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मित्रों को देनी पड़ती है रियायत: सू ची
यांगून, एजेंसी First Published:15-12-2012 06:32:50 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
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म्यांमार के सैन्य जुंटा के साथ संबंध कायम करने के कारण भारत के प्रति निराशा जता चुकी लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची ने शनिवार को कहा कि आपको मित्रों के लिए रियायत करनी पड़ती है, भले ही कई बार वे रास्ता भटक जाएं।

सू ची ने विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के साथ अपनी 40 मिनट की बैठक के बाद यहां यह बात कही। खुर्शीद अपनी पहली सरकारी द्विपक्षीय यात्रा पर यहां आये हुए हैं। म्यांमार में विपक्ष की नेता ने कहा कि वह चाहती है कि भारत बेहद व्यावहारिक रुख अपनाते हुए म्यांमार की स्थिति के बारे में अपना नजरिया रखे। उन्होंने कहा कि म्यामां शासन की एक व्यवस्था से दूसरी व्यवस्था में संक्रमण की प्रक्रिया में है। उन्होंने सही क्रम के बारे में भी अपनी चिंता जतायी और कहा कि गति ही सबसे महत्वपूर्ण बात नहीं होती।

सू ची ने कहा कि नहीं। भारत को लेकर मुझे कोई आशंका नहीं थी। मैं कह चुकी हूं कि कई बार मैंने निराशा महसूस की लेकिन आपको मित्रों को रियायत देनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि यदि आप अपने दोस्तों को चाहते हैं तो आपको यह भी स्वीकार करना पड़ेगा कि कई बार वे भटक जाते हैं तथा कई बार हम भी। इसलिए हमें व्यथित होने की जरूरत नहीं है। म्यांमार की 67 वर्षीय नेता ने यह बात इस सवाल के जवाब में कही कि क्या उन्हें पहले भारत को लेकर कोई आशंका थी और यदि थी तो क्या वह उसे भूल चुकी हैं।

 
 
 
 
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