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विदेश सचिव स्तरीय वार्ता के लिए भारत के प्रस्ताव के मामले में पाकिस्तान ने कहा है कि उसने भारत के सामने घुटने नहीं टेके तथा पड़ोसी देशों को वार्ता के लिए मजबूर किया गया है।
विदेश सचिव शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि समग्र वार्ता प्रक्रिया को तोड़ने वाला और पाकिस्तान के साथ संबंध खत्म करने की बात करने वाला भारत हमारे पास आया और बातचीत करने के लिए कहा। हमने उनके सामने घुटने नहीं टेके और उनके दबाव में नहीं झुके।
उन्होंने यह बात रविवार को पंजाब सूबे में अपने गृहनगर मुलतान में एक कार्यक्रम में कही। बहरहाल, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बातचीत के मामले में आगे बढ़ेगा, क्योंकि कश्मीर और नदियों के जल बंटवारे सहित विभिन्न लंबित मुद्दों पर उसका पक्ष मजबूत है।
विदेश मंत्री की यह टिप्पणी भारत की विदेश सचिव निरुपमा राव और उनके पाकिस्तानी समकक्ष सलमान बशीर के बीच बातचीत के प्रस्ताव के बाद आई है। यह बातचीत 18 या 25 फरवरी के बीच प्रस्तावित है। वर्ष 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद बातचीत को निलंबित कर दिया गया था।
कुरैशी ने दावा किया कि भारत ने पाकिस्तान को राजनयिक रूप से अलग थलग करने का प्रयास किया, लेकिन पाकिस्तान की प्रभावी नीतियों के कारण वह विफल रहा।
पाक विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान किसी दबाव को सहन नहीं करेगा तथा अपने हितों की रक्षा करेगा। कुरैशी भारत के प्रस्ताव का आकलन करने के लिए इस हफ्ते कई बैठकों की अध्यक्षता करेंगे और बातचीत के लिए एजेंडे को अंतिम रूप देंगे।
उन्होंने ध्यान दिलाया कि वह नवंबर 2008 के मुंबई हमले के समय नई दिल्ली में थे। उन्होंने कहा कि मैं अभी तक उस रुख पर कायम हूं जो उस समय पाकिस्तान ने अपनाया था। पाकिस्तान ने 26:11 हमलों की भर्त्सना की थी।
कुरैशी ने कहा कि हमारा रुख सिद्धांत और सत्य पर आधारित था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने पिछले दो सालों में कई चुनौतीपूर्ण स्थितियों का सामना किया है।
पाक विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान किसी दबाव को सहन नहीं करेगा तथा अपने हितों की रक्षा करेगा।
कुरैशी भारत के प्रस्ताव का आकलन करने के लिए इस हफ्ते कई बैठकों की अध्यक्षता करेंगे और बातचीत के लिए एजेंडे को अंतिम रूप देंगे।
उन्होंने ध्यान दिलाया कि वह नवंबर 2008 के मुंबई हमले के समय नयी दिल्ली में थे। उन्होंने कहा कि मैं अभी तक उस रुख पर कायम हूं जो उस समय पाकिस्तान ने अपनाया था। पाकिस्तान ने 26:11 हमलों की भर्त्सना की थी।
कुरैशी ने कहा कि हमारा रुख सिद्धांत और सत्य पर आधारित था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने पिछले दो सालों में कई चुनौतीपूर्ण स्थितियों का सामना किया है।

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