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बलिया : 22 को आयेगा 'रूहानी काफिला', सत्संग में जुटेंगे 40 हजार लोग

बलिया : 22 को आयेगा 'रूहानी काफिला', सत्संग में जुटेंगे 40 हजार लोग

बाबा जयगुरुदेव के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी होने का दावा करने वाले बाबा उमाकांत जी महाराज के नेतृत्व में 'रूहानी काफिला' 22 अक्तूबर को यहां आ रहा है। दो अक्तूबर को उज्जैन से निकले इस काफिले का एक पड़ाव जिले के चिलकहर ब्लाक के जूनियर हाईस्कूल असनवार के मैदान के पास प्रस्तावित है। स्थानीय प्रशासन ने पहले ही इसकी अनुमति दे दी थी लेकिन चंदौली में पिछले दिनों जयगुरुदेव के ही एक सत्संग कार्यक्रम में भगदड़ और मौतों के बाद कार्यक्रम को लेकर फिर से समीक्षा हो रही है। हालांकि अनुमति निरस्त नहीं किया गया है, लिहाजा आयोजक इसकी तैयारी में युद्धस्तर पर जुटे हैं। बुधवार को एसडीएम (रसड़ा) सुशील लाल श्रीवास्तव व सीओ (बलिया नगर) केसी सिंह ने आयोजकों के साथ इस सम्बंध में बातचीत की। 

बाबा जयगुरुदेव के एक धड़े की ओर से पंकज महाराज के नेतृत्व में चंदौली में आयोजित सत्संग में भगदड़ के दौरान दो दर्जन लोगों की मौत हो गयी थी। अब दूसरे धड़े के बाबा उमाकांत जी महाराज की ओर से उज्जैन से रूहानी काफिला निकाला गया है। इसका एक पड़ाव चिलकहर ब्लाक में ताखा पुलिस चौकी के पास स्थित आश्रम के पास होना है। इस मौके पर सत्संग के एक दिनी आयोजन में 30 से 40 हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए बेहद सतर्कता बरती जा रही है। अलग-अलग चार-पांच स्थानों पर प्रवचन व अन्य आयोजन सम्पन्न कराने की योजना है। बाबा जय गुरुदेव धर्म विकास संस्था के जिलाध्यक्ष कृपाशंकर बरनवाल के मुताबिक सत्संग के लिए 15 बीघा जमीन पर तैयारी चल रही है, जबकि इसी आकार के दो या तीन अन्य स्थानों पर वाहनों की पार्किंग व खाने-पीने का इंतजाम होगा।

कार्यक्रम की अनुमति पर फिलहाल सस्पेंस!
रूहानी यात्रा के पड़ाव के क्रम में यहां होने वाले सत्संग की अनुमति पर फिलहाल सस्पेंस कायम है। बाबा जय गुरुदेव धर्म विकास संस्था ने चंदौली में हुए हादसे से पहले ही अनुमति ले ली थी। उस घटना के बाद से इसे लेकर फिर से समीक्षा शुरू हो गयी है। कुछ स्थानों पर अनुमति निरस्त करने की सूचनाएं भी आयी हैं, लिहाजा इसे देखते हुए उहापोह की स्थिति बन गयी। मौजूदा हालात में बुधवार को एसडीएम व सीओ ने आयोजकों से बात की। एसडीएम सुशील लाल श्रीवास्तव के अनुसार संस्था ने पहले जिस स्थान पर कार्यक्रम की अनुमति ली थी, अब उन लोगों ने उसे बदल दिया है। लिहाजा फिर से स्थानीय पुलिस से रिपोर्ट मांगी गयी है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। सूत्रों की मानें तो एसपी के तबादले के बाद नये एसपी ने भी अभी यहां कार्यभार नहीं संभाला है। इसके चलते स्पष्ट रूप से कोई राय नहीं बन पायी है। हालांकि इन सबके बीच आयोजकों ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। उन्हें भरोसा है कि बिना किसी व्यवधान में कार्यक्रम सम्पन्न होगा। 

8 से 10 बीघे के चार प्लॉटों पर आयोजन
संस्था के जिलाध्यक्ष के अनुसार रूहानी काफिला के यहां पड़ाव के समय होने वाले सत्संग के लिए आठ से 10 बीघे के चार प्लॉटों की साफ-सफाई व तैयारी चल रही है। एक प्लॉट केवल सत्संग के लिए होगा, जबकि अन्य में श्रद्धालुओं के रूकने, खाने-पीने व पार्किंग की व्यवस्था होगी। बताया कि काफिला का नेतृत्व कर रहे उमाशंकर जी महाराज के साथ अन्य लोगों के साथ ही खाना बनाने के लिए 12 टीमें चल रही हैं। यह टीम एक दिन पहले ही यहां आ जायेगी तथा खाने की व्यवस्था संभालेगी। 

पंकज महाराज जैसा शक्तिप्रदर्शन नहीं 
चंदौली में भगदड़ व मौतों के बाद कुछ स्थानों पर रूहानी काफिला के पड़ाव की अनुमति नहीं देने पर बाबा जय गुरुदेव धर्म विकास संस्था के जिलाध्यक्ष कृपाशंकर बरनवाल ने कहा कि यह आयोजन चंदौली के आयोजन से अलग है। वहां पंकज जी महाराज ने सत्संग के बहाने अपना शक्तिप्रदर्शन किया, जो गलत था। उस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई को भी अनुचित बताते हुए बरनवाल ने कहा कि असली दोषी तो कार्यक्रम के बाद पूरी शान के साथ वहां से रवाना हुआ। आरोप लगाया कि पंकज महाराज को सरकार का संरक्षण प्राप्त है। 

आध्यात्मिक उत्तराधिकारी हैं बाबा उमाकांत 
जिलाध्यक्ष कृपाशंकर बरनवाल के अनुसार बाबा उमाकांत जी महाराज ही बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी हैं। ये वही बाबा जी हैं जो गौ हत्या, पशु-पक्षियों की हत्या और शराब जैसे अन्य बुद्धिनाशक नशा करने व कराने को मना करते हैं। कहा कि सत्संग के दौरान महाराज लोक-परलोक दोनों बनाने का रास्ता बतायेंगे। इनके दर्शन करने और अपनी बात कह देने से ही तकलीफों में आराम मिलने लगता है। कहा कि सत्संग में बुलाने के पीछे कोई निजी स्वार्थ नहीं है। बताया कि मध्यप्रदेश, राजस्थान के बाद आगरा के रास्ते काफिला उत्तर प्रदेश में आ रहा है। 

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  • Web Title: 40 thousand people will be deputed in satsang
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