शुक्रवार, 24 मई, 2013 | 22:34 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
 
बहादुर शाह जफर की मजार पर पहुंचे खुर्शीद
यंगून, एजेंसी
First Published:15-12-12 02:32 PM
 ई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (1) अ+ अ-
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद जब यहां अंतिम मुगल शासक बहादुर शाह जफर की मजार पर पहुंचे तो वह जफर की एक यादगार पंक्ति का उल्लेख करना नहीं भूले। जफर ने लिखा था कि कितना है बदनसीब जफर, दफन के लिए, दो गज जमीन भी मिल ना सकी, कुए यार में।

खुर्शीद ने इसी पंक्ति को यहां बयां किया। इस मुगल शासक का निधन सात नवंबर, 1962 को रंगून (अब यंगून) में हुआ था। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत से लोहा लेते हुए वह पकड़े गए थे। इसके बाद अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें यंगून निर्वासित कर दिया।

इस मौके पर खुर्शीद ने वहां बहादुर शाह की खूबसूरत कृतियों को देखा। इनमें सभी वक्त की नमाजों का जिक्र है। खुर्शीद ने सन्स ऑफ बाबर नामक एक नाटक भी लिखा है जिसमें हर मुगल शासक और बहादुर शाह जफर के बारे में बहुत कुछ लिखा गया है।

मंत्री ने जफर के मकबरे की देखरेख करने वालों को अपने लिखे इस नाटक की एक प्रति भी भेंट की। खुर्शीद ने यहां की अतिथि पुस्तिका में लिखा कि इस स्थान का दौरा करने पर आध्यात्मिक और राजनीतिक के तौर पर मैं एक संपूर्णता और प्रेरणा महसूस करता हूं।

इस मौके पर खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस ने अकीदत पेश की और मजार पर चादर चढ़ाई। इससे पहले खुर्शीद ने यहां बौद्ध धर्म पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर म्यांमार के उप राष्ट्रपति साई मौक खाम भी मौजूद थे।

 
 Image Loadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (1) अ+ अ- share  स्टोरी का मूल्याकंन
 
 
टिप्पणियाँ
कृपया ध्यान रखें: अपनी राय देते समय अभद्र शब्द या भाषा का प्रयोग न करें। अभद्र शब्दों या भाषा का इस्तेमाल आपको इस साइट पर राय देने से प्रतिबंधित किए जाने का कारण बन सकता है। टिप्पणी लेखक का व्यक्तिगत विचार है और इसका संपादकीय नीति से कोई संबंध नहीं है। प्रासंगिक टिप्पणियां प्रकाशित की जाएंगी।
टिप्पणियॉ पढ़े(1)
आज का मानव आज का मानव सबसे दानव फिर भी ये महान है करता कुरुर्ता जानवर पर तभी ये विद्वान् है धर्म में बटा जात बटा देश, राज्य, प्रान्त में खान पान वेश भूषा बटा पुरे देश संसार में हिन्दू कहता हम बड़े मुस्लिम मानते छोटे नही ईसाई,यहूदी बौद्ध,जैन, सिख,किसी से कम नही मुस्लिम खाते गाय,भैस,बकरे,गधे,मुर्गे,सूअर से परहेज है ! मानते हिन्दू गाय को माता खाते सूअर मुर्गा बकरा ! ठाकुर खाके मुर्गा आए ठाकुराइन गले लगाये देख हरिजन के टोली देखो कैसे नाक सिकुड़ाये पंडित खाए माच्छ मंदिरा मंदिर घंटा बजाये जात धर्म के नाम पर आपस में मर कट जाए कहे योगेन्द्र ना मै बड़ा ना कर आप बड़ाई सब कुछ खा इसाई दुनिया में दब दबा बनाई अब समय आ गया जैसे रहे मिल के भाई भाई आज का मानव सबसे दानव फिर भी ये महान है
By yogender manjhi (15th-December-2012 11:59:PM)
 
 
आज का मौसम राशिफल
अपना शहर चुने  
बादलसूर्यादय
सूर्यास्त
नमी
 : 7:14 AM
 : 17:48 PM
 : 70% %
अधिकतम
तापमान
21.9°
.
|
न्यूनतम
तापमान
8.5°