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पहाड़ में लगाए जाएं लघु उद्योग

पहाड़ में लगाए जाएं लघु उद्योग

गांव बचाओ यात्रा के अगुवा और पर्यावरण विद डा. अनिल जोशी ने कहा कि पहाड़ में जैविक खेती हो रही है। इसी तरह के लघु उद्योग भी लगने चाहिए। जिससे पहाड़ की जवानी और पानी को रोका जा सकेगा। बेरोजगारी और पलायन भी काफी हद तक रूकेगा।

आगेर्निक फैक्ट्री का शिलान्यास

डॉ जोशी पुरड़ा में हिम ऑर्गनिग फैक्ट्री का शिलान्यास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन इसलिए किया गया था, कि पहाड़ के लोग महानगरों में धूल नहीं फांकेंगे। पहाड़ में छोटे उद्योग लगेंगे। लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। कुछ पहाड़ के सचेतक इस ओर कदम बढ़ा रहे हैं,  उनका स्वागत करना होगा। उन्होंने राज्य आंदोलनकारी हेम पंत की हिम ऑर्गनिग फैक्ट्री का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि जैविक खेती के साथ ही जैविक सामान भी बनाया जा रहा है। जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। 

फैक्ट्री से जुड़ हैं 2500 किसान

हेम पंत ने कहा कि कहा कि पहाड़ के मडूवा, गौहत, मॉस, मसूर राजमा, सोयाबीन, लाल चावल, भूरा चावल, मसाले और सात प्रकार के आचार वे बना रहे हैं। जिनका उत्पादन वृहद रूप में करने के लिए नई फैक्ट्री लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि उनसे 2500 किसान सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं।

50 से अधिक युवाओं को वर्तमान में नौकरी मिली है। फैक्ट्री लगने से और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि सर्फि जैविक उत्पादन ही होगा। उन्होंने बताया कि ग्रीन टी, लेमन टी समेत हरवल टी का भी उत्पादन उनकी फैक्ट्री करेगी। उन्होंने कहा कि वे कुछ गांवों से पलायन रोकने की नियत से यह कर रहे हैं। गांवों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाएगा। पदम् श्री डा. अनिल जोशी के नेतृत्व में बागेश्वर में रैली निकाली गई और गरुड़ में सभा की गई।

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  • Web Title:small scale industry should be developed in hilly areas
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