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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अमेरिका के चार दिवसीय राजकीय दौरे के लिए रविवार को वाशिंगटन पहुंचे। प्रधानमंत्री का सेंट एंड्रयू एयरफोर्स बेस पर औपचारिक स्वागत किया गया।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति होने के नाते विकास में मदद के लिए भारत को दोहरे उपयोग की प्रौद्योगिकी दी जानी चाहिए।
समाचार चैनल सीएनएन को दिए गए एक साक्षात्कार में सिंह ने कहा, ''हम एक परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र हैं, लेकिन हम एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति हैं।'' प्रधानमंत्री के रविवार को अमेरिका पहुंचते ही इस साक्षात्कार का प्रसारण किया गया।
यह पूछे जाने पर कि परमाणु समझौते के तहत भारत को संबंधित प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण पर ओबामा प्रशासन प्रशासन के अधिक कड़े रुख से क्या वह चिंतित हैं, सिंह ने कहा, ''इन जनसंहार के हथियारों के अनधिकृत प्रसार में योगदान नहीं देने का हमारा त्रुटिहीन रिकार्ड है। इसलिए मेरा मानना है कि भारत को वैश्विक समुदाय से अधिक प्रतिफल की जरूरत है।''
सिंह ने कहा, ''भारत को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की आवश्यकता है और दोहरे उपयोग की प्रौद्योगिकी पर प्रतिबंध से हमारा विकास प्रभावित होगा।''
सिंह ने कहा कि देश से गरीबी और बीमारी को मिटाने के लिए आठ से नौ प्रतिशत की वार्षिक विकास दर आवश्यक है। इसलिए औद्योगीकरण में दोहरे उपयोग की प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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