छत्तीसगढ़ मुठभेड़: एक जवान शहीद, 8 ग्रामीणों की मौत मनमोहन ने घुसपैठ मुद्दे पर चीनी प्रधानमंत्री से वार्ता की भाजपा ने अमित शाह को दिया उत्तर प्रदेश का प्रभार पाकिस्तान: नवाज शरीफ की पार्टी को बहुमत मिला दिल्ली होगी दलाल मुक्त, संपत्ति पंजीकरण हुआ आसान भारत से सैन्य मदद की मांग करेंगे करजई भारत-अमेरिकी वार्ता के एजेंडे में आतंकवाद शामिल भारत का पहला रक्षा विश्वविद्यालय गुड़गांव में स्थापित होगा ली भारत पहुंचे, सीमा विवाद पर करेंगे मनमोहन से वार्ता नागपुर देश में सबसे गर्म, पारा 47 पर पहुंचा
इस्पात संयंत्र पर फ्रांस-आर्सेलर मित्तल के बीच सहमति
पेरिस, एजेंसी
First Published:01-12-12 03:14 PM
फ्रांस के प्रधानमंत्री जीन मार्क आयरो ने कहा है कि आर्सेलर मित्तल इस्पात समूह के साथ सहमति बन गई है और अब इस्पात संयंत्र के जिस हिस्से को बंद करने की बात की जा रही थी, उसका राष्ट्रीयकरण नहीं होगा।
आर्सेलर मित्तल के साथ लंबी चली बातचीत के बाद आयरो ने कहा सरकार ने इसे अस्थाई राष्ट्रीयकरण के दायरे में नहीं रखा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्वोत्तर फ्रांस स्थित इस्पात समूह ने संकटग्रस्त फलोरेंज कारखाने में अगले पांच साल के दौरान 23 करोड़ 40 लाख डॉलर निवेश का वादा किया है।
फ्रांस सरकार और आर्सेलर मित्तल के बीच पिछले तीन दिन से बातचीत का दौर चल रहा था। आर्सेलर मित्तल ने कारखाना स्थल में पूर्वोत्तर लारेन क्षेत्र में अपनी दो धमन भटिटयों को बेचने के लिये सरकार से खरीदार ढूंढने को कहा था।
फ्रांस के फलोरेंज क्षेत्र में पिछले कुछ सालों के दौरान कई उद्योग बंद हुये और रोजगार के अवसर समाप्त हुये हैं। पिछले एक दशक में इस क्षेत्र में साढे सात लाख रोजगार समाप्त हुये।
फ्रांस सरकार और आर्सेलर मित्तल के बीच विवाद उस समय शुए हुआ जब फ्रांस के उद्योग नवीनीकरण मंत्री आनर मातंटेबोर्ग ने लक्ष्मी मित्तल के इस्पात समूह की आलोचना की। उन्होंने कहा यह समूह फ्रांस को ब्लेकमेल कर रहा है। उनकी फ्रांस में अब जरुरत नहीं है। उनकी इस टिप्पणी से व्यावसायिक क्षेत्र में नाराजगी
प्रधानमंत्री आयरो ने एक वक्तव्य को पढ़ते हुये कहा कि जब तक मौजूदा कार्बन कैप्चर परियोजना के लिये यूरोपीय संघ की वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं होती, कंपनी की बंद पड़ी दोनों भटि्टयां फिलहाल यथावत रहेंगी।
आर्सेलर मित्तल के साथ लंबी चली बातचीत के बाद आयरो ने कहा सरकार ने इसे अस्थाई राष्ट्रीयकरण के दायरे में नहीं रखा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्वोत्तर फ्रांस स्थित इस्पात समूह ने संकटग्रस्त फलोरेंज कारखाने में अगले पांच साल के दौरान 23 करोड़ 40 लाख डॉलर निवेश का वादा किया है।
फ्रांस सरकार और आर्सेलर मित्तल के बीच पिछले तीन दिन से बातचीत का दौर चल रहा था। आर्सेलर मित्तल ने कारखाना स्थल में पूर्वोत्तर लारेन क्षेत्र में अपनी दो धमन भटिटयों को बेचने के लिये सरकार से खरीदार ढूंढने को कहा था।
फ्रांस के फलोरेंज क्षेत्र में पिछले कुछ सालों के दौरान कई उद्योग बंद हुये और रोजगार के अवसर समाप्त हुये हैं। पिछले एक दशक में इस क्षेत्र में साढे सात लाख रोजगार समाप्त हुये।
फ्रांस सरकार और आर्सेलर मित्तल के बीच विवाद उस समय शुए हुआ जब फ्रांस के उद्योग नवीनीकरण मंत्री आनर मातंटेबोर्ग ने लक्ष्मी मित्तल के इस्पात समूह की आलोचना की। उन्होंने कहा यह समूह फ्रांस को ब्लेकमेल कर रहा है। उनकी फ्रांस में अब जरुरत नहीं है। उनकी इस टिप्पणी से व्यावसायिक क्षेत्र में नाराजगी
प्रधानमंत्री आयरो ने एक वक्तव्य को पढ़ते हुये कहा कि जब तक मौजूदा कार्बन कैप्चर परियोजना के लिये यूरोपीय संघ की वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं होती, कंपनी की बंद पड़ी दोनों भटि्टयां फिलहाल यथावत रहेंगी।
00

टिप्पणियाँ
टिप्पणियॉ पढ़े(1)
good news for indian business
By Shripal Singh (1st-December-2012 06:26:PM)
स्थानीय ख़बरें
एन सी आर
पंजाब
उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें
आज का मौसम राशिफल



ई-मेल
