सोमवार, 15 सितम्बर, 2014 | 14:59 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
नितिन गडकरी ने कहा कि 10 दिनों में दिल्ली में फिर ई-रिक्शा चलेंगे।अगस्त में थोकमूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति घटकर 3.74 प्रतिशत रह गई, जो जुलाई में 5.19 प्रतिशत थी।उच्चतम न्यायालय ने भूषण को निर्देश दिया कि वह व्हिसल ब्लोअर का नाम सीलबंद लिफाफे में सौंपें।
 
अफगान शांति प्रक्रिया में भारत का शामिल होना जरूरी: ईरान
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:04-01-13 06:20 PM
 imageloadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ-

अफगानिस्तान से नाटो की वापसी के बाद तालिबान के सिर उठाने संबंधी भारत की चिंताओं से सहमति जताते हुए ईरान ने शुक्रवार को कहा कि देश में जारी शांति प्रक्रिया में नई दिल्ली का शामिल रहना जरूरी है।

ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सईद जलीली ने यहां कहा कि अफगानिस्तान में शांति और स्थायित्व लाने के लिए भारत और अन्य क्षेत्रीय ताकतें मिलजुल कर काम करें।

वित्तमंत्री पी. चिदंबरम के साथ विस्तृत बातचीत के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ''भारत और पाकिस्तान जैसे देश अफगानिस्तान में स्थायित्व लाने के लिए संयुक्त रणनीति पर काम करें।''

उन्होंने कहा, ''यह चिंता की बात है कि अमेरिका और पश्चिमी देश भी पिछले 10 वर्षो में अफगानिस्तान में आतंकवाद का खात्मा करने में विफल रहे।''

अफगानिस्तान में तालिबान शासन के दौरान भारत, ईरान और रूस ने विपक्षी नर्दर्न अलायंस का समर्थन किया था। तालिबान शासन को केवल तीन देशों पाकिस्तान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमिरात ने मान्यता दे रखी थी।

जलीली ने चिदंबरम के साथ द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। दोनों ने ईरान को कच्चे तेल का बकाया भुगतान के लिए उपयुक्त तरीका अपनाने पर भी बातचीत की।

अमेरिका और यूरोपीय देशों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर उस पर प्रतिबंध लगा रखा है।

जलीली ने भारत के सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन और विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के साथ खाड़ी और सीरिया की स्थिति और ईरान के परमाणु मुद्दे पर चर्चा की।

उच्च शांति परिषद अफगानिस्तान के ताजा शांति प्रक्रिया में तालिबान को शामिल किए जाने के प्रयास से भारत बेहद परेशान है। अमेरिका और ब्रिटेन ने इस कदम का पूरा समर्थन किया है।

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर होने वाली पेरिस बैठक में हिस्सा लेने के लिए तालिबान के कई वरिष्ठ नेताओं को रिहा किया है।

जलीली ने कहा कि अफगानिस्तान के मामलों में किसी प्रकार का विदेशी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, ''अफगानिस्तान की जनता को विदेशी हस्तक्षेप के बगैर अपना भविष्य तय करने की आजादी मिलनी चाहिए।''

अफगानिस्तान की जनता पर अपनी इच्छा थोपने की आजादी किसी को भी नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा कोई भी कदम नकारात्मक होगा।

 
 imageloadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ- share  स्टोरी का मूल्याकंन
 
टिप्पणियाँ
 

लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें

आज का मौसम राशिफल
अपना शहर चुने  
धूपसूर्यादय
सूर्यास्त
नमी
 : 05:41 AM
 : 06:55 PM
 : 16 %
अधिकतम
तापमान
43°
.
|
न्यूनतम
तापमान
24°