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पुलिस अधिकारियों ने दिया मन्सूरपुर पुलिस के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन

मुजफ्फरनगर। हमारे संवाददाता First Published:23-09-2016 08:34:45 PMLast Updated:23-09-2016 08:34:45 PM
पुलिस अधिकारियों ने दिया मन्सूरपुर पुलिस के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन

घासीपुरा में मकान की छत पर मिले बदमाशों के शवों के मामले ने तूल पकड़ लिया है। देर रात मन्सूरपुर पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए थाने पर हंगामा किया गया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस पर मृतकों के परिजनों ने मन्सूरपुर एसओ पर कार्रवाई न होने तक शव लेने से इंकार कर दिया। तीन घंटे की जद्दोजहद के बाद कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर परिजन शवों को लेकर चले गये। भाकियू के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष परिजनों के साथ पोस्टमार्टम हाउस के बाहर धरने पर बैठे रहे।

पुलिस के मुताबिक बुधवार की रात मन्सूरपुर पुलिस को सूचना मिली कि घासीपुरा के जंगल में स्थित एक मकान में बदमाश छिपे हुए हैं। पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी करते हुए उन्हें सरेण्डर करने के लिए कहा तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। फायरिंग बंद होने पर पुलिस मकान की छत पर पहुंची तो छत पर तीन बदमाशों के शव पड़े मिले थे, जिनकी शिनाख्त गौरव निवासी मालेंडी, सचिन निवासी गांव बदरखा, थाना छपरौली व दीपक निवासी गांव बामडौली थाना दोघट के रुप में हुई। पुलिस का दावा है कि पुलिस से घिरने पर बदमाशों ने एक दूसरे को गोली मार दी।

पुलिस की इस कहानी पर सवाल उठाये गये है। शुक्रवार को तीनों के शव को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे भाकियू के वेस्ट यूपी अध्यक्ष चंद्रपाल फौजी व मृतकों के परिजनों ने शवों को ले जाने से इंकार कर दिया। सभी लोग पोस्टमार्टम हाउस के बाहर धरना देकर बैठ गये। उनकी मांग थी कि मन्सूरपुर एसओ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी जाए और उसे निलम्बित किया जाए। घंटों पुलिस अधिकारी लोगों को समझाते रहे। न मानने पर सीओ व पुलिस अधिकारियों ने एसएसपी दीपक कुमार से फोन से वार्ता की। लगभग तीन घंटे बाद सीओ बुढाना सुधीर तोमर ने उनकी मांगों को मानने का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने पर परिजनों शवों को लेकर लौट गये।

तीनों मृतकों का पुलिस सुरक्षा में अंतिम संस्कार

पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस ने मृतकों के परिजनों से बात की। बदरखा गांव से आये मृतक सचिन के चाचा राजकुमार व अन्य लोगों ने उसका अंतिम संस्कार शुक्रताल में करने के लिए कहा। पुलिस सुरक्षा में उसका शव शुक्रताल भिजवा दिया गया। मालेंडी गांव से आये मृतक गौरव के पिता त्रिलोकी के कहने पर शामली व जनपद की पुलिस उसका शव लेकर गांव मांलेडी में पहुंची। शाम के समय पुलिस सुरक्षा में उसका अंतिम संस्कार हुआ। इसी तरह मृतक दीपक राठी के परिजनों के कहने पर उसका शव गांव बामडौली ले जाया गया। बड़ौत व जनपद की पुलिस उसके शव के साथ गयी थी। तीनों के परिजनों ने पुलिस की कहानी को गलत ठहराते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उनका कहना है कि उनके बच्चों की हत्या की गयी है। हत्यारों को सजा मिलनी चाहिए। वे किसी तरह का कोई हंगामा करने नहीं आये है,लेकिन सच सामने आना चाहिए।

मजिस्ट्र्रीयल जांच एडीएम (ई) करेंगे

जिला मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि 21 सितम्बर 2016 की रात्रि में थाना मन्सूरपुर क्षेत्र में पुलिस की घेराबंदी के दौरान मकान में मृत मिले तीन बदमाशों के मामले की जांच अपर जिला मजिस्ट्रेट प्रशासन मनोज कुमार सिंह करेंगे।

उन्होंने बताया कि तीनों बदमाशों की मृत्यु (घटना से लेकर अन्तिम संस्कार तक) इस पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रीयल जांच करने तथा जांच आख्या उपलब्ध कराने के लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) को नामित किया गया है। इससे पूर्व एसएसपी दीपक कुमार ने इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने को डीएम को पत्र लिखा था।

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Web Title: muzaffarnagar encounter demand fir against police
 
 
 
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