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मोदी की मुहिम से यूपी में गर्माया रहा माहौल, ट्रेंड में रहा 'रोड शो'

मोदी की मुहिम से यूपी में गर्माया रहा माहौल, ट्रेंड में रहा 'रोड शो'

1/5 मोदी की मुहिम से यूपी में गर्माया रहा माहौल, ट्रेंड में रहा 'रोड शो'

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में उत्तर प्रदेश में भाजपा के एक माह लंबे प्रचार अभियान से सियासी माहौल खासा गर्माया रहा। पद पर रहते हुए एक सूबे के चुनाव में इतने बड़े पैमाने पर रैलियां शायद ही देश के किसी प्रधानमंत्री ने की हों।

उत्तर प्रदेश का चुनाव सही मायने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिष्ठा से जुड़ गया है। मोदी ने बिहार की तर्ज पर करीब दो दर्जन मेगा रैलियां यूपी में कीं। जबकि सपा की प्रचार कमान अखिलेश यादव के हाथों में रही। 

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पीएम मोदी की लोकप्रियता और भाजपा की ओर से किसी को सीएम पद का प्रत्याशी न बनाना भी इसकी अहम वजह रही। मोदी की करिश्माई छवि के बलबूते लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में 71 सीटें जीतने वाली भाजपा ने विधानसभा चुनाव में भी उनकी बेदाग छवि को भुनाने में कसर नहीं छोड़ी। 

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मेगा रोड शो से नया ट्रेंड स्थापित किया

नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में लगातार तीन दिन रहकर मेगा रोड शो के जरिये जनता से सीधे संपर्क साधने की कोशिश की। इस रणनीति से नया सियासी ट्रेंड स्थापित हुआ। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोदी ने खुद को जिस तरह से विधानसभा चुनाव में झोंका है, उसमें 11 मार्च को नतीजों को उनके प्रदर्शन से भी जोड़ा जाएगा। 'सेंटर फॉर द स्टडीज ऑफ डेवलपिंग सोसायटीज' (सीएसडीएस) के निदेशक संजय कुमार का कहना है कि वह इसे असामान्य मानते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं याद कि दो दशकों के दौरान या इससे पहले कभी किसी प्रधानमंत्री ने ऐसा प्रचार किसी विधानसभा चुनाव में किया हो।' 

पहले के पीएम करते थे एकाध रैली

प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए अटल बिहारी बाजपेयी या राजीव गांधी अपने लोकसभा क्षेत्र में एक या दो रैली करते थे, वहीं सभी उम्मीदवार मौजूद रहते थे। पीएम जैसी शख्सियत का लोकसभा क्षेत्र में तीन दिन रहकर प्रचार करना यह पहली बार हुआ है।

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