखना है तो ध्यान रखें ये 4 बातें
सही इंसान की परख करना आसान काम नहीं है। दरअसल किसी भी इंसान के बारे में सही जानकारी मिलना काफी मुश्किल है। आचार्य चाणक्य ने इस सवाल का जवाब अपने एक श्लोक में दिया है।
 
Image Loadingइन पांच लोगों को खाना खिलाने से मिलता है शुभ फल
धर्मग्रंथों में कई ऐसी बातों का जिक्र किया गया है जिन्हें अपनाने से जीवन में शुभ ही शुभ होता है। रोजाना की आदतों में इन्हें अपनाकर अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है।
 
शब्द
​इंटरनेट पर हिंदी के पाठकों की संख्या बढ़ी है, तो सोशल मीडिया पर लेखकों की। 2016 का यह भी एक सच है। 2017 आते-आते साहित्य किताबों से निकल कर यूट्यूब तक जा पहुंचा, तो निराला की कविताएं रॉक की धुनों संग जुगलबंदी करती दिखाई दीं।
 
आइए रघुवीर सहाय की कविताएं फिर से पढ़ें। अगर पढ़ सकें तो जोर-जोर से पढ़ें। फिर से इसलिए भी पढ़ें, क्योंकि जीवन, सत्ता और समाज के जिन खतरों का एहसास एवं भविष्यवाणी उन्होंने की थी, वह ज्यादा मूर्त रूप में एवं साफ हो आज हमारे सामने आ गया है।
 
श्रीप्रकाश शुक्ल 90 के दशक के उत्तरार्ध के प्रतिनिधि कवि हैं। ‘कविता चुप्पी के विरुद्ध मेरी शब्द प्रवण वाचालता है और मेरी वाचालता के विरुद्ध एक अर्थ प्रवण चुप्पी’- कहने वाले श्रीप्रकाश की कविताओं का प्रतिनिधि संकलन ‘कवि ने कहा’ सदी में एक उम्मीद की तरह है।
 
​बेकल उत्साही उन चंद शख्सीयतों में हैं, जिन्हें सही मायने में गंगा-जमुनी तहजीब के लिए याद किया जाएगा। यह बेकल उत्साही ही थे, जिन्होंने उस दौर में उर्दू के मंच पर हिन्दी की धाक जमाई, जब वहां हिन्दी के लिए नाक-भौंह सिकोड़ी जाती थी।
 
Image LoadingBOOK REVIEW: इंटरनेट युग की ये प्रेम कहानी भी वर्चुअल ज्यादा लगती है
‘वो स्वाइप करके उतर गई मेरे दिल में’ सुदीप नगरकर की अंग्रेजी नाॅवेल ‘शी स्वाइप्ड राइट इनटू माय हार्ट’ का हिंदी अनुवाद है। नगरकर पहले से ही रोमांटिक नाॅवेल्स के कारण जाने-पहचाने नाम बन चुके हैं।
 
Image Loadingकहानी आदिवासियों की जहां मानवता शर्मसार, पढ़ें ये किताब...
‘आदिवासी नहीं नाचेंगे’ झारखंड की पृष्ठभूमि पर लिखी गई संथाल आदिवासियों की कहानियां हैं। आदिवासी नहीं नाचेंगे शीर्षक वस्तुतः पुस्तक में संग्रहित कहानियों का निचोड़ है, क्योंकि आदिवासी वर्षों से नाच रहे हैं कभी नियति की कठपुतली बन, कभी शासन की तो कभी रसूखदार लोगों की
 
दास्तां कहते-कहते’ श्रृंखला के तहत चार शायरों की चार किताबें हिंदी जुबान में छप कर आई हैं। वाणी प्रकाशन, दिल्ली से आई इन किताबों में से दो उर्दू से अनूदित हैं, जबकि दो हिंदी की हैं। इनसे हिंदी-उर्दू, हिंदुस्तान और पाकिस्तान, उम्रदराज पीढ़ी और युवा पीढ़ी, गुजिश्ता और मौजूदा दौर आदि अनेक चीजों के बारे में एक दिलचस्प और जरूरी तस्वीर बनती है।
 
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