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शरीफ की कुर्सी बची पर भ्रष्टाचार की जांच होगी

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बहुचर्चित पनामा पेपर्स लीक मामले में नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद से नहीं हटाया। मगर आरोपों की गहराई से जांच के लिए संयुक्त जांच टीम गठित करने का आदेश दिया।

शरीफ को भ्रष्टाचार के लिए दोषी मानने को लेकर पांच सदस्यीय खंडपीठ में मतभेद थे। दो जज शरीफ को अयोग्य ठहराने के पक्ष में थे। अदालत ने 3-2 के बहुमत से फैसला सुनाया। शरीफ को दोषी ठहराने या उन्हें बरी करने के बजाय पीठ ने शरीफ और उनके बेटे-बेटियों की संपत्तियों का पता लगाने के लिए एक हफ्ते में संयुक्त जांच टीम गठित करने का आदेश दिया। 

यह टीम 60 दिनों के भीतर शरीफ के परिवार के खिलाफ काला धन छिपाने के आरोपों की जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। गौरतलब है कि पनामा की कानूनी फर्म मोसेक फोंसेका के लाखों ग्राहकों के खाते लीक होने के बाद इसमें शरीफ के बेटे-बेटियों का नाम आया था। खुलासा हुआ था कि शरीफ के बेटे-बेटियों की विदेश में अघोषित संपत्तियां और लंदन में चार फ्लैट हैं।  

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  • Web Title:panama papers pakistan sc orders corruption probe against pm nawaz sharif