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सईद के आग्रह पर पाक अदालत में 31 दिसंबर तक सुनवाई स्थगित
लाहौर, एजेंसी
First Published:06-12-12 12:53 PM
पाकिस्तान की एक अदालत ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद की याचिका पर सुनवाई 31 दिसंबर तक स्थगित कर दी है। याचिका के जरिए उसने मुम्बई हमलों में मारे गए लोगों के परिजनों द्वारा अमेरिका में उसके खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे में पाकिस्तान सरकार से मदद मांगी है।
लाहौर हाईकोर्ट ने अदालत मित्र अहमर बिलाल सूफी के पाकिस्तान से बाहर होने और सुनवाई में उनके उपस्थित नहीं होने के कारण कल मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। अदालत ने सईद की याचिका पर पिछली सुनवाई में रक्षा मंत्रालय का जवाब मांगा था।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने पिछले साल हाईकोर्ट को सूचित किया था कि वह अमेरिका में दर्ज मामले में आईएसआई के वर्तमान एवं पूर्व प्रमुखों का ही बचाव करेगा। इसने कहा था कि वह सईद को कानूनी सहायता प्रदान नहीं करेगा, जो अब जमात उद दावा का प्रमुख है।
मुम्बई हमलों में मारे गए यहूदी लोगों के परिजनों द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर अमेरिकी अदालत ने सईद, आईएसआई के वर्तमान तथा पूर्व प्रमुखों और अन्य पाकिस्तानी अधिकारियों को सम्मन जारी किए थे।
मृतकों के रिश्तेदारों ने सईद, लश्कर कमांडर जकी उर रहमान लखवी, आईएसआई के पूर्व प्रमुखों नदीम ताज और अहमद शुजा पाशा तथा अन्य के खिलाफ नौ मामले दर्ज कराए थे और छह लाख 75 हजार डॉलर का मुआवजा मांगा था।
सईद ने लाहौर हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में दावा किया है कि वह धर्मार्थ संगठन का प्रमुख है और लश्कर-ए-तैयबा से उसका कोई ताल्लुक नहीं है। इस साल के शुरू में अमेरिका ने सईद पर एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया था।
लाहौर हाईकोर्ट ने अदालत मित्र अहमर बिलाल सूफी के पाकिस्तान से बाहर होने और सुनवाई में उनके उपस्थित नहीं होने के कारण कल मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। अदालत ने सईद की याचिका पर पिछली सुनवाई में रक्षा मंत्रालय का जवाब मांगा था।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने पिछले साल हाईकोर्ट को सूचित किया था कि वह अमेरिका में दर्ज मामले में आईएसआई के वर्तमान एवं पूर्व प्रमुखों का ही बचाव करेगा। इसने कहा था कि वह सईद को कानूनी सहायता प्रदान नहीं करेगा, जो अब जमात उद दावा का प्रमुख है।
मुम्बई हमलों में मारे गए यहूदी लोगों के परिजनों द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर अमेरिकी अदालत ने सईद, आईएसआई के वर्तमान तथा पूर्व प्रमुखों और अन्य पाकिस्तानी अधिकारियों को सम्मन जारी किए थे।
मृतकों के रिश्तेदारों ने सईद, लश्कर कमांडर जकी उर रहमान लखवी, आईएसआई के पूर्व प्रमुखों नदीम ताज और अहमद शुजा पाशा तथा अन्य के खिलाफ नौ मामले दर्ज कराए थे और छह लाख 75 हजार डॉलर का मुआवजा मांगा था।
सईद ने लाहौर हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में दावा किया है कि वह धर्मार्थ संगठन का प्रमुख है और लश्कर-ए-तैयबा से उसका कोई ताल्लुक नहीं है। इस साल के शुरू में अमेरिका ने सईद पर एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया था।
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