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मंगलवार को होने वाली बैठक के एजेंडे में असैन्य परमाणु करार के क्रियान्वयन, पाकिस्तान के हालात और आतंकवाद के मुद्दे शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच मंगलवार को होने वाली बैठक के एजेंडे में असैन्य परमाणु करार के क्रियान्वयन, पाकिस्तान के हालात और आतंकवाद के मुद्दे शामिल होंगे।
इस बैठक से भारत और अमेरिका के सामरिक संबंधों को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अमेरिका यात्रा के दौरान दोनो देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे। इस दौरान आतंकवाद पर अंकुश लगाने के लिए एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए जाएंगे ताकि इस समस्या के खिलाफ सहयोग बढ़ाने का एक वैधानिक ढांचा तैयार हो सके। इसके साथ ही दोनों देश कोपेनहेगन शिखर सम्मेलन से पूर्व जलवायु परिवर्तन की समस्या पर विचार करेंगे।
मनमोहन दस महीने पुराने ओबामा प्रशासन के पहले राजकीय अतिथि हैं। प्रधानमंत्री चार दिवसीय यात्रा पर रविवार को अमेरिका पहुंचे। यहां अपने प्रवास के दौरान मनमोहन सिंह राष्ट्रपति ओबामा के साथ मुलाकात के अलावा सीनेट की विदेशी मामलों की समिति और संयुक्त व्यापार फोरम को भी संबोधित करेंगे। वह अमेरिकी उप राष्ट्रपति जोसेफ बाइडेन, प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी और अन्य वरिष्ठ अमेरिकी नेताओं से मुलाकात करेंगे।
मंगलवार को व्हाइट हाउस में मनमोहन और ओबामा के बीच होने वाली मुलाकात में आतंकवाद के मुद्दे सहित क्षेत्रीय स्थिति, जलवायु परिवर्तन, कृषि, वाणिज्य एवं व्यापारिक संबंधों और शिक्षा के मुद्दे पर बातचीत होने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार ऐसी उम्मीद की जा रही है कि इस मुलाकात के दौरान मनमोहन सिंह ओबामा को अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को दी जा रही सहायता पर भारत की चिंता से अवगत कराएंगे और आर्थिक मदद एवं साजो-सामान का दुरुपयोग रोकने के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करना चाहेंगे।
उम्मीद है कि इस दौरान मनमोहन सिंह ओबामा को मुंबई हमलों की जांच में पाकिस्तान द्वारा सहयोग न करने पर भारत की निराशा के बारे में बताएंगे। इस संबंध में भारतीय पक्ष द्वारा यह बताए जाने की संभावना है कि पिछले वर्ष 26 नवंबर को हुए इस हमले के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए सात लोगों के खिलाफ अभी तक कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। इस हमले में कुछ अमेरिकी नागरिकों सहित कुल 180 लोगों की मौत हो गई थी।
मनमोहन सिंह ओबामा को शायद यह भी बताएंगे कि पाकिस्तान में आतंकवाद का ढांचा जस का तस है और 26 नवंबर जैसे और हमलों की आशंका बनी हुई है। भारत चाहता है कि अमेरिका पाकिस्तान पर इस बात के लिए दबाव बनाए कि वह मुंबई पर हमला करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे और अपने यहां आतंकवाद के मूलभूत ढांचे को पूरी तरह खत्म करे।
पिछले वर्ष दोनो देशों के बीच हुए असैनिक परमाणु करार के कार्यान्वयन के बारे में दोनो देशों के अधिकारी भारत में समर्पित पुनसंस्करण संस्थान की स्थापना पर बातचीत को अंतिम रूप देने में व्यस्त हैं।

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