Image Loading biography of yogi adityanath - Hindustan
रविवार, 26 मार्च, 2017 | 04:47 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • पढ़ें रात 11 बजे की टॉप खबरें, शुभरात्रि
  • अंकराशि: जानिए कैसा रहेगा आपके लिए 26 मार्च का दिन
  • जरूर पढ़ें: दिनभर की 10 बड़ी रोचक खबरें
  • प्राइम टाइम न्यूज़: पढ़े अबतक की 10 बड़ी खबरें
  • करीना से अपने रिश्ते पर पहली बार बोले शाहिद, 'सबसे बड़ा राज...', यहां पढ़ें बॉलीवुड...
  • हिन्दुस्तान जॉब : 12वीं पास के बच्चों को नौकरी देगा एचसीएल, क्लिक कर पढ़े
  • सीएम बनने के बाद पहली बार गोरखपुर पहुंचे योगी, हुआ भव्य स्वागत, पढ़ें राज्यों से...
  • यूपी सीएम ने कहा, कैलाश मानसरोवर यात्रियों को एक लाख का अनुदान देंगे, पूरी खबर...
  • इलाहाबाद: कौशाम्बी के पिपरी इलाके में छेड़खानी से दुखी बीए की छात्रा ने...
  • कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 1 लाख रुपये सरकार देगी: सीएम योगी आदित्यनाथ
  • सीएम योगी आदित्य नाथ ने कहा- केंद्र की तरह यूपी में भी विकास को आगे बढ़ाना है
  • टॉप 10 न्यूज़: पढ़े अबतक की देश-विदेश और मनोरंजन की बड़ी खबरें
  • गैजेट-ऑटो अपडेट: पढ़ें अभीतक की 8 बड़ी खबरें
  • जेटली मानहानि मामला: पटियाला हाउस कोर्ट में सीएम अरविंद केजरीवाल और अन्य आप...
  • अभिनेता रजनीकांत ने तमिल समर्थक संगठनों के विरोध के मद्देनजर अपनी श्रीलंका...
  • स्पोर्ट्स अपडेटः 'चाइनामैन' कुलदीप के बारे में Interesting facts. पढ़ें, क्रिकेट की अभी तक...
  • बिहार में बदला मौसम का मिजाज, उत्तर बिहार में आंधी-तूफान, बारिश और ओला वृष्टि से...

अजय सिंह : संन्यासी, सांसद से सीएम तक

First Published:18-03-2017 11:01:36 PMLast Updated:18-03-2017 11:34:23 PM
अजय सिंह : संन्यासी, सांसद से सीएम तक

योगी आदित्यनाथ भाजपा के फायरब्रांड नेताओं में शुमार हैं। पूर्वांचल की राजनीति में उनकी पकड़ अच्छी मानी जाती है। गोरखपुर से सांसद और गोरक्षनाथ पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ कई बार अपने बयानों को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। लव जेहाद, पलायन, धर्मांतरण जैसे मसलों पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी। पौड़ी के छोटे से गांव में जन्मे अजय सिंह के योगी से सीएम की कुर्सी तक पहुंचने का सफर दिलचस्प है।

उत्तराखंड गढ़वाल के एक राजपूत परिवार में जन्मे योगी आदित्यनाथ का नाम उनके माता-पिता अजय सिंह रखा था। बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के अजय ने गढ़वाल विश्वविद्यालय से बीएससी गणित की पढ़ाई की। बीएससी करने के बाद अजय सिंह ने भगवान गोरखनाथ के बारे में अध्ययन शुरू किया। इसी दौरान वह गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ के सम्पर्क में आए। नौजवान अजय सिंह के अध्यात्म की तरफ बढ़ते रुझान ने गोरक्षपीठाधीश्वर को प्रभावित किया। धीरे-धीरे एक-दूसरे के प्रति दोनों का स्नेह बढ़ता गया और अंतत: 26 साल की उम्र में उन्होंने सन्यास ले लिया।

ऐसे आए राजनीति में
अजय सिंह ने योगी आदित्यनाथ बनने के बाद आम सन्यासियों से अलग हटकर अपने लिए एक और कठिन रास्ता चुना। यह रास्ता उन्हें धर्म और राजनीति के बीच संतुलन साधते हुए मंदिर में साधना के साथ चौबीसों घंटे की जनसेवा के लिए बाध्य करता रहा। योगी को उत्तराधिकारी बनाने के चार साल बाद ही महंत अवैद्यनाथ ने सक्रिय राजनीति से सन्यास लेने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही योगी के नौजवान कंधों पर गोरक्षपीठ की धार्मिक जिम्मेदारी के साथ-साथ राजनीतिक विरासत को संभालने की जिम्मेदारी भी आ गई। गोरक्षपीठ की परम्परा के अनुसार योगी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्याप्क जनजागरण अभियान चलाया। सहभोज के जरिए छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया। इसी दौरान घरवापसी का अभियान छेड़ने के चलते योगी पर धर्मानान्तरण कराने के आरोप भी लगे।

योगी 1998 का लोकसभा चुनाव जीतकर सबसे कम उम्र के सांसद बने। अपने विवादित बयानों के चलते योगी की छवि कट्टर हिन्दूवादी फायरब्रांड नेता की है। 2017 के विधानसभा चुनाव में वह भाजपा के स्टार प्रचारक रहे। उन्होंने यूपी पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में 175 से ज्यादा सभाएं कीं। भाजपा को प्रचंड बहुमत दिलाने में उनका बड़ा योगदान माना जा रहा है।

हियुवा से नौजवानों को जोड़ा
योगी आदित्यनाथ ने हिन्दू युवा वाहिनी (हियुवा) का गठन कर बड़ी तादाद में नौजवानों को अपने साथ जोड़ा। घरवापसी, गोरक्षा और हिन्दू पुनर्जागरण के अभियान में यह संगठन योगी आदित्यनाथ का बड़ा आधार बना। पूर्वी उत्तर प्रदेश के गांवों में बड़े पैमाने पर हियुवा की इकाइयां बनीं। इन इकाइयों में बड़ी संख्या में नौजवान शामिल हुए। इसके कई नेता आगे चलकर भाजपा के जरिए सक्रिय राजनीति में भी आए। 2017 के चुनाव में भाजपा के टिकट वितरण से नाराज होकर इसके प्रदेश अध्यक्ष ने ही बगावत भी कर दी। हालांकि योगी का हमेशा कहना रहा कि हियुवा राजनीतिक नहीं सिर्फ सांस्कृतिक संगठन है।

योगी पर हुआ था जानलेवा हमला
सात सितंबर 2008 को आजमगढ़ में उनपर जानलेवा हमला हुआ। उस हमले में वह बाल-बाल बच गए थे। उन्हें 2007 में गोरखपुर में दंगों के बाद तब गिरफ्तार किया गया जब मोहर्रम के दौरान फायरिंग में एक हिन्दू की जान चली गई।

लेखक भी हैं योगी
योगी आदित्यनाथ लेखक भी हैं। योगी नियमित डायरी भी लिखते हैं। उन्होंने 'राजयोग: स्वरूप एवं साधना', 'यौगिक षटकर्म', 'हठयोग: स्वरूप एवं साधना'और 'हिन्दू राष्ट्र नेपाल' शीर्षक से पुस्तकें लिखीं। वह गोरखनाथ मन्दिर की वार्षिक पुस्तक 'योगवाणी' के प्रधान संपादक हैं।

व्यक्तिगत परिचय
जन्म 5 जून, 1972 को उत्तराखंड में पौढ़ी गढ़वाल के यमकेश्वर में हुआ
गढ़वाल विश्वविद्यालय में गणित में बीएसएसी की डिग्री हासिल की
सात भाई बहनों में पांचवें नंबर पर हैं योगी आदित्यनाथ
1993 में योगी आदित्यनाथ घर छोड़कर गोरखपुर चले आए

बड़े बयान
हिन्दुत्व मेरे जीवन का मिशन और राजनीति सेवा का माध्यम है। धर्म और राजनीति एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
कोई काम चाहे जितना अच्छा किया गया हो उसे और अच्छा करने की गुंजाइश बनी रहती है।
गरीबों की पीड़ा के साथ मजाक करने वाला कभी सुखी नहीं रह सकता।

1990 में योगी आदित्यनाथ की गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ से भेंट होने के बाद गोरखपुर आए।

1994 में नाथ पंथ में दीक्षा ली। बाद में महंत अवैद्यनाथ ने उन्हें गोरक्षपीठ का उत्तराधिकारी बनाया।

1998 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़कर संसद पहुंचे।

ऐसे शुरू हुआ राजनीतिक सफर

15 फरवरी 1994 को दीक्षा लेने के साथ ही योगी आदित्यनाथ के सियासी सफर की ्क्रिरप्ट लिखनी शुरू हो गई थी।

1996 में योगी आदित्यनाथ ने अपने गुरू को लोकसभा चुनाव जिताने के लिए प्रचार अभियान का नेतृत्व किया।

2 साल बाद अवैद्यनाथ ने उन्हें अपनी राजनीतिक विरासत सौंप दी और वह सबसे युवा सांसद बने।

दिनचर्या
3:30 बजे सुबह योगी सोकर उठ जाते हैं। स्नान-ध्यान के बाद पांच बजे तक विशेष पूजा करते हैं। इसके बाद मंदिर परिसर में भ्रमण के बाद 6 बजे से 8.30 बजे तक स्वाध्याय
करते हैं।

8:30-9:30 बजे तक गोरक्षपीठ से जुड़ी संस्थाओं के काम और उनका निरीक्षण। फिर अल्पाहार।

10:00 बजे से जनता की बातें सुनना, अधिकारियों से बात करना। क्षेत्र में भ्रमण। शाम को गायों की सेवा।

7:00 बजे से रात 9 बजे तक पूजा पाठ, आरती। रात के भोजन के बाद 11.30 बजे तक स्वाध्याय के बाद सोना।

विवादों से नाता
2007 में गोरखपुर दंगों के बाद कफ्र्यू तोड़ने के बाद गिरफ्तार हुए।
दादरी हत्याकांड मामले आजम खां के बयान पर उन्हें बर्खास्त करने की मांग की
2014 में लव जिहाद को लेकर एक वीडियो में कथित तौर कहते दिखे कि अगर वे एक हिंदू लड़की का धर्म परिवर्तन कराएंगे तो हम 100 मुस्लिम लड़कियों का धर्मांतरण कराएंगे।
योग का विरोध करने वालों को भारत छोड़ देना चाहिए।
अगस्त 2015 में योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि मुस्लिमों के बीच ‘उच्च’ प्रजनन दर की वजह से जनसंख्या असंतुलन हो सकता है।

पसंद
गोशाला में गायों के साथ समय बिताना पसंद है। उन्हें बच्चों के साथ मिलना-जुलना भी भाता है।
लिखने के शौक के साथ उन्हें बैडमिंटन खेलना भी अच्छा लगा है।
योगी आदित्यनाथ को अक्सर पशु—पक्षियों के साथ आत्मीय संवाद करते हुए भी देखा जा सकता है।

दबदबा
अब तक योगी आदित्यनाथ की हैसियत ऐसी बन गई कि जहां वो खड़े होते, सभा शुरू हो जाती, वो जो बोल देते हैं। उनके समर्थकों के लिए वो कानून हो जाता है।
गोरखपुर और आसपास के इलाके में योगी आदित्यनाथ और उनकी हिंदू युवा वाहिनी की तूती बोलती है।

जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title: biography of yogi adityanath
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड