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पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास पर सरकार ने दिया जवाब

नैनीताल। कार्यालय संवाददाता First Published:19-10-2016 07:29:35 PMLast Updated:19-10-2016 07:29:35 PM
पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास पर सरकार ने दिया जवाब

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को 16 दिसंबर तक सरकारी आवास खाली करने को नोटिस दिया गया है। सरकार की ओर से बुधवार को हाईकोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई। इधर पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने स्वास्थ्य कारणों को छूट देने की मांग रखी तथा अन्य ने समय बढ़ाने को लेकर पक्ष रखा है।

गुरुवार को अगली सुनवाई

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ व न्यायमूर्ति वीके बिष्ट क संयुक्त पीठ ने मामले में सुनवाई के लिए गुरुवार की तिथि तय की है। देहरादून के स्वयं सेवी संस्था रूलक के संचालक अवधेश कौशल ने इस मामले में जनहित याचिका दायर की थी। इसमें पहले मुख्यमंत्री रहे नित्यानंद स्वामी के अलावा अन्य द्वारा सरकारी अवासों का उपयोग करने को गलत ठहराया गया था। जनता की गाड़ी कमाई से जमा सरकारी कोष में इससे हो रहे नुकसान को देखते हुए यह सुविधा रद्द करने की मांग की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट को फैसले को बनाया आधार

इस बीच उप्र के पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुविधा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया। याचिकाकर्ता ने इसको आधार बनाते हुए अरजेंसी याचिका दायर की। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में सरकार से उचित कदम उठाने को कहा था। सुनवाई की तिथि के एक दिन पहले सरकार ने इनको 16 दिसंबर तक खाली करने का नोटिस जारी किया है। इधर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने समय बढा़ने की मांग पर एतराज जताया है। उन्होंने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट ने उप्र के मामले में केवल दो दिन माह का समय दिया था। मामले में अव गुरूवार को सुनवाई होगी।

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