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ओबामा प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि चीन सूचना के प्रवाह में बंदिशें लगा रहा है, जो सूचना के वातावरण और 21वीं शताब्दी की अपेक्षाओं के विपरीत है और अमेरिका इन मामलों को चीन के सामने रखता रहेगा।
सार्वजनिक मामलों के उप विदेश मंत्री पीजे क्राउले ने संवाददाताओं से कहा कि हम इस बात से वाकिफ हैं कि सूचना पर पाबंदियों के मामले में चीन की स्थिति अलग है। हमने देखा कि चीन खास तौर से कुछ मौकों पर सूचनाओं पर बंदिशें लगाता है। उदाहरण के तौर पर पिछले वर्ष थ्येनआनमन चौक के कार्यक्रम का नाम लिया जा सकता है। हमें लगता है कि ऐसा करना सूचना के वातावरण और 21 शताब्दी की पूर्वापेक्षाओं के विपरीत है ।
उन्होंने कहा कि अमेरिका सूचना के उन्मुक्त प्रवाह और सूचना तक निर्विघ्न पहुंच को बढ़ावा देता रहेगा। क्राउले ने कहा कि हमारा मानना है कि यह सब हमारे माहौल की बुनियादी जरूरत है, जिसमें हम रहते हैं। हम इस बात की हिमायत करने से पीछे नहीं हटेंगे कि सभी देशों को इसे बढ़ावा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने इंटरनेट के लिए एक दृष्टिकोण पेश किया और अमेरिका का मानना है कि विश्व भर में इसकी साझेदारी से सूचना के उन्मुक्त प्रवाह को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मानव अधिकार घोषणापत्र के तहत सूचना का उन्मुक्त प्रवाह तमाम नागरिकों का अधिकार है।

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