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चीन ने कहा है कि उसे अपनी इंटरनेट सेवा के लिए अमेरिका से कोई सीख लेने की जरूरत नहीं है। चीन का यह बयान अमेरिका द्वारा उसे सूचना स्वतंत्रता के मुद्दे पर चेतावनी देने के बाद आया है।
बीजिंग एसोसिएशन ऑफ ऑनलाइन मीडिया के अध्यक्ष मिन दाहोंग ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के गुरूवार के भाषण में चीन के प्रति सम्मान में कमी दिखाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक स्थायित्व के मुद्दों पर अमेरिका की शर्तें स्वीकार नहीं की जा सकती हैं।
व्यापिरक असंतुलन मुद्दा मूल्यन प्रणाली, ताईवान को शस्त्रों को बिक्री और अन्य मुद्दों पर अमेरिका और चीन के बीच मतभेदों में इंटरनेट का मुद्दा भी जुड़ गया है। मिन ने कहा कि चीन में इंटरनेट का विकास कैसे हो और वह इसे कैसे संभालता हैं यह चीन के लोगो का मसला है। उन्होंने कहा कि इस विषय में अमेरिका की सलाह की जरूरत नहीं है।
क्लिंटन ने अपने भाषण में चीन और ईरान की साइबर नीतियों की आलोचना की थी और सर्च इंजन गूगल की शिकायतों की जांच करने की मांग की थी। गौरतलब है कि गूगल ने कुछ दिन पूर्व कहा था कि साइबर हैकिंग और साइबर संबिंधत अन्य अपराधों को देखते हुए वह चीन में अपनी सेवाएं देना बंद कर देगा। चीन मे फेसबुक, ट्वीटर और यू ट्यूब को ब्लॉक कर दिया गया है।

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