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दिल्ली में गत 16 दिसंबर को युवती के साथ एक चलती बस में सामूहिक बलात्कार किया गया, उसे बर्बरता से मारा-पीटा गया और बस से बाहर फेंक दिया गया।
गैंगरेप पीड़िता की हालत बेहद नाजुक, दुआओं का दौर जारी
सिंगापुर, एजेंसी
First Published:28-12-12 09:55 AM
Last Updated:28-12-12 11:25 AM
दिल्ली गैंगरेप की शिकार लड़की की सेहत में सुधार के लिए दुआओं का दौर जारी है। पिछले 12 दिनों से जिंदगी के लिए जूझ रही 23 वर्षीय पीड़ित युवती का सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में इलाज चल रहा है।
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में अपने इलाज के दौरान अधिकतर समय वेंटिलेटर पर रखी गई पीड़ित को गुरुवार सुबह एक एयर एंबुलेंस में यहां लाया गया। उसके साथ डॉक्टरों का एक दल और उसके परिवार के सदस्य भी थे।
अस्पताल के एक प्रवक्ता ने कहा कि मरीज कल सुबह माउंट एलिजाबेथ अस्पताल के सघन चिकित्सा कक्ष में बहुत नाजुक हालत में लाई गई। प्रवक्ता ने कहा कि उसकी जांच चल रही है और अस्पताल भारतीय उच्चायोग के साथ मिलकर काम कर रहा है। हम अनुरोध करते हैं कि मरीज और उसके परिवार की निजता का सम्मान किया जाए।
इससे पहले सिंगापुर स्थित भारतीय उच्चायोग ने कहा था कि युवती को लेकर आया विमान चांगी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कल सुबह सुबह सात बजकर 30 मिनट पर (भारतीय समयानुसार सुबह पांच बजे) उतरा।
युवती को भारत से बाहर ले जाने का निर्णय भारत सरकार के सबसे उपरी स्तर पर लिया गया। सरकार ने घोषणा की थी कि वह युवती के इलाज पर होने वाला पूरा खर्च वहन करेगी।
गत 16 दिसंबर को युवती के साथ एक चलती बस में सामूहिक बलात्कार किया गया, उसे बर्बरता से मारा-पीटा गया और बस से बाहर फेंक दिया गया। उसकी तीन बार सर्जरी की गई, लेकिन उसकी हालत नाजुक बनी रही।
उच्चायोग ने बाद में एक बयान में कहा कि लड़की को अस्पताल में पूरी चिकित्सीय देखभाल मिल रही है। बयान में कहा गया कि हम सभी चिंतित लोगों को यह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि मरीज की पूरी चिकित्सीय देखभाल की जा रही है और उच्चायोग उसके परिवार को भी हर संभव मदद दे रहा है।
उच्चायोग ने साथ ही मरीज और उसके परिवार की निजता का सम्मान करने का अनुरोध किया। बयान के अनुसार, बहुत सारे लोग मरीज की हालत के बारे में पूछताछ कर रहे हैं और कई लोगों ने मदद की भी पेशकश की है। हम मदद की पेशकश करने वाले लोगों के तहे दिल से शुक्रगुजार हैं।
इस समय हम मरीज, उसके परिवार के सदस्यों और साथ ही मौजूद चिकित्सा दल की निजता का सम्मान करने का अनुरोध करेंगे ताकि इलाज आसानी से जारी रहे। नई दिल्ली में गृह मंत्री सुशील कुमार शिन्दे ने कहा कि सरकार पीड़िता के इलाज में कोई कसर बाकी नहीं रहने देगी और उसके इलाज का पूरा खर्च उठाएगी।
शिन्दे ने एक बयान में कहा कि हम सब पीड़िता की गंभीर हालत के बारे में जानते हैं। घटना के दिन के बाद से हमने उसे सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के प्रयास किए हैं। डॉक्टरों की हर संभव कोशिशों के बाद भी पीड़ित की हालत गंभीर बनी हुई है। हम इसे लेकर चिंतित हैं।
शिन्दे ने कहा कि जब डॉक्टरों के एक दल ने सरकार को पीड़िता के इलाज के लिए बाहर भेजने का सुझाव दिया, तब सरकार ने सिंगापुर के भारतीय उच्चायोग को इसके लिए जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए।
गृह मंत्री ने कहा कि पीड़िता के परिवार वालों के सिंगापुर में रहने की व्यवस्था की गई है, क्योंकि इलाज कई हफ्तों तक खिंच सकता है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की एक बैठक में तमाम खामियों का पता लगाने और पीड़िता के मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ऊषा मेहरा की अध्यक्षता वाले एक सदस्यीय आयोग के गठन का फैसला किया गया।
सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक, डॉक्टर बी डी अथानी ने कल रात कहा कि इलाज लंबा चल सकता है। अथानी ने कहा कि युवती की आंतों और पेट में गंभीर चोटें लगी हैं और सिंगापुर में उसका एक बार से ज्यादा बार इलाज किया जाएगा, जिसमें कई हफ्ते लग सकते हैं। लड़की के आंत के कुछ हिस्सों को सर्जरी द्वारा हटा दिया गया है।
अस्पताल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉक्टर केल्विन लोह ने कहा कि विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों की टीम युवती का उपचार कर रही है और उसकी हालत को स्थिर करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
यह बहु-अंग प्रत्यारोपण विशेषज्ञता वाला अस्पताल 1973 में स्थापित हुआ था। यह 373 बिस्तरों का अस्पताल है और एशिया के बेहतरीन अस्पतालों में शुमार किया जाता है।
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में अपने इलाज के दौरान अधिकतर समय वेंटिलेटर पर रखी गई पीड़ित को गुरुवार सुबह एक एयर एंबुलेंस में यहां लाया गया। उसके साथ डॉक्टरों का एक दल और उसके परिवार के सदस्य भी थे।
अस्पताल के एक प्रवक्ता ने कहा कि मरीज कल सुबह माउंट एलिजाबेथ अस्पताल के सघन चिकित्सा कक्ष में बहुत नाजुक हालत में लाई गई। प्रवक्ता ने कहा कि उसकी जांच चल रही है और अस्पताल भारतीय उच्चायोग के साथ मिलकर काम कर रहा है। हम अनुरोध करते हैं कि मरीज और उसके परिवार की निजता का सम्मान किया जाए।
इससे पहले सिंगापुर स्थित भारतीय उच्चायोग ने कहा था कि युवती को लेकर आया विमान चांगी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कल सुबह सुबह सात बजकर 30 मिनट पर (भारतीय समयानुसार सुबह पांच बजे) उतरा।
युवती को भारत से बाहर ले जाने का निर्णय भारत सरकार के सबसे उपरी स्तर पर लिया गया। सरकार ने घोषणा की थी कि वह युवती के इलाज पर होने वाला पूरा खर्च वहन करेगी।
गत 16 दिसंबर को युवती के साथ एक चलती बस में सामूहिक बलात्कार किया गया, उसे बर्बरता से मारा-पीटा गया और बस से बाहर फेंक दिया गया। उसकी तीन बार सर्जरी की गई, लेकिन उसकी हालत नाजुक बनी रही।
उच्चायोग ने बाद में एक बयान में कहा कि लड़की को अस्पताल में पूरी चिकित्सीय देखभाल मिल रही है। बयान में कहा गया कि हम सभी चिंतित लोगों को यह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि मरीज की पूरी चिकित्सीय देखभाल की जा रही है और उच्चायोग उसके परिवार को भी हर संभव मदद दे रहा है।
उच्चायोग ने साथ ही मरीज और उसके परिवार की निजता का सम्मान करने का अनुरोध किया। बयान के अनुसार, बहुत सारे लोग मरीज की हालत के बारे में पूछताछ कर रहे हैं और कई लोगों ने मदद की भी पेशकश की है। हम मदद की पेशकश करने वाले लोगों के तहे दिल से शुक्रगुजार हैं।
इस समय हम मरीज, उसके परिवार के सदस्यों और साथ ही मौजूद चिकित्सा दल की निजता का सम्मान करने का अनुरोध करेंगे ताकि इलाज आसानी से जारी रहे। नई दिल्ली में गृह मंत्री सुशील कुमार शिन्दे ने कहा कि सरकार पीड़िता के इलाज में कोई कसर बाकी नहीं रहने देगी और उसके इलाज का पूरा खर्च उठाएगी।
शिन्दे ने एक बयान में कहा कि हम सब पीड़िता की गंभीर हालत के बारे में जानते हैं। घटना के दिन के बाद से हमने उसे सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के प्रयास किए हैं। डॉक्टरों की हर संभव कोशिशों के बाद भी पीड़ित की हालत गंभीर बनी हुई है। हम इसे लेकर चिंतित हैं।
शिन्दे ने कहा कि जब डॉक्टरों के एक दल ने सरकार को पीड़िता के इलाज के लिए बाहर भेजने का सुझाव दिया, तब सरकार ने सिंगापुर के भारतीय उच्चायोग को इसके लिए जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए।
गृह मंत्री ने कहा कि पीड़िता के परिवार वालों के सिंगापुर में रहने की व्यवस्था की गई है, क्योंकि इलाज कई हफ्तों तक खिंच सकता है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की एक बैठक में तमाम खामियों का पता लगाने और पीड़िता के मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ऊषा मेहरा की अध्यक्षता वाले एक सदस्यीय आयोग के गठन का फैसला किया गया।
सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक, डॉक्टर बी डी अथानी ने कल रात कहा कि इलाज लंबा चल सकता है। अथानी ने कहा कि युवती की आंतों और पेट में गंभीर चोटें लगी हैं और सिंगापुर में उसका एक बार से ज्यादा बार इलाज किया जाएगा, जिसमें कई हफ्ते लग सकते हैं। लड़की के आंत के कुछ हिस्सों को सर्जरी द्वारा हटा दिया गया है।
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टिप्पणियाँ
टिप्पणियॉ पढ़े(1)
hm duwa karate hai ki wo jaldi thik ho jai aur fir se apne new zindgi ki surwat kre pray to god for feel please help
By shailesh singh (28th-December-2012 01:40:PM)
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