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EXCLUSIVE: यूपी में जीत के लिए सीएम घोषित करना जरूरी नहीं- अमित शाह

EXCLUSIVE: यूपी में जीत के लिए सीएम घोषित करना जरूरी नहीं- अमित शाह

यूपी के सियासी समर का पारा चरम पर है। भाजपा के सभी बड़े नेता प्रदेश की सियासत को मथ रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह यूपी में अब तक 48 रैलियां कर चुके हैं। शाह का दावा है कि यूपी में भाजपा की आंधी चल रही है। उनका मानना है कि जीत के लिए मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करना जरूरी नहीं है। यूपी, उत्तराखंड और गोवा में भाजपा बहुमत की सरकार बनाएगी। ‘हिन्दुस्तान’ के राज्य ब्यूरो प्रमुख आनंद सिन्हा ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से विधानसभा चुनाव समेत तमाम मुद्दों पर बात की। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश-

- लोग मानते हैं कि यूपी में सीएम का चेहरा न होने से भाजपा को बहुमत में दिक्कत आ सकती है। आखिर यूपी में सीएम का चेहरा कौन है?
हमारे पास कई युवा चेहरे हैं। जिन्होंने संघर्ष कर मुकाम हासिल किया है। बहुमत आने पर विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री  तय होगा। हमने हरियाणा समेत कई राज्यों में बिना सीएम के चेहरे के जीत हासिल की है।

- भाजपा प्रदेश में किन मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ रही है। लोग यूपी में भाजपा को क्यों चुनें ?
पंद्रह सालों में सपा, बसपा ने प्रदेश को चौपट कर दिया है। बारी-बारी से  इन पार्टियों ने प्रदेश को लूटने का काम किया है। कई मुद्दों पर दोनों दल मिले हुए हैं। गांवों में बिजली नहीं है। किसानों की उपज खरीदी नहीं जा रही। महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। गन्ना किसानों का भुगतान हो नहीं रहा। जनता दोनों दलों से निजात पाना चाहती है। हमने सपा, बसपा का मजबूत विकल्प दिया है। नरेंद्र मोदी की सरकार ने ढाई साल में  लोगों का जीवन स्तर उठाने का प्रयास किया है। हमने दो करोड़ महिलाओं को गैस सिलेंडर दिए हैं। यूपी में 50 लाख से ज्यादा सिलेंडर बांटे गए हैं। हर घर में बैंक खाता पहुंचाया है। बिजली देने की शुरुआत की है। समाजिक सशक्तीकरण किया जा रहा है, ताकि लोगों का जीवनस्तर ऊंचा हो सके।

- लेकिन सियासी दल तो मुद्दों की राजनीति करते नहीं। सिर्फ जातियों का समीकरण देखा जाता है ?
ये मुद्दों की राजनीति नहीं है तो क्या है। हम गरीबों की बात कर रहे हैं। सपा-बसपा के भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाया है। कानून-व्यवस्था हमारा मुद्दा है। किसानों की खुशहाली की हमने तमाम योजनाएं बनाई हैं। भर्तियों में घोटाला, निर्माण में घोटाला। भाजपा इन्हीं मुद्दों पर चुनाव लड़ रही है और हम अब तक सत्तारूढ़ दल को घेर रहे हैं। भाजपा ने प्रदेश में पॉलीटिक्स ऑफ परफार्मेंस की शुरुआत की है। इसके चलते सभी दलों की जवाबदेही तय होगी।

- सपा-कांग्रेस गठबंधन तो 300 सीटों का दावा कर रहा है? आप इस गठबंधन को किस नजरिये से देखते हैं।
यह गठबंधन नहीं है। यह दो ऐसे परिवारों का मिलन है जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। यह कोई विचारों का गठबंधन नहीं,एक अपवित्र साथ है। यूपी की जनता भाजपा को निश्चित रूप से बहुमत देगी। मैं साफ कर दूं कि 11 मार्च को परिणाम आने के बाद गठबंधन की पोल खुल जाएगी। मैं सवाल करता हूं कि बहुमत आ रहा था तो गठबंधन क्यों किया। गठबंधन करते ही उन्होंने कांग्रेस को दी गई 105 सीटों पर भाजपा की जीत का रास्ता खोल दिया। कांग्रेस का जिलों में संगठन ही नहीं है। हमें इसका लाभ मिलेगा।

- सपा का दावा है कि वह विकास कर रही है और केंद्र सरकार ने कुछ नहीं किया।
विकास के दावे की हकीकत हर कोई जानता है। क्या विकास हुआ है बताएं अखिलेश जी...। लखनऊ में मेट्रो शुरू हुई नहीं। एक्सप्रेस-वे बना नहीं। गांवों में बिजली आती नहीं। लखनऊ से आगरा तक आ जाइए आप को पता चल जाएगा कि क्या विकास हुआ है। कई बार तो गड्ढों में उतरना पड़ेगा। फिर हर काम में भ्रष्टाचार हुआ है।

- भाजपा बेहतर कानून-व्यवस्था की बात करती है। भाजपा के पास क्या कोई ठोस योजना है।
हमने अपने संकल्प पत्र में  लोक कल्याण को सबसे ऊपर रखा है। एंटी रोमियो दल बनाए जाएंगे। हर जिले में 3 महिला थाने खोले जाएंगे। महिला बटालियनें बनाई जाएंगी। हर थाने पर तुरंत एफआईआर पंजीकृत होगी। मैं पूछता हूं कि क्या थानेदार को रिपोर्ट नहीं लिखनी चाहिए लेकिन उसे ऊपर से फोन आ जाता है। रुके रहो...। क्या सरकारें ऐसे चलती हैं।

- लेकिन सपा का दावा है कि पुलिस में सुधार के तमाम काम हुए हैं। डायल-100 शुरू हुआ है-पुलिस के प्रमोशन हुए हैं।
यह तो रूटीन के काम हैं। रोजमर्रा की पुलिसिंग में यह काम करने पड़ते हैं। इसमें क्या है।

- भाजपा युवाओं को रोजगार का दावा कर रही है। आखिर कैसे देंगे रोजगार ?
हमने कहा है कि वर्ग 3 व 4 की नौकरियों में इंटरव्यू खत्म कर देंगे। भर्तियों में एक खास वर्ग और धर्म को देखकर नौकरियां नहीं दी जाएंगी। हमने तय किया है कि मेरिट के आधार पर नौकरियां दी जाएंगी। कंप्यूटर तय करेगा और सीधे चयनित आवेदक को नियुक्ति पत्र घर भेज दिया जाएगा।

- आपके घोषणा पत्र में किसानों की कर्ज माफी का वादा है लेकिन राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिया गया कर्ज कैसे माफ होगा?
हमने कहा है कि उत्तर प्रदेश में बहुमत की सरकार बनने पर हम पूरा ऋण माफ करेंगे। आगे के लिए किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज दिया जाएगा।

- लेकिन किसानों की समस्या रही है कि उनकी उपज की सही कीमत नहीं  मिल पाती। यह कैसे दिलाएंगे?
यूपी सरकार ने पूरी धान खरीद की ही नहीं। हमने तय किया है कि किसान का एक-एक किलो धान खरीद लिया जाएगा। समर्थन मूल्य पर खरीद करेंगे, जिससे किसानों की लागत निकल सके और बिचौलिए लाभ न ले सकें। गन्ना किसानों के लिए भी मिलों को गन्ना देने के 14 दिन के भीतर भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

ये भी कहा
भाजपा पर परिवारवाद के आरोप आधारहीन

परिवारवाद पर विपक्ष के आरोपों को आधारहीन बताते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विधानससभा चुनाव में पार्टी  ने कई नेताओं के परिजनोंं को टिकट जरूर दिए हैं पर यह परिवारवाद नहीं है। परिवारवाद का मतलब है कि पिता के बाद बेटे का ही मुख्यमंत्री बनना। जबकि भाजपा में ऐसा कहीं भी नहीं है। हमने ऐसे लोगों को जरूर टिकट दिया है जिनके माता-पिता पार्टी के नेता हैं पर जिन्हें टिकट दिया गया है उन्होंने भी वर्षों तक पार्टी के लिए काम किया है। क्या कोई पंद्रह साल तक संगठन में काम करे तो उसे टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। क्या पिता के बाद बेटा चुनाव नहीं लड़ सकता है।

नोटबंदी पर
नोटबंदी पर बात करने से तो अब विपक्ष भी डर गया है। शुरुआत में दो-तीन दिन बहुत हो-हल्ला किया। अब बात नहीं कर रहे। नोटबंदी से गरीबों को फायदा हुआ है।

पांच राज्यों में प्रदर्शन
भाजपा यूपी, उत्तराखंड और गोवा में पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। हां, पंजाब में विरोधी दलों से कांटे की टक्कर है। वहीं मणिपुर में चुनाव अभी उठ रहा है। वहां के लिए कुछ कहना जल्दबाजी होगी।

महाराष्ट्र में खटपट
हम वहां आमने-सामने जरूर हैं। हमारा मानना है कि वहां हम बड़े दल के रूप में उभरेंगे। लेकिन वहां गठबंधन नहीं टूटेगा।


 

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