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मऊ में 29 साल पुराने मामले में हत्यारोपित को उम्रकैद

मऊ में 29 साल पुराने  मामले में हत्यारोपित को उम्रकैद

मऊ में 29 साल पुराने हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज वीर नायक सिंह ने आरोपित जगदीश यादव को दोषी पाते हुए उम्रकैद के साथ-साथ 10 हजार रुपए का अर्थ दण्ड से भी दंडित किया। घटना के तीन आरोपित बनवारी, उदय नारायण यादव व शिव शंकर मौर्य की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो जाने से अदालत ने तीनों के खिलाफ मुकदमा समाप्त कर दिया। घटना मधुबन थाना क्षेत्र के नेवादा गांव की है।

मुकदमे के अनुसार 6 जून 1987 की रात में राम प्रसाद, उसके भाई रामदरश, रामायन, जगदीश आदि सोए थे। इस दौरान किसी के आने की आहट से राम प्रसाद की नींद टूट गयी। राम प्रसाद के मुताबिक, आरोपित बनवारी के ललकारने पर जगदीश ने जान मारने की नीयत से कट्टे से मेरे भाई रामदरश के ऊपर फायर झोंक दिया, जिससे मेरे भाई रामदरश की मृत्यु हो गई। राम प्रसाद की तहरीर पर मधुबन थाना क्षेत्र के नेवादा निवासी बनवारी, जगदीश यादव, उदय नारायण यादव व शंकर मौर्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

बाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोपित को झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। जबकि अभियोजन पक्ष के अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नंद लाल भारती ने सात गवाह पेश कर घटना के कथानक को सिद्ध कराया। दोनों पक्षों के तर्कोँ को सुनने तथा पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य एवं केस डायरी के अवलोकन के बाद न्यायाधीश ने आरोपी जगदीश यादव को हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुना दी।

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  • Web Title:The 29-year-old murder case to life imprisonment