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आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व मंत्री ने किया सरेंडर

आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व मंत्री ने किया सरेंडर

आय से अधिक संपत्ति के मामले में आरोपित पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री राकेशधर त्रिपाठी ने बुधवार को विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) शशिकांत उपाध्याय की अदालत में समर्पण कर दिया। इस दौरान आरोपी की तरफ से हाईकोर्ट के आदेश साथ जमानत अर्जी दाखिल की गई। अदालत में अभियोजन ने इस जमानत अर्जी पर आख्या तलब करने के लिए समय मांगा। अदालत ने पूर्व मंत्री की अंतरिम जमानत मंजूर कर दी। अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।

अभियोजन के अनुसार तत्कालीन बसपा सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहे राकेशधर ने आय से अधिक संपत्ति बनाई। इसकी शिकायत पर शासन के आदेश पर खुली जांच हुई। आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में एंटीकरप्शन की टीम ने 18 जून 2013 को इलाहाबाद के मुट्ठीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले की जांच सतर्कता विभाग ने की थी। 

सतर्कता जांच में भी मिले दोषी
जांच में सतर्कता विभाग ने राकेशधर को आय से अधिक सम्पत्ति रखने का दोषी पाया। आरोप लगाया कि उनकी आय पूरे कार्यकाल में 49 लाख रुपये थी। उन्होंने अपने और परिवार पर 2007 से 2011 के बीच में करीब पौने तीन करोड़ रुपये खर्च किये। जो आय से सवा दो करोड़ रुपये अधिक थे। जांच में पाया गया कि यह रकम उन्होंने मंत्री रहते हुए कमाई और लोक सेवक पद पर रहते हुए संपत्ति अर्जित की है। आरोप है कि उन्होंने अवैध स्रोतों से 122 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति अर्जित की है। इस संबंध में स्पष्टीकरण भी मांगा गया लेकिन राकेशधर ने संतोषजनक जबाव नहीं दिया। 

शासन ने राज्यपाल की संस्तुति मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कराया। इसी साल कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई। अदालत ने हाजिर न होने पर राकेशधर त्रिपाठी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट इलाहाबाद का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने राहत देते हुए संबंधित कोर्ट में एक माह के अंदर हाजिर होने का निर्देश दिया। 

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  • Web Title:Varanasi is the Anti-Corruption Court, former Minister Rakeshdhar Tripathi Surrender, gets bail