शुक्रवार, 03 सितम्बर, 2010 | 13:52 | IST
  RSS | 
Site Image Loading
Image Loading
Image Loading
  Image Loading अन्य फोटो मुंबई हमले की एक फाइल फोटो।
कुरैशी के आरोप का कड़ा जवाब, 'गिरेबां में झांके पाक'
लंदन, एजेंसी
First Published:29-01-10 03:35 PM
Last Updated:29-01-10 04:00 PM
 ई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ:  Image Loadingपढे  Image Loadingलिखे (0)  अ+ अ-

पाकिस्तान के विदेशमंत्री शाह महमूद कुरैशी ने मुंबई आतंकवादी हमलों की जांच में भारत पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया, जिस पर विदेशमंत्री एसएम कृष्णा को कहना पड़ा कि आतंक के केंद्र में बैठने वाले ऐसे आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबां में झांकें।

कुरैशी ने कहा कि न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (सितम्बर 2009) से इतर एसएम कृष्णा से मेरी मुलाकात हुई। मैंने उन्हें एक बेहद स्पष्ट प्रस्ताव, भविष्य की रूपरेखा के लिए दिया। उन्होंने कहा कि वह मुझसे बाद में इस पर बात करेंगे, लेकिन बाद में उन्होंने मुझसे बात नहीं की। इसका मतलब यह है कि उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है।

अफगानिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से इतर कुरैशी ने संवाददाताओं से कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि भारतीय राजनीति विभाजित है। भारत भ्रमित है। उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन की मेजबानी में कृष्णा और कुरैशी ने एक दिन पहले हाथ मिलाए थे, लेकिन अलग से बातचीत नहीं की थी।

पाकिस्तान के विदेशमंत्री कुरैशी ने कहा, दुर्भाग्यवश यहां विरोधाभास है। अभी जो हो रहा है, भारतीय विदेश कार्यालय का सार्वजनिक रुख अलग है और निजी रुख अलग।

कृष्णा ने कहा कि निजी रुख यह है कि पाकिस्तान का सहयोग अप्रत्याशित है। वे दस्तावेजों की अदला-बदली स्वीकार करते हैं, वह हमारे साथ सूचना की अदला-बदली करते हैं। उन्होंने कहा कि विदेश नीति पर भारत में राजनीतिक सहमति की कमी है।

कुरैशी के आरोपों पर कृष्णा ने कहा कि ऐसे बयान देने से पहले पाकिस्तान को अपने गिरेबां में झांकना चाहिए।
कृष्णा ने कहा कि आतंक के केंद्र में बैठे लोगों को अपने गिरेबां में झांकना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम न्यूयार्क में मिले और हमें आशा थी कि पाकिस्तान में मुंबई हमलों की साजिश रचने वालों के बारे में हमने जो दस्तावेज पाकिस्तान को सौंपे, उनके आधार पर जांच जारी रहेगी। हमने तो ऐसे किसी निष्कर्ष के बारे में नहीं सुना जो उस जांच पड़ताल से निकला हो, जो हुई है।

अफगानिस्तान में भारत की भूमिका पर दोनों देशों के विदेशमंत्रियों में मतभेद रहा। कुरैशी ने कहा, अफगानिस्तान एक संप्रभु देश है और उनके अपने संबंध हो सकते हैं। हमें उन्हें नहीं बताना है कि क्या करना है और क्या नहीं करना है। लेकिन अफगानिस्तान को भी यह समझना चाहिए कि निकट भविष्य में जो देश उसे तत्काल मदद दे सकते हैं, वह उसके ठीक पड़ोसी देश ही हैं। इस मामले पर कृष्णा ने अपने टिप्पणी में कहा कि अफगानिस्तान का कल्याण और भलाई भारतीय विदेश नीति की शीर्ष प्राथमिकताएं हैं।

 
 Image Loadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ:  Image Loadingपढे  Image Loadingलिखे (0)  अ+ अ- share   स्टोरी का मूल्याकंन
 
आज का मौसम राशिफल
अपना शहर चुने  
sky
बादल
सूर्यादय
सूर्यास्त
नमी
  : 5:58 AM
  : 18:43 PM
  : 94%
अधिकतम
तापमान
31.1°
.
|
न्यूनतम
तापमान
25.8°