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शुक्रवार, 12 फरवरी, 2016 | 21:16 | IST
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ब्रेकिंग
  • IND vs SL T20 Live: भारत ने श्रीलंका को दिया 197 रन का लक्ष्य।
तरक्की
करियर
सेहत की बेहतरी की ओर बढ़ाएं कदम
जब अभिनेता अमिताभ बच्चन से उनके नए साल के संकल्प के बारे में पूछा गया, तो जवाब में उन्होंने कहा कि कुछ करने के लिए नए साल की प्रतीक्षा क्यूं? 09:49 PM
सबसे पहले नाश्ता
हालिया सर्वे के अनुसार भारतीय लोगों में सेहत के प्रति जागरूकता बढ़ी है। पर सच यह भी है कि ऐसा उनकी खाने-पीने की आदतों में नहीं दिखता। 09:44 PM
कैसे करें बचाव जीका का खतरा
इस समय पूरी दुनिया में जीका वायरस का खौफ है। ओलंपिक 2016 का मेजबान रियो भी इस वायरस से परेशान है। 09:37 PM
 
धर्मक्षेत्रे
Image Loadingआनंद की अभिव्यक्ति वसंत उत्सव
यह जो गेरुआ है, यह वसंत का रंग है, यह वासंती रंग है। यह उदासी का रंग नहीं है, यह उत्सव का रंग है। यह रोता हुआ रंग नहीं है, यह हंसता हुआ रंग है, खिलखिलाता हुआ रंग है। वसंत जब आता है तो फूल खिलते हैं। तुम्हारे भीतर गीतों के झरने फूटते हैं।
 
Image Loadingविष्णु और शिव का रूप है वसंत
परब्रह्म की उस मानसिक इच्छा का, जो संसार की सृष्टि में प्रवृत्त होती है, मूर्तरूप ही 'काम' है। जब यह सृष्टि रचना के अनुकूल होती है तो विष्णु और शिव का साक्षात् रूप कही जाती है।
 
Image Loadingवैराग्य हो तभी मना सकते हो उत्सव
लोग कहते हैं सूर्य का उदय हो रहा हैं और सूर्यास्त हो रहा हैं | जैसे सूर्य का उदय या सूर्यास्त नहीं होता, उसी तरह आपका जन्म या मृत्यु नहीं होती |
 
जब आप जागरूक हो जाते हैं तो एक बार फिर कर्म में अकर्म और अकर्म में कर्म घटित होता है। अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ हैं, जिसे आप बहुत प्यार करते हैं, अगर आप भीतर से प्रेममय हैं तो आपको लगेगा कि आप ऊर्जा पैदा कर रहे हैं, उसे खर्च नहीं कर रहे हैं।
 
प्राण के 7 फेमस डायलॉग्स अन्य फोटो
शब्द
मोदी-शरीफ के बीच राजनीतिक दोस्ती का सफर दोनों देशों को कितना करीब लाएगा, यह तो वक्त ही बताएगा, मगर गत मंगलवार की शाम पाकिस्तानी कहानीकार इंतेजार हुसैन के इंतेकाल के साथ ही भारत-पाकिस्तान के बीच की एक जरूरी साहित्यिक-सांस्कृतिक कड़ी टूट गई।
 
सहारा इंडिया के चेयरमैन सुब्रत रॉय सहारा की ‘चिंतन तिहाड़ से’ त्रयी की पहली पुस्तक है ‘लाइफ मंत्राज’। इस पुस्तक में उन्होंने अपने जीवनानुभवों, अवलोकनों पर गहनता से लिखा है और आम लोगों की दैनंदिन समस्याओं को अपने नजरिये से पेश किया है।
 
अगुम्बे, कर्नाटक का एक गांव, जिसे प्रकृति का वरदान प्राप्त है, जिसे दूसरा चेरापूंजी कहा जाता है और जहां शंकर नाग ने ‘मालगुडी डेज’ को फिल्माया था। अगुम्बे की कथा है विकास कुमार झा के उपन्यास ‘वर्षा वन की रूपकथा’ में। प्रस्तुत हैं उपन्यास के कुछ अंश
 
आदमी जब अपनी बातें सीधे नहीं कह पाता, तब दूसरे उपाय अपनाता है। सुपरिचित लेखक कुमार विनोद का यह व्यंग्य संग्रह ऐसा ही एक ‘दूसरा’ उपाय है।
 
90 के दशक के आरंभिक वर्षों में जब हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन का जादू टूट रहा था, और शाहरुख खान का आगमन ठीक से हुआ नहीं था, तब पीयूष मिश्रा हमारा सबसे बड़ा नायक था।
 
युवा लेखिका शारदा शुक्ला की पहली किताब है ‘कलम की काकटेल’। शारदा पेशे से पत्रकार हैं और लेखन में उनकी दिलचस्पी है। पेशे और दिलचस्पी के मेल से जो कुछ सृजित हुआ है, उसकी झलक इस किताब में दिखती है। पत्रकारीय लेखन पर समसामयिक सरोकारों का दबाव ज्यादा होता है।
 
युवा व्यंग्यकार संतोष त्रिवेदी का पहला व्यंग्य संग्रह है- ‘सब मिले हुए हैं’। इनके व्यंग्य उनकी राजनीतिक और सामाजिक सजगता से उपजे हुए हैं।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड