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US सांसदों की मांग, मोदी को नहीं दिया जाए वीजा
वाशिंगटन, एजेंसी First Published:04-12-12 09:59 AMLast Updated:04-12-12 03:42 PM
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अमेरिकी कांग्रेस के 25 सदस्यों के एक समूह ने विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन से मांग की है कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्‍द्र मोदी को वीजा देने पर लगी रोक जारी रखी जाए।
   
उन्होंने अपनी मांग के समर्थन में कहा है कि मोदी सरकार 2002 के गुजरात दंगों के पीड़ितों को उचित न्याय दिलाने में असफल रही है।
   
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के 25 सदस्यों ने हिलेरी को लिखे एक पत्र में कहा है कि उन्हें लगता है कि वीजा के उनके अनुरोध को लेकर अमेरिकी नीति में बदलाव से आगे की जांच और अभियोजन को बाधित करने के मोदी और उनकी सरकार के प्रयासों को बल मिलेगा।
   
गत 29 नवंबर को लिखा गया यह पत्र सोमवार को प्रेस के लिए जारी किया गया। रिपलिब्कन पार्टी के सांसद जो पिट्स और फ्रैंक वोल्स ने कैपिटल हिल में 2002 के गुजरात दंगा पीड़ितों के परिवारों के सदस्यों के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन की पूर्व संध्या पर यह पत्र जारी किया।
    
कांग्रेस सदस्यों ने पत्र में लिखा है कि भारत एक सफल लोकतंत्र है जो ऊंचे स्तर के नेतृत्व और प्रगति की आकांक्षा रखता है। यह परेशान करने वाली बात है कि गुजरात हमलों से उनका नाम जुड़ा होने के बावजूद भारत में कुछ राजनीतिक दल मोदी को बढ़ावा दे रहे हैं।

अमेरिका आने की मंजूरी मिलने से उन्हें 2002 के मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों में अपनी जिम्मेदारी से बच निकलने में और मदद मिलेगी। पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले प्रमुख अमेरिकी सांसदों में जॉन कोनयेर्स, ट्रेंट फैरंक्स, जैम्स मोरान, माइकल होंडा, बिल पासक्रेल, बारबरा ली, एडवर्ड मार्के, जिम जॉर्डन, डैन बर्टन, माइकल कापुआनो और डॉ लैबर्न शामिल हैं।
   
सांसदों ने कहा कि बुश प्रशासन ने मोदी को वीजा देने पर सही रोक लगायी थी। मोदी इस समय प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी संभावित उम्मीदवारी के लिए समर्थन चाह रहे हैं, इसी के तहत वह विदेशी राष्ट्रों के नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं, हमें लगता है कि वह अमेरिका आने के लिए फिर से अनुरोध कर सकते हैं।
    
सांसदों ने कहा कि हम अमेरिकी सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह मोदी के वीजा से संबंधित अनुरोध को खारिज करे। सांसदों ने कहा कि आप जानते हैं कि नरेन्द्र मोदी, 2002 के दंगों के समय गुजरात के मुख्यमंत्री थे, जिनमें बहुत सी महिलाओं से बलात्कार हुआ, घर तोड़ दिए गए, लोगों के व्यापार को नुकसान पहुंचाया गया और 2,000 जानें गयीं।
    
पत्र में आरोप लगाया गया, गैर सरकारी संगठनों ने मोदी के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार पर दंगों के साजिशकर्ताओं को मदद करने के आरोप लगाए हैं। दंगों की जांच के बाद हयूमन राइट्स वॉच ने कहा था कि मुस्लिमों और दूसरे धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमलों में राज्य की भाजपा सरकार के अधिकारियों और पुलिस ने मदद की थी।
   
सांसदों ने कहा कि चूंकि इन मामलों का अभी तक निपटारा नहीं हुआ है और पीड़ितों को पूरी तरह न्याय नहीं मिल पाया है, हम आपसे अनुरोध करते हैं कि मोदी को वीजा पर लगी रोक जारी रखी जाए। अमेरिका आने की मंजूरी मिलने से उन्हें 2002 के मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों में अपनी जिम्मेदारी से बच निकलने में और मदद मिलेगी।

 
 
 
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