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पाक में निकला दिल्ली बलात्कार पीडिता के लिए मोमबती मार्च
इस्लामाबाद, एजेंसी First Published:01-01-13 10:09 PM
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पाकिस्तानी सिविल सोसायटी समूहों के सदस्यों ने नई दिल्ली में छात्रा के सामूहिक बलात्कार कांड पर गुस्सा व्यक्त करने और बलात्कारियों को सजा देने के लिए कठोर कानूनों की मांग कर रहे भारतीय सिविल सोसायटी के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए यहां राजधानी में मोमबती मार्च निकाला।

प्रदर्शनकारियों ने मोमबती जला कर नारे लगाए हम भारत की महिलाओं के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हैं और हम हर जगह महिलाओं के लिए खड़े होंगे। इस्लामाबाद के सुपर बाजार के पास सोमवार को शाम जमा लोगों के साथ आने-जाने वाले लोग भी जुड़ते गए और सभी ने भारत में विशाल प्रदर्शनों का कारण बने सामूहिक बलात्कार की निंदा की।

इस मार्च का आयोजन पोतोहार ऑर्गनाइजेशन ऑफ डेवेलॅपमेंट एडवोकेसी, सिस्टर्स ट्रस्ट पाकिस्तान और वूमेनस इंटरनेशनल लीग फॉर पीस एण्ड फ्रीड़ा की ओर से किया गया था। वहां जमा लोगों को संबोधित करने वालों में से कई ने बलात्कारियों को मौत की सजा देने की मांग की तो कइयों ने उम्र कैद सहित अन्य कठोर सजाओं की बात की।

मीडिया के अनुसार पोतोहार ऑर्गनाइजेशन ऑफ डेवेलॅपमेंट एडवोकेसी की निदेशक समीना नजीर ने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में महिलाओं के खिलाफ हिंसा हमें कमजोर करती है। इसलिए हम यहां भारत की महिलाओं के साथ एकजुटता प्रदार्शित करने के लिए एकत्र हुए हैं और महिलाओं के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने के अपने संकल्प को बताने के लिए यहां आए हैं।

समीना नजीर ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध पाकिस्तान में हो या भारत में या फिर दुनिया के किसी भी हिस्से में सीविल सोसायटी समूह के सदस्य उसके खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान में मीडिया को महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

सिस्टर्स ट्रस्ट पाकिस्तान की अध्यक्ष रेहाना हाशमी ने कहा कि महिला अधिकारों के लिए एकजुटता प्रदर्शित करने में कोई सीमा नहीं है। उन्होंने कहा कि हम भारत में मेडिकल छात्रा के साथ हुई जघन्य घटना की कड़ी निंदा करते हैं और ऐसा अपराध करने वाले और इसका समर्थन करने वालों को कठोर दंड देने की मांग करते हैं।

कवि और मानवाधिकार कार्यकर्ता हैरिस खलीक का कहना है कि इस बर्बर घटना के बाद हमें सवाल करने की जरूरत है, सूफीवाद, बौद्ध और अहिंसा के वे सिद्धांत कहां हैं जिनकी भारत और पाकिस्तान हमेशा वकालत करते रहते हैं।

 

 
 
 
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