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शीतल पेय अधिक मात्रा में पीने वाले लोगों के लिए यह खबर खतरे की घंटी है। एक नये अध्ययन से पता चला है कि जो लोग हर हफ्ते कम से कम दो बार मीठा शीतल पेय पीते हैं, उन्हें अग्न्याशय का कैंसर होने का ज्यादा खतरा रहता है।
अमेरिका के मिनेसोटा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के सिंगापुर में रहने वाले साठ हजार से अधिक पुरुषों और महिलाओं पर किए गए 14 साल के अध्ययन के बाद निकला यह निस्कर्ष कैंसर, एपिडेमियोलोजी, बायोमार्कर्स एंड प्रिवेंशन पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
अध्ययन में बताया गया है कि जो लोग हर सप्ताह दो या उससे अधिक बार मीठा शीतल पेय पीते हैं, उनमें इसे नहीं पीने वाले व्यक्तियों के मुकाबले अग्नाशय का कैंसर होने का खतरा 67 प्रतिशत तक अधिक रहता है।
हालांकि शोधकर्ता इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि अग्न्याशय के कैंसर के लिए शीतल पेय ही जिम्मेदार है या इन्हें पीने वाले व्यक्ति की अस्वस्थ जीवन शैली।
कुछ अध्ययनों से पता लगा है कि शीतल पेय खून में शर्करा की मात्रा बढा़ देते हैं जिससे अग्न्याशय पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता है। ब्रिटेन में अग्न्याशय का कैंसर ग्यारहवां सबसे आम कैंसर है लेकिन यह कैंसर का सबसे खतरनाक रूप भी है जिससे हर साल 7700 व्यक्तियों की मौत हो जाती है।
कैंसर और फलों के जूस के बीच कोई संबंध नहीं था लेकिन उनका मानना है कि शीतल पेय में शर्करा की अधिक मात्रा अग्न्याशय की बीमारी का कारण बन सकती है। शीतल पेय में शर्करा की अधिक मात्रा शरीर में इंसुलिन का स्तर बढा़ सकती है जिससे अग्न्याशय कैंसर की कोशिकाओं में वृद्धि हो सकती है।
उन्होंने कहा कि सिंगापुर दौलतमंद देश है जहां बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। वहां समय बिताने के लिए पसंदीदा काम भोजन करना और शापिंग है, इसलिए अध्ययन के इस नतीजे को दूसरे पश्चिमी देशों पर लागू किया जाना चाहिए।

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