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पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक, लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी और मुंबई हमलों तथा डेनमार्क के एक अखबार को निशाना बनाने का षडयंत्र रचने के आरोपी डेविड कोलमैन हेडली ने गुरुवार को एक अमेरिकी अदालत में अपना दोष स्वीकार कर लिया।
पिछले वर्ष तीन अक्तूबर को एफबीआई के संयुक्त आतंकवाद निरोधी कार्यबल के हाथों गिरफ्तार हुए 49 वर्षीय हेडली ने अधिकतम मौत की सजा होने के बजाय हल्की सजा पाने की कोशिश के तहत अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज हैरी लाइनेनवेबर से कहा कि वह दोष स्वीकार करने के लिये अपनी याचिका में बदलाव करना चाहता है।
पाकिस्तानी राजनयिक और फिलाडेल्फिया की सोशलाइट के पुत्र हेडली ने स्वीकार किया कि उसने लश्कर ए तैयबा सहित पाकिस्तान आधारित आतंकवादी संगठनों के लिए भारत और डेनमार्क में टोह लेने की अपनी गतिविधियों को छिपाकर रखने के मकसद से एक मित्र की आव्रजन कंपनी का इस्तेमाल आड़ के रूप में किया।
नारंगी जंपसूट पहने तथा बेड़ियां डाले हेडली को अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम के बीच अदालत में पेश किया गया। अदालत के आसपास सुरक्षा बलों के साथ ही खोजी कुत्तों की तैनाती भी की गयी। खचाखच भरी अदालत में प्रवेश के लिये धातु का पता लगाने में सक्षम उपकरणों से युक्त विशेष दरवाजे लगाये गये।
हेडली ने भारत में सार्वजनिक स्थानों पर बम हमले करने, भारत में संहार करने, विदेशी आतंकवादियों और लश्कर-ए-तैयबा के षडयंत्र में सहयोग करने सहित साजिशें रचने संबंधी सभी छह आरोपों में अपना दोष स्वीकार कर लिया।
उसने भारत में अमेरिकी नागरिकों का संहार करने के लिये मदद करने और इस कत्य के लिये उकसाने के छह आरोपों में भी अपना गुनाह कबूल कर लिया। भारत ने लश्कर-ए-तैयबा पर नवंबर 2008 में मुंबई के आतंकवादी हमलों को अंजाम देने का आरोप लगाया है। इन हमलों में छह अमेरिकियों सहित 166 लोगों की मौत हुई थी।
हेडली पर डेनमार्क के अखबार जाइलैंडस-पोस्टन के खिलाफ हमले का षडयंत्र रचने का भी आरोप है। इसी अखबार ने पैगम्बर मोहम्मद के कार्टून का प्रकाशन किया था। इससे पहले, अमेरिकी मीडिया ने कहा था कि हेडली उम्र कैद की कम सजा पाने के लिये दोष स्वीकार कर सकता है। अगर उसपर दोषसिद्धी हो जाती है तो उसे अधिकतम मौत की सजा हो सकती है।
बहरहाल, आधे घंटे लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने वादा किया कि वह हेडली के लिये मौत की सजा की मांग नहीं करेगा और उसे भारत अथवा पाकिस्तान को प्रत्यर्पित नहीं किया जायेगा। हेडली के वकील जॉन थीस ने पूर्व में कहा था कि उनका मुवक्किल दोष स्वीकार करेगा लेकिन उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था कि वह उस पर लगे सभी आरोपों के मामले में ऐसा करेगा।
अमेरिका का संदिग्ध आतंकवादी हेडली इससे पहले 1998 में भी पाकिस्तान से अमेरिका में हेरोइन की तस्करी करने के मामले में गिरफ्तार हुआ था। तब उसे कम सजा मिली थी क्योंकि उसने मामले की तफ्तीश में सहयोग किया था। उसे दो वर्ष से भी कम कैद की सजा सुनायी गयी। इसके बाद वह ड्रग एनफोर्समेंट ऐडमिनिस्ट्रेशन के एजेंट के रूप में नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों की टोह लेने की मुहिम पर पाकिस्तान चला गया था।
हेडली ने स्वीकार किया कि उसने मुंबई में नवंबर 2008 में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने की साजिश और फिर बाद में डेनमार्क के एक अखबार पर हमले के षडयंत्र में हिस्सा लिया था। उसने यह भी स्वीकार किया कि उसने पाकिस्तान में लश्कर ए तैयबा के प्रशिक्षिण शिविरों में 2002 से 2005 के बीच अलग़-अलग मौकों पर पांच बार भाग लिया।
वर्ष 2005 के अंत में हेडली को लश्कर के तीन सदस्यों से टोह लेने के मकसद से भारत यात्रा करने के निर्देश मिले। उसने पांच बार यह यात्रा की। तीन वर्ष बाद मुंबई हमले हुए जिनमें मारे गये लोगों में छह अमेरिकी शामिल थे।
पैंतीस पृष्ठ के प्ली एग्रीमेंट में आतंकवादी षडयंत्र में हेडली की संलिप्तता का विस्तृत पठन शामिल है। उसके गुरुवार को दोष स्वीकार करने के समय यह प्ली एग्रीमेंट पेश किया गया। यह करार कहता है, इस प्ली एग्रीमेंट के जरिये प्रतिवादी सभी आरोपों में अपना दोष स्वेच्छा से स्वीकार करने पर सहमत होता है।
तीन अक्तूबर 2009 को गिरफ्तारी के बाद से ही हेडली सरकार के साथ सहयोग कर रहा है। करार कहता है कि उसने अपराध की जांच के दौरान ठोस सहयोग किया और अहम खुफिया जानकारी मुहैया करायी। करार के मुताबिक, हेडली के पूर्व में किये गये और भविष्य में अपेक्षित सहयोग के मद्देनजर अमेरिका के एटॉर्नी जनरल ने शिकागो के अमेरिकी एटॉर्नी को हेडली के खिलाफ मौत की सजा की मांग नहीं करने के लिये अधिकृत किया है।
एटॉर्नी जनरल इरिक होल्डर ने कहा कि दोष स्वीकार करने की गुरुवार की यह याचिका मुंबई के आतंकवादी हमलों के दौरान मारे गये 160 से अधिक लोगों के लिये इंसाफ हासिल करने की हमारी कोशिशों की दिशा में उठा एक अहम कदम है। हमारे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ काम करते हुए हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक हम मुंबई हमलों और डेनमार्क में आतंकवादी षडयंत्र के सभी संलिप्तों को न्याय के कटघरे में नहीं ले आते।
उन्होंने कहा कि इस मामले में सिर्फ आपराधिक न्याय प्रणाली को दोष स्वीकार करने की याचिका नहीं मिली है, बल्कि डेविड हेडली अब हमें आतंकवादी गतिविधियों के बारे में अहम खुफिया जानकारी मुहैया करा रहा है। जैसा कि यह मामला दर्शाता है, हमें आतंकवाद को देश में और विदेशों में शिकस्त देने के लिये हमारे पास उपलब्ध सभी उपायों का इस्तेमाल करना जारी रखना चाहिये।
वकील जॉन थीस ने इस सुनवाई के बाद कहा कि हेडली अमेरिका में होने वाली विदेशी जांच में सहयोग करेगा। प्ली एग्रीमेंट कहता है कि प्रतिवादी को इस याचिका के अनुरूप किसी भी अपराध में दोषी पाये जाने पर भारत, डेनमार्क या पाकिस्तान को प्रत्यर्पित नहीं किया जायेगा।

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