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काबुल बैंक धोखाधड़ी में दो भारतीय शामिल
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:29-11-2012 04:25:54 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
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अधिकारियों की धोखाधड़ी तथा गबन के कारण अफगानिस्तान के काबुल बैंक के डूबने की घटना में कम से कम दो भारतीय नागरिकों के शामिल होने का अंदेशा है।

इस धोखाधड़ी में अफगानिस्तान सरकार को करीब 93.5 करोड़ डॉलर का चूना लगा है। एक स्वतंत्र जांच रिपोर्ट में यह बात कही गयी है।

काबुल बैंक के संकट की सार्वजनिक जांच रिपोर्ट (रिपोर्ट ऑफ द पब्लिक इन्क्वायरी इनटू द काबुल बैंक क्राइसिस) शीर्षक 87 पृष्ठ की इस रिपोर्ट को स्वतंत्र संयुक्त भ्रष्टाचार निरोधक निगरानी तथा मूल्यांकन समिति ने तैयार किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक बैंक के मुख्य निरीक्षकों, निगरानीकर्ताओं तथा प्रबंधकों की अगुवाई में कर्ज में धोखाधड़ी तथा गबन के कारनामे को अंजाम दिया गया। इससे बैंक को 93.5 करोड़ डॉलर का नुकसान हो जो मुख्यत: ग्राहकों की जमा राशि थी।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शेयरधारकों, संबंधित व्यक्तियों तथा कंपनियों के साथ-साथ बदनाम राजनीतिज्ञों को इससे लाभ पहुंचा। वर्ष 2010 सितंबर में काबुल बैंक संकट में आया और उसके बाद उसे अफगानिस्तान के केंद्रीय बैंक ने अपने नियंत्रण में ले लिया।

इसके बाद 5 सितंबर 2010 को पूर्व गवर्नर ने गह मंत्रालय को पत्र लिखकर काबुल बैंक के आंतरिक ऑडिट प्रबंधक तथा रिण प्रबंधक की यात्रा पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। ये दोनों भारतीय नागरिक हैं।

बहरहाल, कार्यकारियों और उनकी मौजूदा स्थिति के बारे में रिपोर्ट में कोई खास  ब्यौरा नहीं दिया गया है।

 
 
 
 
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