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अभी भी तय नहीं कौन होगा यूपी का सीएम
विशेष संवाददाता लखनऊ
First Published:07-03-12 10:43 PM
समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव और प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्यपाल बीएल जोशी से बुधवार शाम राजभवन में मुलाकात की लेकिन अभी तय नहीं हो पाया है कि उत्तर प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। मुलायम या अखिलेश? इधर सूत्रों के मुताबिक होली के बाद दस मार्च को सपा के नवनिर्वाचित विधायकों की पहली बैठक के बाद अंतिम फैसले की संभावना है। उसके बाद एक-दो दिन के भीतर शपथग्रहण होगा। दूसरी ओर मुख्यमंत्री मायावती ने दिन में राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया जिसे स्वीकार करते हुए अगली व्यवस्था तक उन्हें कार्यवाहक के रूप में काम करने को कहा गया है।
बुधवार को दिन भर की बैठकों और इंतजार के बाद भी सपा भले ही अंतिम फैसला नहीं ले पाई लेकिन अखिलेश को ही मुख्यमंत्री बनाने की मांग पार्टी के अंदर जोर पकड़ रही है। बुधवार को यहां केन्द्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक में और उसके बाद भी कई नेताओं ने यह बात कही। संसदीय बोर्ड ने फैसले के लिए मुलायम को अधिकृत कर दिया है। बैठक में आजम खां मौजूद नहीं थे। हालांकि खुद अखिलेश ने संसदीय बोर्ड की बैठके से निकलने के बाद कहा कि मुलायम सिंह यादव ही मुख्यमंत्री होंगे और बैठक में यही राय उभरी है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक एक तबका चाहता है कि मुख्यमंत्री मुलायम ही बनें। इनमें कुछ वरिष्ठ नेता शामिल हैं। तर्क यह कि संगठन के पद पर रहते हुए अखिलेश सरकार चलाने की बारीकियों को करीब से समझों और लोकसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति बेहतर बनाने के काम में भी जुटें। पार्टी की लोकसभा चुनाव में ताकत बढ़े को मुलायम दिल्ली की राजनीति में खुलकर रमें और यूपी की कुर्सी पर अखिलेश बैठें। वहीं वरिष्ठ नेताओं का एक तबका ऐसा भी है जो चाहता है कि अखिलेश को मौका मिलना चाहिए क्योंकि पार्टी की ऐतिहासिक जीत उनकी मेहनत का ही नतीजा है। इनमें प्रो. रामगोपाल यादव प्रमुख हैं। इस राय से ज्यादातर युवा नेता व विधायक भी इत्तफाक रखते हैं। इनका तर्क है कि लोकसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति बेहतर बनाने की रणनीति में मुलायम को जुटना चाहिए और वही बेहतर भी होगा। संसदीय बोर्ड की बैठक से पहले मुलायम और अखिलेश ने पार्टी दफ्तर पहुंचे कई नवनिर्वाचित विधायकों से भी मुलाकात की।
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