पुलिसकर्मियों को छुडा़ने में पूरा समर्थन दे रहा है केन्द्र दिल्ली में डेंगू के प्रकोप पर आजाद ने की बैठक पीओके में चीन: भारत ने कराया अपनी चिंता से अवगत मारे गए बंधक पुलिसकर्मी की शिनाख्त ल्यूकास के रूप में पुलिसकर्मियों में ल्यूकास का शव मिला, इंस्पेक्टर का पता नहीं भ्रष्टाचार मामले में केतन देसाई के खिलाप पेशी वारंट जारी लंदन में पीटने से हुई थी भारतीय दुकानदार की मौत आर्थिक संकट से जूझ रहा है तालिबान: अमेरिकी जनरल दुबई में 13,000 लोगों ने अपनाया इस्लाम धर्म औरंगजेब की लिखी कुरान की प्रति होगी नीलाम
अन्य फोटो

मंगलवार, 12 जनवरी 2009 को हैती की राजधानी पोर्ट ओ प्रिंस में आए जबरदस्त भूकंप के बाद मलबे में दबे लोग। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.0 आंकी गई।
अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि हैती के राष्ट्रपति जीवित हैं लेकिन विनाशकारी भूकंप के कारण तबाही और राष्ट्रपति भवन के तहस नहस हो जाने से उनके पास रहने के लिए आवास नहीं है।
वाशिंगटन रवाना होने से पहले हवाई स्थित होनोलुलू में संवाददाताओं से बातचीत में हिलेरी ने कहा कि हैती में सरकारी इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। राष्ट्रपति जीवित हैं लेकिन उनके पास घर नहीं है। संचार की कोई व्यवस्था नहीं है।
हिलेरी ने कहा कि अमेरिका, सरकार को हैती की संचार व्यवस्था बहाल करने में मदद कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने हैती की सरकार को काफी आधिकारिक सहायता मुहैया कराई है। संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा मिशन के मार्फत काफी मदद उपलब्ध कराई जा रही है। हैती में विकास और आर्थिक विकास के कार्य में हमारी मदद कर रहे यूनाइटेड नेशंस स्टेबलाइजेशन मिशन इन हैती को बहुत अधिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, इसलिए हैती सरकार और संयुक्त राष्ट्र दोनों ही बहुत प्रभावित हुए हैं।
हिलेरी ने कहा, जहां तक हमें पता है हाल के वर्षों में सबसे अधिक जान माल का नुकसान इस आपदा में हुआ है। काफी लोगों के मरने की आशंका है। मैं उन्हें दोहराना नहीं चाहती क्योंकि हम पुष्टि नहीं कर सकते। हम वही जानते हैं जिनके बारे में पुष्ट अपुष्ट खबरें प्राप्त हो रही हैं। हिंद महासागर में आयी सुनामी के कारण भी इसी प्रकार की विनाशलीला हुई थी।
उन्होंने कहा कि मैंने इस बारे में राष्ट्रपति (ओबामा), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (रक्षा), रक्षा मंत्री गेटस, (यूएसएड) प्रशासक शाह के साथ साथ विदेश मंत्रालय के कई अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया है ताकि वे ठीक ठीक पता कर सकें कि जमीनी सचाई क्या है।
हिलेरी ने कहा कि कई लोगों से बातचीत के लिए, सूचना एकत्र करने और सेना तथा हमारे असैन्य दलों की त्वरित मदद, सहायता के प्रकार के संबंध में वस्तुस्थिति जानने के लिए मैंने बुधवार सुबह अपने प्रस्थान में कुछ विलंब किया है।
उन्होंने कहा कि हालात बहुत दर्दनाक हैं और दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि हमारे पास वह सूचना नहीं है जो एक रोड़मैप तैयार करने के लिए चाहिए ताकि हम समुचित तरीके से प्रभावितों की मदद कर सके। हालांकि उनकी मदद के लिए हम अपने संसाधनों को रवाना कर रहे हैं।
हिलेरी ने कहा कि हैती में करीब 40 से 45 हजार अमेरिकी नागरिक हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका की प्रमुख रूप से उनकी रक्षा, उन्हें सुरक्षित निकालने तथा चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी बनती है।
उन्होंने कहा, कोस्ट गार्ड पोर्ट ओ प्रिंस के करीब पहुंचने में सफल हुआ है बंदरगाह को भी कुछ क्षति पहुंची है और हेलीकाप्टरों की मदद से कई अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय आपदा वास्तव में एक अवसर होने के साथ साथ एक चुनौती भी है।
हिलेरी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र मिशन से प्राप्त हो रही खबरों के कारण संयुक्त राष्ट्र गंभीर संकट में है। जैसा कि आप जानते हैं वहां करीब सात हजार ब्राजीलियाई शांतिरक्षक मौजूद हैं। लेकिन संयुक्त राष्ट्र मिशन के प्रमुख की इस विनाशलीला में मौत हो गई है।
हिलेरी ने कहा कि उनके पति बिल क्लिंटन हैती में संरा के विशेष दूत हैं और वह भी संयुक्त राष्ट्र के अलावा व्हाइट हाउस स्थित प्रमुख अधिकारियों, विदेश मंत्रालय और यूएसएड के साथ लगातार संपर्क बनाये हुए हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि हैती के लोग एक और आपदा से गुजर रहे हैं इसलिए देश के लोगों को हमारा भरपूर समर्थन मिलेगा।
विदेश मंत्रालय में लोक मामलों के अधिकारी पीजे क्राउले ने कहा कि हैती को मदद देने के लिए कई देश आगे आये हैं। इन देशों में हालैंड, आइसलैंड, प्यूर्तोरिको, गुयाना, ब्राजील, कनाडा, बेलिज, निकारागुआ, क्यूबा, मोरक्को और डोमेनिकन रिपब्लिक शुमार है।
क्राउले ने कहा कि हमें लगता है कि फ्रांस और ब्रिटेन से तलाश और बचाव से संबंधित संसाधनों को रवाना कर दिया गया है। बहरहाल अमेरिकी लोग मदद करने के लिए खुलकर आगे आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बुधवार शाम तक एसएमएस से अपील पर 82 हजार से अधिक दानकर्ताओं से आठ लाख 28 हजार डॉलर सहायता रेड क्रास को प्राप्त हो चुकी थी।

ई-मेल

लिखे (0)









